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रूढ़िवादी सोच बदल विधवा से किया पुनर्विवाह, उठाई दो बच्चों की जिम्मेदारी - ईटीवी भारत

जालंधर से प्रताप नगर के 37 वर्षीय जतिंद्र सिंह ढालीवाल ने कुल्लू के भुंतर स्थित जिया गांव की 36 वर्षीय विधवा निर्मला जंबाल के साथ शादी कर अपना घर बसाया. घर परिवार के विरोध के बाद जतिंद्र ने विधवा से शादी कर उसके 15 वर्षीय बेटे व17 वर्षीय बेटी को भी अपनाया है.

नवदंपति
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Published : Jul 17, 2019, 5:15 PM IST

कुल्लू: बदलते जमाने के साथ पुरानी रूढ़िवादी सोच भी बदल रही है. इस बदलाव को सच साबित करते हुए जालंधर से प्रताप नगर के 37 वर्षीय जतिंद्र सिंह ढालीवाल ने कुल्लू के भुंतर स्थित जिया गांव की 36 वर्षीय विधवा निर्मला जंबाल के साथ शादी कर अपना घर बसाया.

घर परिवार के विरोध के बाद जतिंद्र ने विधवा से शादी कर उसके 15 वर्षीय बेटे व17 वर्षीय बेटी को भी अपनाया. निर्मला के पति का काफी समय पहले किसी बीमारी के चलते देहांत हो गया था. पति के देहांत के बाद महिला के कंधों पर एक बेटे व बेटी की जिम्मेदारी पड़ गई थी.

निर्मला एक निजी स्कूल में टीचिंग कर अपना घर चला रही थी. इस बीच किसी नेटवर्किंग कंपनी में काम के दौरान निर्मला की मुलाकात जतिंद्र से हुई और दोनों से शादी करने का फैसला लिया. जालंधर के जतिंद्र भी शादीशुदा थे, लेकिन कुछ समय पहले बीमारी के चलते उनकी पत्नी की भी मृत्यु हो गई थी.

पुनर्विवाह करने वाली नवदंपति की कहानी कुछ मिलती-जुलती है. ऐसे में दोनों ने एक-दूसरे का सहारा बनने का निर्णय लिया. निर्मला से शादी करने पर जतिंद्र ने उसके दोनों बच्चों की परवरिश करने की जिम्मेदारी उठाई है. शादी के बाद दोनों बच्चों के साथ निर्मला और जतिंद्र खुश हैं.

कुल्लू: बदलते जमाने के साथ पुरानी रूढ़िवादी सोच भी बदल रही है. इस बदलाव को सच साबित करते हुए जालंधर से प्रताप नगर के 37 वर्षीय जतिंद्र सिंह ढालीवाल ने कुल्लू के भुंतर स्थित जिया गांव की 36 वर्षीय विधवा निर्मला जंबाल के साथ शादी कर अपना घर बसाया.

घर परिवार के विरोध के बाद जतिंद्र ने विधवा से शादी कर उसके 15 वर्षीय बेटे व17 वर्षीय बेटी को भी अपनाया. निर्मला के पति का काफी समय पहले किसी बीमारी के चलते देहांत हो गया था. पति के देहांत के बाद महिला के कंधों पर एक बेटे व बेटी की जिम्मेदारी पड़ गई थी.

निर्मला एक निजी स्कूल में टीचिंग कर अपना घर चला रही थी. इस बीच किसी नेटवर्किंग कंपनी में काम के दौरान निर्मला की मुलाकात जतिंद्र से हुई और दोनों से शादी करने का फैसला लिया. जालंधर के जतिंद्र भी शादीशुदा थे, लेकिन कुछ समय पहले बीमारी के चलते उनकी पत्नी की भी मृत्यु हो गई थी.

पुनर्विवाह करने वाली नवदंपति की कहानी कुछ मिलती-जुलती है. ऐसे में दोनों ने एक-दूसरे का सहारा बनने का निर्णय लिया. निर्मला से शादी करने पर जतिंद्र ने उसके दोनों बच्चों की परवरिश करने की जिम्मेदारी उठाई है. शादी के बाद दोनों बच्चों के साथ निर्मला और जतिंद्र खुश हैं.

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जालन्धर के जतिन्द्र ने किया जिया की निर्मला से विवाहBody:

बदलते जमाने के साथ पुरानी रुढ़िवादी सोच भी बदल रही है और नई सोच नई ऊर्जा के साथ परंपरा को तोड़कर नई जगह बना रही है। इस बदलाव को सच साबित करते हुए जालंधर से प्रताप नगर के 37 वर्षीय जतिंद्र सिंह ढालीवाल ने कुल्लू के भुंतर स्थित जिया गांव की 36 वर्षीय विधवा निर्मला जंबाल के साथ शादी कर अपना घर बसाया। घर परिवार के विरोध से ऊपर उठकर नया जीवन शुरू करने का फैसला और विधवा से शादी उसके 15 वर्षीय बेटे व 17 वर्षीय बेटी को भी अपनाया। निर्मला के पति का काफी समय पहले किसी बीमारी के चलते देहांत हो गया था। पति के देहांत के बाद उसके कंधों पर एक बेटे व एक बेटी की जिम्मेदारी पड़ गई। एक निजी स्कूल में टीचिंग कर बच्चों की परवरिश कर रही थी। इसी बीच किसी नेटवर्किंग कंपनी में काम के दौरान जतिंद्र मुलाकात हुई और विचार मिलने पर दोनों नें जीवन भर साथ निभाने का फैसला लिया।

जालंधर के जतिंद्र भी शादीशुदा हैं, लेकिन उन्होंने बताया कि उनकी पत्नी की मृत्यु भी किसी बीमारी के चलते हुई जबकि उसे बचाने के लिए काफी प्रयास किए। पुनर्विवाह करने वाले नवदंपति की कहानी कुछ मिलती-जुलती ही है। जीवन साथी के बिछुड़ने के बाद दोनों को अकेलापन डसने लगा था, लेकिन दोनों की मुलाकात इस तरह हुई की दिल मिलते ही प्रेम बंधन मेंं बंध गए और दोनों ने शादी का फैसला लिया।निर्मला से शादी करने पर जतिंद्र ने उसके दो बच्चों की परवरिश की जिम्मेदारी उठाने के साथ ही पिता का प्यार भी दे रहे हैं। हर किसी को अपनी जिंदगी में एक पार्टनर की जरुरत होती हैं, जिससे वह अपनी सारी बातें शेयर कर सके। शादी के उपरांत जालंधर के जतिंद्र व कुल्लू की निर्मला दोनों बच्चों सहित खुश नजर आ रहे हैं।


Conclusion:जतिंद्र का कहना है कि अगर हम किसी इंसान की जिंदगी में खुशियां भर दें तो इससे अच्छा काम क्या हो सकता है। मैं भी अकेला था मुझे भी लाइफ पार्टनर मिल गया। निर्मला व बच्चों की खुशी के लिए मैं कुल्लू में ही घर बना कर उनकी जिंदगी को और खुशनुमा बनाना चाहता हूं।
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