नई दिल्ली: दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने अभिनेता से नेता बने कमल हासन के नाथूराम गोडसे वाले बयान के खिलाफ दायर आपराधिक शिकायत पर आज सुनवाई टाल दी है. कोर्ट ने इस मामले पर अगली सुनवाई 22 नवंबर को करने का आदेश दिया है. पिछली 16 मई को कोर्ट ने इस याचिका को सुनवाई के लिए स्वीकार कर लिया था.
पिछले 2 अगस्त को याचिकाकर्ता और हिन्दू सेना के अध्यक्ष विष्णु गुप्ता कोर्ट में उपस्थित नहीं थे, जिसके बाद कोर्ट ने सुनवाई स्थगित कर दी थी. याचिका में कहा गया है कि कमल हासन ने नाथूराम गोडसे को आजाद भारत का पहला अतिवादी हिन्दू करार दिया था. कमल हासन के इस बयान से धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंची है.
याचिका में कहा गया है कि कमल हासन के बयान से हिंदू और मुस्लिम समुदाय में वैमनस्य बढ़ सकता है.
कमल हासन ने मक्कल निधि मैयम (एमएनएम) नामक राजनीतिक दल की स्थापना की है. उन्होंने तमिलनाडु के अरवाकुरिचि में पिछले 12 मई को एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए नाथूराम गोडसे पर ये बयान दिया था. इस बयान पर राजनीतिक बवाल मच गया था.