यमुनानगर: कोरोना महामरी के चलते लॉकडाउन में आई मंदी का असर हर क्षेत्र मे देखने को मिला. यमुनानगर जिला में भी रिहायशी, कमर्शियल और कृषि कार्य के लिए खरीदी-बेची जाने वाली जमीन पर असर देखने को मिला है. प्रशासन ने इस बार जमीन के कलेक्टर रेट में किसी भी प्रकार की बढ़ोतरी नहीं की है.
जमीन के कलेक्टर रेट में किसी भी तरह की वृद्धि नहीं होने की वजह से हर वर्ग के लोगों के लिए राहत भरी खबर है. पिछले दिनों लगे लॉकडाउन की वजह से लोगों का काम और बिजनेस बुरी तरह से ठप हो गया है. जमीन की खरीद ना के बराबर ही रही है.
जिला उपायुक्त मुकुल कुमार का कहना है कि यमुनानगर जिला के सभी तहसील और उपतहसील के साल 2020 से साल 2021 के प्रथम और द्वितीय फेस 1 अप्रैल 2020 से 31 मार्च 2021 के लिए भूमि की विभिन्न किस्मों के प्रस्तावित कलेक्टर रेट और दिशा निर्देश को यमुनानगर की वेबसाइट पर अपलोड किया गया है.
उन्होंने बताया कि यदी किसी भी व्यक्ति को कलेक्टर रेट से किसी भी प्रकार की आपती है तो जिला सचिवालय में अपने सुझाव 28 सितंबर तक जिला राजस्व अधिकारी कार्यालय में दे सकेंगे उन्होने बताया कि आर्थिक तंगी के चलते लोगों ने जमीन नहीं खरीदी प्रशासन ने भी भांप लिया और कलेक्टर रेट में किसी प्रकार का बढ़ोतरी करने का निर्णय नहीं लिया.