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हिंदूराव के डॉक्टर पीयूष के समर्थन में दिल्ली मेडिकल एसोसिएशन, टर्मिनेशन रिवोक की मांग - कोरोना वायरस

एसोसिएशन ने लिखा कि डॉक्टर को इसलिए टर्मिनेट किया गया क्योंकि वो सामाजिक कार्य कर रहे थे. जिन किट्स के लिए उन्हें आरोपी बनाया गया वह सामाजिक संस्था द्वारा अस्पताल को नहीं डॉक्टर को दी गईं थी.

Delhi Medical Association
हिंदूराव के डॉक्टर पीयूष
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Published : Apr 17, 2020, 8:06 PM IST

नई दिल्ली: पीपीई किट बांटने के मामले में टर्मिनेट किए गए हिंदू राव अस्पताल के डॉक्टर पीयूष के समर्थन में दिल्ली मेडिकल एसोसिएशन उतर आया है. एसोसिएशन ने बिना किसी इन्क्वारी के डॉक्टर को टर्मिनेट किए जाने और सोशल मीडिया पर चोर बुलाए जाने पर ऐतराज जताया है. मामले में टर्मिनेशन रिवोक कर निष्पक्ष जांच की मांग की गई है.

एसोसिएशन ने लिखा कि डॉक्टर को इसलिए टर्मिनेट किया गया क्योंकि वो सामाजिक कार्य कर रहे थे. जिन किट्स के लिए उन्हें आरोपी बनाया गया वह सामाजिक संस्था द्वारा अस्पताल को नहीं डॉक्टर को दी गईं थी.

'डॉक्टर का अपमान बर्दाश्त नहीं'

डॉक्टर को एक पब्लिक प्लेटफॉर्म पर चोर तक बुलाया गया, जो किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं किया जा सकता. संगठन ने कहा कि उन्होंने इस मामले को लेकर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, स्वास्थ्य मंत्री और उपराज्यपाल को पत्र लिखा है. मामले की निष्पक्ष जांच जरूरी है और तब तक डॉक्टर के टर्मिनेशन को रिवोक किया जाना चाहिए.

नई दिल्ली: पीपीई किट बांटने के मामले में टर्मिनेट किए गए हिंदू राव अस्पताल के डॉक्टर पीयूष के समर्थन में दिल्ली मेडिकल एसोसिएशन उतर आया है. एसोसिएशन ने बिना किसी इन्क्वारी के डॉक्टर को टर्मिनेट किए जाने और सोशल मीडिया पर चोर बुलाए जाने पर ऐतराज जताया है. मामले में टर्मिनेशन रिवोक कर निष्पक्ष जांच की मांग की गई है.

एसोसिएशन ने लिखा कि डॉक्टर को इसलिए टर्मिनेट किया गया क्योंकि वो सामाजिक कार्य कर रहे थे. जिन किट्स के लिए उन्हें आरोपी बनाया गया वह सामाजिक संस्था द्वारा अस्पताल को नहीं डॉक्टर को दी गईं थी.

'डॉक्टर का अपमान बर्दाश्त नहीं'

डॉक्टर को एक पब्लिक प्लेटफॉर्म पर चोर तक बुलाया गया, जो किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं किया जा सकता. संगठन ने कहा कि उन्होंने इस मामले को लेकर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, स्वास्थ्य मंत्री और उपराज्यपाल को पत्र लिखा है. मामले की निष्पक्ष जांच जरूरी है और तब तक डॉक्टर के टर्मिनेशन को रिवोक किया जाना चाहिए.

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