सोनीपत: 26 नवंबर 2020 को दिल्ली की सीमाओं पर किसानों ने तीन कृषि कानूनों के विरोध में आंदोलन शुरू किया था. अब एक साल बाद सरकार ने किसानों की सारी मांगो पर सहमति जता दी. अब सोनीपत कुंडली बॉर्डर से भी किसान घर वापसी कर रहे (Farmer Return Home Singhu Border) हैं. बड़ी संख्या में किसान विजय जुलूस निकालते हुए सड़कों पर अपने घरों के लिए लौट रहे हैं. ऐसे में नेशनल हाइवे 44 पर जाम की स्थिति बनी गई. इस जाम में एक एंबुलेंस भी फंस (Ambulance Stuck in Traffic jam in Sonipat) गई. हालांकि युवा किसानों ने मानवता का परिचय देते हुए एंबुलेंस को जाम से निकलवाकर उसे रवाना कर दिया.
दरअसल शनिवार को भारी तादाद में किसान आदोलन खत्म कर अपने घरों को लौट रहे हैं. ऐसे में सोनीपत से गुजरने वाले नेशनल हाईवे 44 पर जाम की स्थिति बनी हुई है. जाम में दिल्ली से मरीज को लेकर निकली एक एंबुलेंस जिसको करनाल जाना था वह भी फंस गई. एंबुलेंस को जाम में फंसा देखकर युवा किसान ने एंबुलेंस को जाम से निकलवाया और रास्ते पर पड़े पत्थरो को हटाया (Farmers Help To Clear Traffic Jam)गया. एंबुलेंस को जाम से निकलवाने युवा किसान जितेन्द्र कुमार ने बताया कि कुंडली बॉर्डर से किसान घर वापसी कर रहे हैं जिसके चलते जाम लगा है और इस जाम में एक एंबुलेंस फंस गई थी जिसको निकलवाया गया है.
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बता दें कि एक साल पहले दिल्ली की सीमाओं पर किसानों ने तीन कृषि कानूनों के विरोध में आंदोलन शुरू किया था. सरकार ने करीब 1 साल बाद तीनों कृषि कानूनों को रद्द कर दिया. यही नहीं किसानों की अन्य मांगों पर भी सरकार भी सरकार ने सहमति जता दी. इसके बाद आज संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान के बाद सभी जगहों से किसान विजय जुलूस निकालते हुए घर वापसी कर रहे हैं.
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