नई दिल्ली: सैन्य नियमों के आधार पर कार्रवाई होने के कारण भारतीय सेना के मेजर लीतुल गोगोई अपनी वरिष्ठता खो सकते हैं. उनके खिलाफ कई गंभीर आरोप लगाए जाने के बाद अगस्त, 2018 में कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी के आदेश दिए गए थे. सेना के अधिकारियों के मुताबिक गोगोई के खिलाफ कोर्ट मार्शल की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है.
बता दें कि पिछले साल 27 अगस्त, 2018 को मेजर गोगोई के खिलाफ सोमवार को कोर्ट ऑफ इंक्वायरी (सीओआई) का आदेश दिया गया था.
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मेजर को 23 मई को श्रीनगर के एक होटल में एक स्थानीय महिला के साथ देखा गया था.
सेना के सूत्रों के मुताबिकमेजर लीतुल गोगोई के खिलाफ जांच का आदेश नियमों के उल्लंघन के आधार पर दिया गया था.
गोगोई के ऊपर निर्देशों के विपरीत जाकर स्थानीय महिला के साथ मेल-जोल बढ़ाने, अपने वरिष्ठों की अनुमति के बिना अपनी तैनाती के स्थान को छोड़ने जैसे संगीन आरोप लगाए गए थे.
हाल ही में मेजर गोगोई के ड्राइवर समीर माल्ला के खिलाफ भी कोर्ट मार्शल की प्रक्रिया पूरी की गई थी. समीर के खिलाफ गैर आधिकारिक रूप से अपनी यूनिट से अनुपस्थित रहने का आरोप था.
सैन्य सूत्रों के मुताबिक समीर के खिलाफ कश्मीर घाटी में कोर्ट मार्शल की प्रक्रिया पूरी की गई. समीर को कड़ी फटकार (severe reprimand) लगाई गई है.
जानकारी के मुताबिक समीर माल्ला 2017 में टेरिटोरियल आर्मी में शामिल हुआ था. समीर की पोस्टिंग 53 सेक्टर में राष्ट्रीय राइफल्स (RR) के साथ हुई थी. बता दें कि RR घाटी में आतंकवाद के खिलाफ जवाबी कार्रवाई करती है.
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिकमेजर गोगोई को श्रीनगर में एक होटल में एक कश्मीरी लड़की व सेना के लिए काम करने वाले एक व्यक्ति के साथ देखा गया था. इसकेबाद पुलिस ने 23 मई को गोगोई से पूछताछ की थी.
बता दें, आर्मी कोर्ट ऑफ इंक्वायरी (सीओआई) ने मेजर गोगोई के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की सिफारिश की थी, क्योंकि उन्हें पिछले साल 23 मई को श्रीनगर होटल की घटना के लिए उनके ड्राइवर को भी दोषी ठहराया गया था.
मेजर गोगोई को पुलिस ने होटल के कर्मचारियों के साथ एक विवाद के बाद हिरासत में लिया था जब वह कथित तौर पर एक 18 साल की महिला के साथ अंदर घुसने की कोशिश कर रहे थे.
महिला ने कोर्ट मार्शल की कार्यवाही के दौरान अपनी अनिच्छा व्यक्त की थी और सेना के अधिकारियों को सूचित किया था कि उसने एक मजिस्ट्रेट के सामने बयान दिया था और उसी को उसके अंतिम रुख के रूप में माना जाना चाहिए.
महिला ने यह भी कहा था कि वह अपनी मर्जी से मेजर गोगोई के साथ बाहर गई थी, साथ ही खुलासा किया था कि वह अपनी फर्जी फेसबुक प्रोफाइल के जरिए आर्मी अफसर की दोस्त बन गई थी, जहां अफसर ने खुद का नाम उबैद अरमान लिखा था.
पिछले साल इस घटना के सामने आने के तुरंत बाद, सेना प्रमुख बिपिन रावत ने कहा था कि 'किसी भी अपराध'के लिए दोषी पाए जाने पर मेजर गोगोई को अनुकरणीय दंड दिया जाएगा.
जनरल रावत ने कहा, 'अगर भारतीय सेना का कोई भी अधिकारी किसी अपराध का दोषी पाया जाता है, तो हम कड़ी से कड़ी कार्रवाई करेंगे.'
बता दें कि मेजर गोगोई अप्रैल 2017 में सुर्खियों में आए थे. इसका कारण उनके द्वारा अपने सैन्य वाहन पर पथराव रोकने के लिए एक युवक को वाहन के बोनेट पर बांधना था.