शिमला: गुरुवार को पूरे विश्व में मधुमेह दिवस मनाया जा रहा है. इसी कड़ी में आईजीएमसी के मधुमेह विशेषज्ञ डॉ. कुश जरियाल ने ईटीवी भारत से खास बातचीत करते हुए डायबिटीज के बारे में जानकारी दी.
मधुमेह विशेषज्ञ डॉ. कुश जरियाल ने बताया कि मधुमेह यानी डायबिटीज बीमारी प्रदेश के गांव और शहर में तेजी से फैलती जा रही है, जिसका कारण लोगों की बदलती जीवन शैली है. उन्होंने बताया कि 14 नवम्बर को मधुमेह दिवस मनाया जाता है, क्योंकि आज के दिन ही इन्सुलिन के इंजेक्शन की खोज हुई थी.
डॉ. जरियाल ने बताया कि डायबिटीज एक गंभीर बीमारी है और ये बच्चों से बुजुर्गों में होती है. उन्होंने कहा कि पहले ये रोग लोगों में कम होता था और शहर तक ही सीमित था, लेकिन अब गांव के लोग भी इसकी चपेट में आ रहे हैं.
डॉ. कुश जरियाल ने बताया कि पहले गांव के लोग अपने काम-काज में व्यस्त रहते थे और शारीरिक परिश्रम अधिक करते थे. ऐसे में गांव के लोगों को ये बीमारी नहीं होती थी, लेकिन जीवन शैली में परिवर्तन होने से गांव के लोग इस बीमारी का शिकार हो रहे हैं.
डॉ. जरियाल ने बताया कि इस बीमारी से बचने के लिए संतुलन भोजन और व्यायाम लगातार करना चाहिए. उन्होंने कहा कि इस बीमारी के लक्षण शूरू में नजर नहीं आते हैं, लेकिन 45 से अधिक उम्र के लोगों को अपना चेकअप समय-समय पर करवाना चाहिए.