चंबा: हिमाचल प्रदेश में कुछ हिस्सों में जून के महीने में भी गर्मी पड़ रही है. उसके बावजूद जंगलों में शरारती तत्व आग लगाने से बाज नहीं आ रहे हैं. जंगल में आगजनी से करोड़ों की वन संपदा जलकर राख हो रही है. इसके साथ जीव-जंतु भी इसकी चपेट में आ रहे हैं. पहाड़ी इलाकों में शरारती तत्व जंगलों में आग लगाकर नुकसान पहुंचा रहे हैं. शुक्रवार को चमेरा 1 बांध के ऊपरी पहाड़ी इलाकों में किसी ने जंगल में आग लगा दी, जिसके चलते जंगल धू-धू कर जलने लगे, हालांकि इसकी सूचना ग्रामीणों ने वन विभाग को भी दी,ले किन जब तक वन विभाग की टीम पहुंची तब तक आग से काफी नुकसान हो चुका था.
बता दें पहाड़ी इलाकों में कई क्षेत्र ऐसे होते हैं जहां अग्निशमन और वन विभाग के अन्य उपकरण आग बुझाने के लिए नहीं पहुंच पाते. जिससे करोड़ों का नुकसान होता है. वहीं, दूसरी ओर डीएफओ निशांत मंधोत्रा का कहना है कि आग लगने की सूचना लोगों ने दी थी. जिसके बाद हमने अपनी टीम मौके के लिए रवाना की गई, लेकिन पहाड़ी क्षेत्र होने के चलते वहां पहुंचने में समय लग गया. जिससे जंगल में काफी नुकसान हुआ है. हालांकि वन विभाग आम लोगों से यही अपील कर रहा है कि जो लोग भी जंगल को आग लगाते हैं. उनकी सूचना तुरंत वन विभाग को दी जाए, ताकि ऐसे लोगों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए. अधिकारियों का कहना है कि नाम बताने वाले का नाम गुप्त रखा जाएगा.
पिछले साल आग बुझाते हुए थी हुई थी अधिकारी की मौत
जानकारी के मुताबिक यहां 1 साल पहले भी भयंकर आग लगने के चलते एक क्षेत्रीय अधिकारी को भी आग बुझाते हुए जिंदगी गवानी पड़ी थी. इसको लेकर वन विभाग ने अपनी टीमें भी गठित की हैं जो आग पर काबू पाने के लिए तैयार रहती हैं, लेकिन अगर पहाड़ी क्षेत्र होते हैं तो परेशानियों का सामना करना पड़ता है.
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