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सोनीपत: ग्रीष्मकालीन अवकाश के बीच शिक्षकों ने घर-घर जाकर बांटी किताबें - sonipat news

गन्नौर में अध्यापकों ने बच्चों के समय को बचाने के लिए अब उनके घर पर ही किताब बांट रहे हैं. ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान शिक्षकों ने गांव में घर-घर जाकर बच्चों को किताबें बांटी.

Teachers distributed books to students in gannaur during lockdown
Teachers distributed books to students in gannaur during lockdown
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Published : Jul 2, 2020, 12:56 PM IST

सोनीपत: लॉकडाउन के दौरान करीब पिछले तीन महीने से सभी स्कूल बंद पड़े हैं और अभी भी कोरोना के खतरे को देखते हुए सरकार ने स्कूल बंद करने का फैसला किया है. प्रदेश सरकार ने ग्रीष्मकालीन अवकाश को 1 से 27 जुलाई तक जारी रखने का फैसला किया है. स्कूल बंद होने से बच्चों की पढ़ाई का काफी नुकसान हो रहा है. इस नुकसान की भरपाई करने के लिए गन्नौर में अध्यापकों ने बड़ा ही सराहनीय कदम उठाया है.

गन्नौर में अध्यापकों ने बच्चों के समय को बचाने के लिए अब उनके घर पर ही किताब बांट रहे हैं. बता दें कि गन्नौर के विभिन्न राजकीय स्कूलों के शिक्षकों ने शिक्षा विभाग की तरफ से छठी से आठवीं क्लास तक किताबें बांट रहे हैं. किताबें बांटने के लिए पहला कदम पबनेरा गांव के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल के शिक्षकों ने उठाया.

यहां शिक्षकों ने गांव में घर-घर जाकर बच्चों को किताबें दी. किताबें मिलने के बाद बच्चों के अभिभावकों ने अध्यापकों के इस कार्य की तारीफ की और कहा कि किताबें मिलने बाद बच्चे घरों पर भी पढ़ाई कर सकेंगे और उनका समय खराब नहीं जाएगा, लेकिन कुछ अन्य स्कूल के अभिभावकों ने आरोप लगाया कि उनके बच्चों को अभी तक किताबें नहीं मिली है.

ये भी पढ़ें- बीजेपी राज्यसभा सांसद दुष्यंत गौतम ने विवेक विहार में CCTV कैमरों का किया उद्घाटन

इसको लेकर शिक्षा विभाग ने कहा है कि जल्दी है किताबें सभी बच्चों तक पहुंचा दी जाएगी. गौरतलब है कि लॉकडाउन में स्कूल बंद होने की वजह से कई स्कूल प्रशासन ने ऑनलाइन पढ़ाई जारी की हुई है, लेकिन सरकारी स्कूल के इन गरीब छात्रों के पास ना तो फोन है, ना ही सुविधा. अध्यापकों का ये कदम इन छात्रों के खाली समय को काफी बचाएगा.

सोनीपत: लॉकडाउन के दौरान करीब पिछले तीन महीने से सभी स्कूल बंद पड़े हैं और अभी भी कोरोना के खतरे को देखते हुए सरकार ने स्कूल बंद करने का फैसला किया है. प्रदेश सरकार ने ग्रीष्मकालीन अवकाश को 1 से 27 जुलाई तक जारी रखने का फैसला किया है. स्कूल बंद होने से बच्चों की पढ़ाई का काफी नुकसान हो रहा है. इस नुकसान की भरपाई करने के लिए गन्नौर में अध्यापकों ने बड़ा ही सराहनीय कदम उठाया है.

गन्नौर में अध्यापकों ने बच्चों के समय को बचाने के लिए अब उनके घर पर ही किताब बांट रहे हैं. बता दें कि गन्नौर के विभिन्न राजकीय स्कूलों के शिक्षकों ने शिक्षा विभाग की तरफ से छठी से आठवीं क्लास तक किताबें बांट रहे हैं. किताबें बांटने के लिए पहला कदम पबनेरा गांव के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल के शिक्षकों ने उठाया.

यहां शिक्षकों ने गांव में घर-घर जाकर बच्चों को किताबें दी. किताबें मिलने के बाद बच्चों के अभिभावकों ने अध्यापकों के इस कार्य की तारीफ की और कहा कि किताबें मिलने बाद बच्चे घरों पर भी पढ़ाई कर सकेंगे और उनका समय खराब नहीं जाएगा, लेकिन कुछ अन्य स्कूल के अभिभावकों ने आरोप लगाया कि उनके बच्चों को अभी तक किताबें नहीं मिली है.

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इसको लेकर शिक्षा विभाग ने कहा है कि जल्दी है किताबें सभी बच्चों तक पहुंचा दी जाएगी. गौरतलब है कि लॉकडाउन में स्कूल बंद होने की वजह से कई स्कूल प्रशासन ने ऑनलाइन पढ़ाई जारी की हुई है, लेकिन सरकारी स्कूल के इन गरीब छात्रों के पास ना तो फोन है, ना ही सुविधा. अध्यापकों का ये कदम इन छात्रों के खाली समय को काफी बचाएगा.

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