ETV Bharat / state

साउथ MCD में पनप रहा भ्रष्टाचार! AAP ने की विजिलेंस जांच कराने की मांग - AAP

एमसीडी में विपक्ष की भूमिका निभाने वाली आम आदमी पार्टी ने आरोप लगाया है कि मानसून की तैयारियों की आड़ में जनता को धोखा देने का काम किया जा रहा है. नेता विपक्ष ने इसके लिए विजिलेंस जांच कराने की मांग की है.

AAP ने MCD पर लगाए भ्रष्टाचार के आरोप
author img

By

Published : Jun 15, 2019, 10:43 PM IST

Updated : Jun 16, 2019, 8:13 AM IST

नई दिल्ली: मानसून से पहले जहां साउथ एमसीडी ने नालों की सफाई का काम लगभग पूरा कर लेने का दावा किया है, वहीं दूसरी तरफ निगम के इसी काम में भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगे हैं.

एमसीडी में विपक्ष की भूमिका निभाने वाली आम आदमी पार्टी ने आरोप लगाया है कि मानसून की तैयारियों की आड़ में जनता को धोखा देने का काम किया जा रहा है. नेता विपक्ष ने इसके लिए विजिलेंस जांच कराने की मांग की है.

AAP ने MCD पर लगाए भ्रष्टाचार के आरोप

'सिर्फ कागजों में नालों की सफाई'
साउथ एमसीडी में नेता विपक्ष प्रवीण कुमार ने आरोप लगाया है कि निगम के अधिकारियों और निजी कंपनियों की मिलीभगत से नालों की सफाई सिर्फ कागजों में की जा रही है. उन्होंने कहा कि इसमें भारतीय जनता पार्टी के नेता भी मिले हुए हैं. अपने आरोपों के पक्ष में कुमार ने पुख्ता सबूत होने का दावा तो किया ही साथ ही ये भी कहा कि मानसून के पास होने के चलते आनन-फानन में गलत रिपोर्ट बनाकर पेश की जा रही है.

निगम पर लगे गंभीर आरोप
कुमार के मुताबिक साल 2018 में नाला संख्या 12 तिलक ब्रिज से रेलवे फाटक तक गाद की अनुमानित मात्रा 180 मीट्रिक टन थी. वहीं 750 मीट्रिक टन गाद निकाली गई थी. इसी तरह नाला संख्या 14 गेट संख्या 5 प्रगति मैदान से आउटर रिंग रोड तक गाद की अनुमानित मात्रा 68 मीट्रिक टन थी, जबकि असल में 820 मीट्रिक टन गाद निकाली गई थी.

उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी ने पिछले साल भी इस पर सवाल उठाए थे कि अनुमानित मात्रा से 10-10 गुना ज्यादा मात्रा में गाद कैसे निकल सकती है. हालांकि निगम नेताओं और अधिकारियों पर इसका कोई असर नहीं हुआ. इस साल भी उन्होंने निगम पर इसी क्रम को दोहराने का आरोप लगाया.

'भ्रष्टाचार को उजागर करने का प्रण'
प्रवीण कुमार ने कहा कि 1 अगस्त 2018 से 31 मई 2019 तक 9 महीने के अंतराल में सेंट्रल जोन में 9457.81 मीट्रिक गाद निकाली गई, जबकि 31 मई से लेकर 6 जून तक महज 1 हफ्ते में के समय में 4019 मीट्रिक टन गाद निकाल दी गई. ऐसा कैसे मुमकिन हो सकता है.

उन्होंने कहा कि सेंट्रल जोन में काम कर रही कंपनी निगम का पैसा खा रही है और फर्जी तरीके से महज नंबर बढ़ा रही है. कुमार ने कहा है कि वह पूरे मामले की विजिलेंस जांच करवाने के लिए आगे बढ़ रहे हैं और इस भ्रष्टाचार को उजागर करके ही दम लेंगे.

BJP ने किया बचाव
वहीं BJP की तरफ से पक्ष रखते हुए नेता सदन कमलजीत सहरावत ने प्रवीण कुमार की बातों को सिरे से खारिज कर दिया है. उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी के नेता जैसे खुद हैं वैसा ही वह दूसरों को समझते हैं. उन्होंने तर्क दिया कि काम एक बार शुरू हो जाने के बाद गति पकड़ने में समय लगता है. साथ ही सबसे पहले छोटे नालों की सफाई हुई थी, जिसमें उतनी मात्रा में गाद नहीं निकल पाई.


