नई दिल्ली/नोएडाः नोएडा-ग्रेटर नोएडा के कूड़े से बायो सीएनजी बनाई जाएगी, जिसका इस्तेमाल वाहनों में फ्यूल के रूप में होगा. ग्रेटर नोएडा के अस्तौली में लैंडफिल साइट बनाने को ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण बोर्ड ने मंजूरी दे दी है. इसी लैंडफिल साइट पर एनटीपीसी 500 टन प्रतिदिन क्षमता का चारकोल प्लांट लगाएगा, जिसका इस्तेमाल एनटीपीसी खुद से बिजली उत्पादन में करेगा. बुधवार को ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की 128वीं बोर्ड बैठक हुई, जिसमें यह निर्णय लिया गया.
नोएडा-ग्रेटर नोएडा में कूड़े का वैज्ञानिक पद्धति से निस्तारण के लिए अस्तौली में लैंडफिल साइट के लिए 134 एकड़ भूमि चिह्नित की गई है. इसकी बाउंड्री भी बन चुकी है. ग्रेटर नोएडा से संपर्क मार्ग बनाने की प्रक्रिया भी चल रही है. इस साइट पर नोएडा-ग्रेटर नोएडा के कूड़े को प्रोसेस किया जाएगा. नोएडा के कूड़े का निस्तारण करने के लिए 134 एकड़ में से 30 एकड़ भूमि नोएडा को दी गई है. इसकी कीमत करीब 64 करोड़ रुपये आंकी गई है. नोएडा प्राधिकरण इसका भुगतान ग्रेटर नोएडा को करेगा.
इस साइट पर नोएडा-ग्रेटर नोएडा का संयुक्त बायो सीएनजी प्लांट लगाया जाएगा. इसकी क्षमता 300 टन प्रतिदिन की होगी. प्लांट लगाने के लिए एवर इनवायरो के साथ नोएडा प्राधिकरण अनुबंध कर चुका है. इस प्लांट को लगाने के लिए ग्रेटर नोएडा की तरफ से सिर्फ जमीन लीज पर दी जा रही है. प्राधिकरण का कोई और खर्चा नहीं होगा.
वहीं, एनटीपीसी भी इसी साइट पर 500 टन प्रतिदिन की क्षमता का चारकोल प्लांट लगाएगा. इसके लिए एनटीपीसी और नोएडा प्राधिकरण का अनुबंध हो चुका है. दोनों प्लांट के लगने से नोएडा-ग्रेटर नोएडा को कूड़े के उचित प्रबंधन न होने पाने की बड़ी समस्या से निजात मिल जाएगी.