शिमला: निजी स्कूलों के मनमाने फीस स्ट्रक्चर पर नकेल कसने के लिए जयराम सरकार ने तैयारी कर ली है. सोमवार को कैबिनेट मीटिंग में निजी स्कूलों की तरफ से फीस व अन्य भारी-भरकम फंड वसूलने के मामले में चर्चा होगी. राज्य सरकार प्राइवेट स्कूलों की मनमानी रोकने के लिए कुछ सख्त प्रावधान करने की तैयारी में है.
यह भी संभव है कि मनमानी करने वाले स्कूलों पर भारी जुर्माना लगाया जाए. जुर्माने की राशि पांच लाख रुपए तक तय की जा सकती है. कैबिनेट मीटिंग के बाद इसी विधानसभा सत्र में निजी स्कूलों को लेकर बिल लाया जाएगा. यहां बता दें कि प्रदेश भर में निजी स्कूलों की भारी-भरकम फीस के खिलाफ अभिभावक आंदोलन कर रहे हैं.
सरकार ने तैयार किया सख्त प्रावधान वाला ड्राफ्ट
अभिभावकों को साथ लेकर वाम संगठनों ने कई बार शिमला में शिक्षा निदेशालय का घेराव भी किया है. यही नहीं, अभिभावक कई मर्तबा सीएम जयराम ठाकुर से मिलकर भी निजी स्कूलों की मनमानी की शिकायत कर चुके हैं. मामला हाईकोर्ट में भी गया था. बाद में सरकार ने डीसी की अगुवाई में कमेटी भी बनाई थी. फिर भी शिकायतों की बाढ़ नहीं रुकी तो सरकार ने सख्त कानून की ड्राफ्टिंग की है. इसमें कई सख्त प्रावधान किए जा रहे हैं.
दो से पांच लाख रुपए का जुर्माना
कानून के प्रावधानों का उल्लंघन करने पर दो से पांच लाख रुपए का जुर्माना होगा. सरकार ये प्रयास कर रही है कि निजी स्कूल वर्दी व किताबें बेचने पर भी लगाम लगाई जाएगी. अभी ये किया जा रहा है कि निजी स्कूल प्रबंधन बाजारी की ताकतों के साथ मिलकर वर्दी व किताबों के लिए कुछ ही दुकानों की मोनोपली लागू करते हैं. इस बारे में अभिभावक अब खुलकर सड़कों पर आ चुके हैं.
अभिभावक अब किसी भी सूरत में निजी स्कूलों की मनमानी सहन करने के लिए तैयार नहीं हैं, लिहाजा सरकार भी जनता की नाराजगी मोल नहीं लेना चाहती. सोमवार को कैबिनेट में ये पूरा ड्राफ्ट आएगा और मंजूरी के बाद इसे विधानसभा में बिल के रूप में पास करने के लिए लाया जाएगा.
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