अब जबकि बड़े नालों की सफाई हो रही है तब गाद ज्यादा निकलना स्वाभाविक भी है. सहरावत ने कहा कि नेता सदन होने के नाते वह प्रवीण कुमार के आरोपों की फिर भी जांच कराएंगे. विजिलेंस जांच के सवाल पर सहरावत ने कहा कि हर व्यक्ति स्वतंत्र है और उसे अपने सभी अधिकारों का इस्तेमाल करने की आजादी है.

नई दिल्ली: मानसून से पहले जहां साउथ एमसीडी ने नालों की सफाई का काम लगभग पूरा कर लेने का दावा किया है, वहीं दूसरी तरफ निगम के इसी काम में भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगे हैं.

एमसीडी में विपक्ष की भूमिका निभाने वाली आम आदमी पार्टी ने आरोप लगाया है कि मानसून की तैयारियों की आड़ में जनता को धोखा देने का काम किया जा रहा है. नेता विपक्ष ने इसके लिए विजिलेंस जांच कराने की मांग की है.

AAP ने MCD पर लगाए भ्रष्टाचार के आरोप

'सिर्फ कागजों में नालों की सफाई'
साउथ एमसीडी में नेता विपक्ष प्रवीण कुमार ने आरोप लगाया है कि निगम के अधिकारियों और निजी कंपनियों की मिलीभगत से नालों की सफाई सिर्फ कागजों में की जा रही है. उन्होंने कहा कि इसमें भारतीय जनता पार्टी के नेता भी मिले हुए हैं. अपने आरोपों के पक्ष में कुमार ने पुख्ता सबूत होने का दावा तो किया ही साथ ही ये भी कहा कि मानसून के पास होने के चलते आनन-फानन में गलत रिपोर्ट बनाकर पेश की जा रही है.

निगम पर लगे गंभीर आरोप
कुमार के मुताबिक साल 2018 में नाला संख्या 12 तिलक ब्रिज से रेलवे फाटक तक गाद की अनुमानित मात्रा 180 मीट्रिक टन थी. वहीं 750 मीट्रिक टन गाद निकाली गई थी. इसी तरह नाला संख्या 14 गेट संख्या 5 प्रगति मैदान से आउटर रिंग रोड तक गाद की अनुमानित मात्रा 68 मीट्रिक टन थी, जबकि असल में 820 मीट्रिक टन गाद निकाली गई थी.

उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी ने पिछले साल भी इस पर सवाल उठाए थे कि अनुमानित मात्रा से 10-10 गुना ज्यादा मात्रा में गाद कैसे निकल सकती है. हालांकि निगम नेताओं और अधिकारियों पर इसका कोई असर नहीं हुआ. इस साल भी उन्होंने निगम पर इसी क्रम को दोहराने का आरोप लगाया.

'भ्रष्टाचार को उजागर करने का प्रण'
प्रवीण कुमार ने कहा कि 1 अगस्त 2018 से 31 मई 2019 तक 9 महीने के अंतराल में सेंट्रल जोन में 9457.81 मीट्रिक गाद निकाली गई, जबकि 31 मई से लेकर 6 जून तक महज 1 हफ्ते में के समय में 4019 मीट्रिक टन गाद निकाल दी गई. ऐसा कैसे मुमकिन हो सकता है.

उन्होंने कहा कि सेंट्रल जोन में काम कर रही कंपनी निगम का पैसा खा रही है और फर्जी तरीके से महज नंबर बढ़ा रही है. कुमार ने कहा है कि वह पूरे मामले की विजिलेंस जांच करवाने के लिए आगे बढ़ रहे हैं और इस भ्रष्टाचार को उजागर करके ही दम लेंगे.

BJP ने किया बचाव
वहीं BJP की तरफ से पक्ष रखते हुए नेता सदन कमलजीत सहरावत ने प्रवीण कुमार की बातों को सिरे से खारिज कर दिया है. उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी के नेता जैसे खुद हैं वैसा ही वह दूसरों को समझते हैं. उन्होंने तर्क दिया कि काम एक बार शुरू हो जाने के बाद गति पकड़ने में समय लगता है. साथ ही सबसे पहले छोटे नालों की सफाई हुई थी, जिसमें उतनी मात्रा में गाद नहीं निकल पाई.


अब जबकि बड़े नालों की सफाई हो रही है तब गाद ज्यादा निकलना स्वाभाविक भी है. सहरावत ने कहा कि नेता सदन होने के नाते वह प्रवीण कुमार के आरोपों की फिर भी जांच कराएंगे. विजिलेंस जांच के सवाल पर सहरावत ने कहा कि हर व्यक्ति स्वतंत्र है और उसे अपने सभी अधिकारों का इस्तेमाल करने की आजादी है.

