सोनीपत: लॉकडाउन के दौरान करीब पिछले तीन महीने से सभी स्कूल बंद पड़े हैं और अभी भी कोरोना के खतरे को देखते हुए सरकार ने स्कूल बंद करने का फैसला किया है. प्रदेश सरकार ने ग्रीष्मकालीन अवकाश को 1 से 27 जुलाई तक जारी रखने का फैसला किया है. स्कूल बंद होने से बच्चों की पढ़ाई का काफी नुकसान हो रहा है. इस नुकसान की भरपाई करने के लिए गन्नौर में अध्यापकों ने बड़ा ही सराहनीय कदम उठाया है.
गन्नौर में अध्यापकों ने बच्चों के समय को बचाने के लिए अब उनके घर पर ही किताब बांट रहे हैं. बता दें कि गन्नौर के विभिन्न राजकीय स्कूलों के शिक्षकों ने शिक्षा विभाग की तरफ से छठी से आठवीं क्लास तक किताबें बांट रहे हैं. किताबें बांटने के लिए पहला कदम पबनेरा गांव के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल के शिक्षकों ने उठाया.
यहां शिक्षकों ने गांव में घर-घर जाकर बच्चों को किताबें दी. किताबें मिलने के बाद बच्चों के अभिभावकों ने अध्यापकों के इस कार्य की तारीफ की और कहा कि किताबें मिलने बाद बच्चे घरों पर भी पढ़ाई कर सकेंगे और उनका समय खराब नहीं जाएगा, लेकिन कुछ अन्य स्कूल के अभिभावकों ने आरोप लगाया कि उनके बच्चों को अभी तक किताबें नहीं मिली है.
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इसको लेकर शिक्षा विभाग ने कहा है कि जल्दी है किताबें सभी बच्चों तक पहुंचा दी जाएगी. गौरतलब है कि लॉकडाउन में स्कूल बंद होने की वजह से कई स्कूल प्रशासन ने ऑनलाइन पढ़ाई जारी की हुई है, लेकिन सरकारी स्कूल के इन गरीब छात्रों के पास ना तो फोन है, ना ही सुविधा. अध्यापकों का ये कदम इन छात्रों के खाली समय को काफी बचाएगा.