भिवानी: खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा के दम पर विश्व में भारत का झंडा ऊंचा कर देश के प्रत्येक नागरिक को गौरवांवित करने का काम किया है. अगर बात देश के खिलाड़ियों की जाए तो इनकी सबसे अधिक संख्या हरियाणा से है. यही कारण है कि हरियाणा को देश में खिलाड़ियों का गढ़ कहा जाने लगा है. लेकिन अब प्रदेश की भाजपा सरकार इन खिलाड़ियों के पहले कोच पीटीआई के पदों को ही समाप्त कर प्रदेश के स्कूली स्तर के खिलाड़ियों का भविष्य दांव पर लगा रही है. जिसके विरोध में हरियाणा शारीरिक शिक्षक एसोसिएशन ने गुरुवार को भिवानी जिला शिक्षा अधिकारी रामअवतार शर्मा के माध्यम से प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहर लाल के नाम ज्ञापन सौंपकर स्कूलों से पीटीआई की पोस्ट खत्म नहीं किए जाने की मांग की. इस दौरान उन्होंने पीटीआई व डीपीई के लिए अलग-अलग पोस्ट खोले जाने की भी मांग की है.
इस मौके पर हरियाणा शारीरिक शिक्षक एसोसिएशन के जिले के प्रधान सोमदत्त शर्मा एवं विनोद पिंकू ने बताया कि पीटीआई को खिलाड़ियों का पहला कोच कहा जाता है, क्योंकि पीटीआई ही स्कूली स्तर पर बच्चों के मन में खेल की लौ जगाने का काम करते हैं. जिसके दम पर आज हरियाणा प्रदेश को ना केवल देश में बल्कि विश्व में एक अलग पहचान मिली है.
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उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों व पीटीआई की इतनी मेहनत के बावजूद भी प्रदेश सरकार मिडल व हाई स्कूलों से पीटीआई के पद समाप्त कर स्कूलों से खेलों को बंद करने की योजना बना रही है, एसोसिएशन सरकार के इस निर्णय को बर्दाश्त नहीं करेगा. पिंकू ने कहा कि हरियाणा सरकार मिडिल व हाई स्कूलों में पीटीआई के पद खत्म करने के अलावा डीपीई को अन्य जिलों में स्थानांतरित करने की योजना भी बना रही है.
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उन्होंने कहा कि एक तरफ हरियाणा सरकार अपनी खेल नीति का ढिंढोरा पीट रही है. वहीं, दूसरी तरफ पीटीआई के पद समाप्त किए जा रहे हैं. ज्ञापन के माध्यम से उन्होंने मांग की कि पीटीआई के पदों को समाप्त नहीं किया जाए तथा पीटीआई व डीपीई के लिए अलग-अलग पोस्ट खेाली जाए. इस दौरान उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होगी, उनका विरोध जारी रहेगा. इस दौरान भिवानी जिला शिक्षा अधिकारी रामअवतार शर्मा ने कहा कि जिन हाई स्कूलों में छात्र संख्या कम है, वहां से पीटीआई का पद खत्म किया जा रहा है.