नई दिल्ली: सीबीडीटी के सदस्य अखिलेश रंजन की अध्यक्षता वाले कार्यबल ने नई प्रत्यक्ष कर संहिता पर अपनी रिपोर्ट सोमवार को सौंप दी. यह संहिता मौजूदा आयकर कानून का स्थान लेगी. हालांकि, रिपोर्ट से जुड़े विवरणों की जानकारी अभी नहीं मिली है.
वित्त मंत्रालय ने ट्वीट में कहा, "नए प्रत्यक्ष कर कानून का मसौदा तैयार करने के लिए सरकार की ओर से गठित कार्यबल के संयोजक अखिलेश रंजन ने वित्त एवं कॉरपोरेट मामलों की मंत्री निर्मला सीतारमण को सोमवार को रिपोर्ट सौंप दी है."
कार्यबल को अपनी रिपोर्ट 31 मई तक जमा करनी थी लेकिन तत्कालीन वित्त मंत्री अरुण जेटली ने काम पूरा करने के लिए कार्यबल को दो महीने का और समय दिया था. इसके बाद, सरकार ने कार्यबल को अपनी रिपोर्ट 16 अगस्त 2019 तक सौंपने की मंजूरी दी थी.
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वित्त मंत्रालय ने पिछले साल नवंबर में अरबिंद मोदी की सेवानिवृत्ति के बाद सीबीडीटी के सदस्य अखिलेश रंजन को कार्यबल का संयोजक बनाया था.
कार्यबल के अन्य सदस्यों में चार्टर्ड अकाउंटेंट गिरीश आहुजा, ईवाई के क्षेत्रीय प्रबंध भागीदार और चेयरमैन राजीव मेमानी, कर मामलों के अधिवक्ता मुकेश पटेल, इक्रीएर सलाहकार मांसी केडिया और सेवानिवृत आईआरएस और अधिवक्ता जी.सी. श्रीवास्तव शामिल हैं.
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सितंबर 2017 में कर अधिकारियों की वार्षिक बैठक में कहा था कि आयकर कानून 1961 काफी पुराना हो गया है. इसे नये सिरे से बनाने की आवश्यकता है.