बिलासपुर: एक फरवरी को केंद्र सरकार बजट जारी करने जा रही है. दूसरी ओर पूरे भारत में किसान आंदोलन चला हुआ है. उस आंदोलन पर हर किसान और आम जनता की पूरी नजर है. क्या यह बजट किसानों के लिए लाभदायक सिद्व हो सकता है या फिर एक बार फिर से किसानों को यह बजट दुविधा में डाल सकता है. यह तो एक आम जनता या किसान ही बता सकता है.
2021-22 के केंद्रीय बजट पर बिलासपुर के आर्थिकी विशेषज्ञ और किसानों के हितों की आवाज उठाने वाले स्वयंसेवी संदीप सांख्यान ने ईटीवी भारत के माध्यम से अपने अहम सुझाव भी रखे. साथ ही उन्होंने ईटीवी भारत के माध्यम से इस बजट से किसानों को फायदे होने की बात भी केंद्र सरकार तक पहुंचाने की मांग उठाई.
संदीप सांख्यान ने कहा कि देश की आर्थिकी किसानों पर निर्भर करती है. उद्योगों से होने वाला मुनाफा भी इन दिनों फीका पड़ गया है और किसानों की मेहनत व फसल से होने वाला मुनाफा देश को तरक्की की ओर ले जा सकता है.
किसानों के लिए लाभदायक हो नया बजट
ऐसे में केंद्र सरकार को इस ओर अधिक ध्यान देना चाहिए कि यह बजट केवल व केवल किसानों के हितों और लाभदायक होना चाहिए ताकि किसानों को लंबे समय से कोविड व अब आंदोलन की मार से हो रही आर्थिकी का अब लाभ मिले.
संदीप सांख्यान ने कहा कि केंद्र सरकार ने देश के उद्योगपतियों को जो यह सारे कार्यभर सौंपे है, इससे देश का किसान आर्थिकी रूप से कमजोर हुआ है. लंबे समय से किसानों के हो रहे आंदोलन इसका महत्वपूर्ण उदाहरण है.
किसानों को धोखा दे रही सरकार
संदीप सांख्यान ने कहा कि किसान सम्मान निधि की बात कर रहे हैं, वह किसानों के इस बात से ठग रहे हैं. आज इस देश का किसान पढ़ा लिखा हुआ है. बजट को लेकर जो प्रक्रिया है. वह इस बार बजट किसानों के हित में हो. केंद्र की सरकार ने उद्योगपतियों के साथ जो समझौते हुए हैं, उसको सरकार को दरकिनार करना चाहिए. वहीं, जो सरकार ने तीन बिल पास किए हैं, वह वापस लेकर किसानों के हित के बिल व बजट पास करें.
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