श्रीनगर : नेशनल कॉन्फ्रेंस ने जम्मू-कश्मीर में बेरोजगारी की दर में भारी कमी दिखाने वाले सीएमआईई के आंकड़ों पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह लाखों बेरोजगारों युवाओं की स्थिति का 'मज़ाक' उड़ाने जैसा है.
नेशनल कॉन्फ्रेंस के प्रवक्ता इमरान नबी डार ने एक बयान में कहा कि दोषपूर्ण आंकड़ों के जरिए रोजगार सृजन में उछाल का दावा किया जा रहा है लेकिन ये आंकड़े जम्मू-कश्मीर में बड़े स्तर पर बेरोज़गारी के तथ्य को बदल नहीं सकते हैं.
भारतीय अर्थव्यवस्था निगरानी केंद्र (सीएमआईई) के आंकड़ों के अनुसार जम्मू-कश्मीर में मार्च, 2021 के अंत में बेरोज़गारी की दर घटकर नौ फीसदी रह गई.
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डार ने दावा किया कि पार्टी के पास मौजूद आधिकारिक दस्तावेज के अनुसार 94,221 बेरोजगार युवाओं ने स्वैच्छिक रूप से जिला रोजगार एवं करियर परामर्श केंद्रों में मार्च 2020 तक पंजीकरण कराया था. उन्होंने कहा कि सरकार यह बताए कि इन युवाओं में कितनों को रोज़गार मिला.