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अमेरिकियों के लिए यूक्रेन छोड़ देना ही समझदारी: बाइडन - अमेरिकियों के लिए यूक्रेन छोड़ देना ही समझदारी

अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने कहा कि रूस के सैन्य खतरे के बीच अमेरिकियों के लिए यूक्रेन छोड़ देना ही समझदारी होगी. इसके साथ ही उन्होंने अमेरिकी राजनयिकों के परिवार के सभी सदस्यों से भी वहां से लौट आने की अपील की है.

Ukraine and russia
बाइडन ने कहा अमेरिकियों के लिए यूक्रेन छोड़ देना ही समझदारी
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Published : Feb 8, 2022, 12:01 PM IST

मॉस्को: अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने सोमवार को कहा कि रूस के सैन्य खतरे के बीच आवश्यक राजनयिकों को छोड़कर अन्य अमेरिकियों के लिए यूक्रेन छोड़ देना ही समझदारी होगी. बाइडेन ने व्हाइट हाउस में जर्मनी के चांसलर ओलाफ शोल्ज़ के साथ एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में यह बात कही.

इससे पहले दोनों नेताओं ने यूक्रेन संबंधी संकट को लेकर वार्ता की थी. अमेरिका के विदेश मंत्रालय ने हाल ही में यूक्रेन में कार्यरत अपने गैर जरूरी कर्मियों को वहां से लौटने के लिए अनुमति दे दी है और राजनयिकों के परिवार के सभी सदस्यों से भी वहां से लौट आने की अपील की है.

बाइडेन ने सोमवार को यह भी कहा कि यदि रूस टैंक और बलों के साथ यूक्रेन के खिलाफ कार्रवाई करता है तो रूस से जर्मनी के बीच अहम प्राकृतिक गैस पाइपलाइन नोर्ड स्ट्रीम 2 कायम नहीं रहेगी. इस बीच यूक्रेन संबंधी गतिरोध को दूर करने के लिए अंतरराष्ट्रीय प्रयासों के तहत फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों रूस में हैं. वहीं नीतियों में समन्वय के लिए जर्मनी के चांसलर शोल्ज़ वाशिंगटन में हैं. बता दें कि यूक्रेन के पास लगभग एक लाख रूसी बलों की तैनाती ने पश्चिमी देशों की चिंताएं बढ़ा दी हैं, जो इसे संभावित आक्रमण की शुरुआत के तौर पर देख रहे हैं.

हालांकि, रूस ने अपने पड़ोसी देश पर हमले की किसी भी योजना से इनकार किया है, लेकिन वह अमेरिका और उसके सहयोगियों पर यूक्रेन या किसी अन्य पूर्व-सोवियत देश को नाटो (उत्तर अटलांटिक संधि संगठन) में शामिल होने से रोकने का दबाव बना रहा है. इसके साथ ही रूस ने क्षेत्र में हथियारों की तैनाती रोकने और पूर्वी यूरोप से नाटो बलों को वापस बुलाने की भी मांग की है, लेकिन अमेरिका और नाटो ने रूस की मांगों को खारिज कर दिया है.

(पीटीआई-भाषा)

यह भी पढ़ें-यूक्रेन को लेकर तनाव में कमी लाने के लिए मैक्रों ने मॉस्को में शुरू की वार्ता

मॉस्को: अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने सोमवार को कहा कि रूस के सैन्य खतरे के बीच आवश्यक राजनयिकों को छोड़कर अन्य अमेरिकियों के लिए यूक्रेन छोड़ देना ही समझदारी होगी. बाइडेन ने व्हाइट हाउस में जर्मनी के चांसलर ओलाफ शोल्ज़ के साथ एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में यह बात कही.

इससे पहले दोनों नेताओं ने यूक्रेन संबंधी संकट को लेकर वार्ता की थी. अमेरिका के विदेश मंत्रालय ने हाल ही में यूक्रेन में कार्यरत अपने गैर जरूरी कर्मियों को वहां से लौटने के लिए अनुमति दे दी है और राजनयिकों के परिवार के सभी सदस्यों से भी वहां से लौट आने की अपील की है.

बाइडेन ने सोमवार को यह भी कहा कि यदि रूस टैंक और बलों के साथ यूक्रेन के खिलाफ कार्रवाई करता है तो रूस से जर्मनी के बीच अहम प्राकृतिक गैस पाइपलाइन नोर्ड स्ट्रीम 2 कायम नहीं रहेगी. इस बीच यूक्रेन संबंधी गतिरोध को दूर करने के लिए अंतरराष्ट्रीय प्रयासों के तहत फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों रूस में हैं. वहीं नीतियों में समन्वय के लिए जर्मनी के चांसलर शोल्ज़ वाशिंगटन में हैं. बता दें कि यूक्रेन के पास लगभग एक लाख रूसी बलों की तैनाती ने पश्चिमी देशों की चिंताएं बढ़ा दी हैं, जो इसे संभावित आक्रमण की शुरुआत के तौर पर देख रहे हैं.

हालांकि, रूस ने अपने पड़ोसी देश पर हमले की किसी भी योजना से इनकार किया है, लेकिन वह अमेरिका और उसके सहयोगियों पर यूक्रेन या किसी अन्य पूर्व-सोवियत देश को नाटो (उत्तर अटलांटिक संधि संगठन) में शामिल होने से रोकने का दबाव बना रहा है. इसके साथ ही रूस ने क्षेत्र में हथियारों की तैनाती रोकने और पूर्वी यूरोप से नाटो बलों को वापस बुलाने की भी मांग की है, लेकिन अमेरिका और नाटो ने रूस की मांगों को खारिज कर दिया है.

(पीटीआई-भाषा)

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