सुंदरनगर : प्रदेश आउटसोर्स इंप्लाइज यूनियन का सम्मेलन शनिवार को सुंदरनगर में आयोजित हुआ. इस मौके पर हिमाचल प्रदेश राज्य बिजली बोर्ड कर्मचारी यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष कुलदीप सिंह खरवाड़ा ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की. सम्मेलन में प्रदेश सरकार की ओर से विभाग में आउटसोर्स व्यवस्था को एक गैर-जिम्मेदार और शोषण आधारित व्यवस्था बताया गया है.
इसके तहत कुछ सर्विस प्रोवाइडर की ओर से न्यूनतम वेतन से कर्मचारियों को महरूम रखा जाता है. इसके अलावा सर्विस प्रोवाइडर की ओर से करोड़ों रुपये ईपीएफ कर्मचारियों के खाते में जमा न करवा कर बड़े घोटाले का अंजाम दिया जा रहा है.
जानकारी देते हुए प्रदेशाध्यक्ष कुलदीप सिंह खरवाड़ा ने कहा कि विभिन्न दुर्घटनाओं में मारे जा चुके आउटसोर्स कर्मचारियों के परिजनों को किसी किस्म की आर्थिक सहायता न मिल पाने से यह परिवार दो वक्त की रोटी से भी महरूम हो चुके हैं. उन्होंने कहा कि परिवारों को बच्चों की शिक्षा का खर्चा उठा पाना भी संभव नहीं है.
पहले सप्ताह में वेतन देने की मांग
उन्होंने कहा कुछ सर्विस प्रोवाइडर्स आउटसोर्स कर्मचारियों को समय पर वेतन देने के बजाय महीने के अंत में वेतन देते हैं और कई बार दो-दो महीने के बाद वेतन दिया जाता हैं. उन्होंने बोर्ड प्रबंधन और राज्य सरकार से प्रथम सप्ताह में ही वेतन अदायगी सुनिश्चित करवाने की मांग की है.
सर्विस प्रोवाइडरों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग
इस दौरान उन्होंने कहा कि यूनियन कर्मचारियों का ईपीएफ और ईपीएफ डकारने वाले सर्विस प्रोवाइडरों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग करती है. उन्होंने वर्तमान में काम कर रहे आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए स्थाई नीति बना कर उन्हें विभाग में समायोजित करने और भविष्य में आउटसोर्स की भर्ती पूरी तरह से बंद कर इसे बोर्ड के माध्यम से ही करनी भर्ती प्रक्रिया को अंजाम देने की मांग की.
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