भिवानी: ऑल इंडिया यूनाइटेड ट्रेड यूनियन सेंटर (एआईयूटीयूसी) से संबंधित मिड-डे मील यूनियन ने शनिवार को ऑनलाइन प्रदर्शन किया और सरकार से मिड-डे मील कर्मियों की मांगे मानने का आग्रह किया. इस ऑनलाइन प्रदर्शन में राज्य भर के मिड-डे मील कर्मियों ने हिस्सा लिया.
मिड-डे-मील कार्यकर्ता यूनियन हरियाणा की जिला सचिव राजबाला ने बताया कि शनिवार को यूनियन के बैनर तले हरियाणा की मिड-डे मील कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों के लिए ऑनलाइन प्रदर्शन किया. यूनियन के पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमण्डल की ओर से एक ज्ञापन एडीसी भिवानी और ई-मेल के माध्यम से मुख्यमंत्री को भेजा गया.
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क्या है मांगें?
ज्ञापन के माध्यम से मिड-डे मील यूनियन ने मांग की कि सभी मिड-डे मील कर्मियों को सरकारी कर्मचारी का दर्जा दिया जाए. हरियाणा सरकार द्वारा घोषित न्यूनतम वेतन 12 हजार रुपये प्रति माह दिया जाए और मुख्यमंत्री समृद्धि योजना के अंतर्गत प्रत्येक मिड-डे मील को 6 हजार रुपये सालाना दिया जाए. किसी भी मिड-डे-मील कर्मी को काम से न हटाया जाए और काम से हटाई गई मिड-डे-मील कर्मी को पुन: बहाल किया जाए. ज्ञापन के माध्यम से मिड-डे मील यूनियन ने मांग की कि 15 विद्यार्थियों पर एक मिड-डे-मील कार्यकर्ता नियुक्त की जाए और मिड-डे मील कुक को छुट्टियों का वेतन दिया जाए.
मिड-डे-मील कार्यकर्ता यूनियन हरियाणा की जिला सचिव राजबाला ने कहा कि अगर सरकार ने उनकी मांगें नहीं मानी. तो आन्दोलन तेज किया जाएगा. वहीं एआईयूटीयूसी भिवानी जिला कमेटी के सचिव राजकुमार बासिया ने कहा कि कांग्रेस सरकार की नीतियों और वर्तमान बीजेपी सरकार की नीतियों में कोई फर्क नहीं है. यह सरकार भी मिड-डे मील कर्मियों का शोषण कर कर रही है.