Intro:नई दिल्ली:
मॉनसून से पहले जहां साउथ एमसीडी ने नालों की सफाई यानि डिसिल्टिंग का काम लगभग पूरा कर लेने का दावा किया है, वहीं दूसरी तरह निगम के इसी काम में भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगे हैं. विपक्ष की भूमिका निभाने वाली आम आदमी पार्टी ने आरोप लगाया है कि मानसून की तैयारियों की आड़ में जनता को धोखा देने का काम किया जा रहा है. नेता विपक्ष ने इसके लिए विजिलेंस जांच कराने की मांग की है.


Body:साउथ एमसीडी में नेता विपक्ष प्रवीण कुमार ने आरोप लगाया है कि निगम के अधिकारियों और निजी कंपनियों की मिलीभगत से नालों की सफाई सिर्फ कागजों में की जा रही है. उन्होंने कहा कि इसमें भारतीय जनता पार्टी के नेता भी मिले हुए हैं. अपने आरोपों के पक्ष में कुमार ने पुख्ता सबूत होने का दावा तो किया ही साथ ही यह भी कहा कि मॉनसून के निकट होने के चलते आनन-फानन में गलत रिपोर्ट बनाकर पेश की जा रही है और वो इसकी पोल खोल चुके हैं.

कुमार के मुताबिक साल 2018 में नाला संख्या 12 तिलक ब्रिज से रेलवे फाटक तक गाद की अनुमानित मात्रा 180 मीट्रिक टन थी वहीं 750 मीट्रिक टन गाद निकाली गई थी. इसी तरह नाला संख्या 14 गेट संख्या 5 प्रगति मैदान से आउटर रिंग रोड तक गाद की अनुमानित मात्रा 68 मीट्रिक टन थी जबकि असल में 820 मीट्रिक टन गाद निकाली गई थी. उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी ने पिछले साल भी इस पर सवाल उठाए थे की अनुमानित मात्रा से 10-10 गुना ज्यादा मात्रा में गाद कैसे निकल सकती है. हालांकि निगम नेताओं और अधिकारियों पर इसका कोई असर नहीं हुआ. इस साल भी उन्होंने निगम पर इसी क्रम को दोहराने का आरोप लगाया.

निष्पक्ष कहते हैं कि 1 अगस्त 2018 से 31 मई 2019 तक 9 महीने के अंतराल में सेंट्रल जोन में 9457.81 मीट्रिक गाद निकाली गई जबकि 31 मई से लेकर 6 जून तक महज 1 हफ्ते में के समय में 4019 मीट्रिक टन गाद निकाल दी गई. ऐसा कैसे मुमकिन हो सकता है. उन्होंने कहा कि सेंट्रल जोन में काम कर रही कंपनी निगम का पैसा खा रही है और फर्जी तरीके से महज नंबर बढ़ा रही है. कुमार ने कहा है कि वह पूरे मामले की विजिलेंस जांच करवाने के लिए आगे बढ़ रहे हैं और इस भ्रष्टाचार को उजागर करके ही दम लेंगे.

वहीं भारतीय जनता पार्टी की ओर से पक्ष रखते हुए नेता सदन कमलजीत सहरावत ने प्रवीण कुमार की बातों को सिरे से खारिज किया. उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी के नेता जैसे खुद है वैसा ही वह दूसरों को समझते हैं. उन्होंने तर्क दिया कि काम को एक बार शुरू होने की बात गति पकड़ने में समय लगता है. साथी सबसे पहले छोटे नालों की सफाई हुई थी जिसमें उतनी मात्रा में गाद नहीं निकल पाई. अब जबकि बड़े नालों की सफाई हो रही है तब गाद ज्यादा निकलना स्वाभाविक भी है. सहरावत ने कहा कि नेता सदन होने के नाते वह प्रवीण कुमार के आरोपों की फिर भी जांच कराएंगे. विजिलेंस जांच के सवाल पर सहरावत ने कहा कि हर व्यक्ति स्वतंत्र है और उसे अपने सभी अधिकारों का इस्तेमाल करने की आजादी है.


Conclusion:
Last Updated : Jun 16, 2019, 8:13 AM IST
ETV Bharat Logo

Copyright © 2025 Ushodaya Enterprises Pvt. Ltd., All Rights Reserved.