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दिल्ली हिंसा : शरजील इमाम देशद्रोह के मामले में आरोपित - सीएए विरोधी दंगे

दिल्ली पुलिस ने शनिवार को जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के पूर्व रिसर्च स्कॉलर शरजील इमाम को दिल्ली की एक अदालत में देशद्रोह के मामले में आरोपित किया है. उस पर लोगों को कथित तौर पर ऐसी गतिविधियों में शामिल करने के लिए भड़काने का आरोप है जो देश की संप्रभुता एवं एकता के खिलाफ हैं. विस्तार से पढ़ें पूरी खबर...

शरजील इमाम
शरजील इमाम
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Published : Jul 25, 2020, 9:24 PM IST

नई दिल्ली : दिल्ली पुलिस ने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र शरजील इमाम को यहां की एक अदालत में देशद्रोह के मामले में आरोपित किया है. उस पर लोगों को कथित तौर पर ऐसी गतिविधियों में शामिल करने के लिए भड़काने का आरोप है जो देश की संप्रभुता एवं एकता के खिलाफ हैं.

पुलिस ने इस वर्ष की शुरुआत में दिल्ली दंगों से जुड़े एक मामले में अदालत में पेश आरोप पत्र में यह आरोप लगाए हैं.

पुलिस ने अंतिम रिपोर्ट दायर की है जिसमें आईपीसी की विभिन्न धाराएं 124-ए (देशद्रोह), 153 (ए) (शत्रुता को बढ़ावा देना), 153-ए (शत्रुता को बढ़ावा देना, समुदायों के बीच घृणा फैलाना), 153-बी (राष्ट्रीय एकता के खिलाफ वक्तव्य) और 505 (अफवाह फैलाना) शामिल हैं. शरजील पर अवैध गतिविधियां (निवारण) कानून के तहत भी मामला दर्ज किया गया है.

आरोप पत्र में कहा गया है, 'उस पर देश के खिलाफ भाषण देने और एक विशेष समुदाय को अवैध गतिविधियों में शामिल होने के लिए भड़काने का आरोप है जो राष्ट्र की संप्रभुता और एकता के खिलाफ है.'

इसमें कहा गया है, 'संशोधित नागरिकता कानून के खिलाफ विरोध की आड़ में उसने एक विशेष समुदाय के लोगों को राजमार्ग बाधित करने के लिए उकसाया और 'चक्का जाम' कराया जिससे सामान्य जनजीवन बाधित हुआ.'

इसमें आरोप लगाया गया है कि इमाम ने खुलेआम संविधान का उल्लंघन किया और इसे 'फासीवादी' दस्तावेज बताया.

इसमें बताया गया है, 'सीएए के विरोध के नाम पर उसने खुलेआम दुष्प्रचार किया कि 'चिकेन नेक' को जाम किया जाए जो पूर्वोत्तर को शेष भारत से जोड़ता है. उसने प्रदर्शन के लोकतांत्रित तरीकों का भी अपमान किया.'

अदालत मामले में 27 जुलाई को सुनवाई कर सकती है.

यह भी पढ़ें- शरजील इमाम केस: दिल्ली पुलिस को अतिरिक्त हलफनामा दाखिल करने का मिला समय

इमाम पर जामिया मिल्लिया इस्लामिया में 13 दिसंबर और इसके बाद अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में 16 जनवरी को कथित तौर पर भड़काऊ भाषण देने की जांच चल रही है, जहां उसने कथित तौर पर धमकी दी कि असम और शेष पूर्वोत्तर राज्यों को भारत से 'अलग कर दिया जाए.'

पुलिस ने इससे पहले अदालत को बताया था कि 13 दिसंबर के उसके भाषण के बाद दिल्ली के विभिन्न हिस्सों में बड़े पैमाने पर आगजनी और हिंसा हुई और 16 जनवरी के उसके भाषण के बाद कई जगह प्रदर्शन शुरू हो गए.

वर्तमान में शरजील इमाम गुवाहाटी जेल में बंद है और कोरोना वायरस से संक्रमित है.

नई दिल्ली : दिल्ली पुलिस ने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र शरजील इमाम को यहां की एक अदालत में देशद्रोह के मामले में आरोपित किया है. उस पर लोगों को कथित तौर पर ऐसी गतिविधियों में शामिल करने के लिए भड़काने का आरोप है जो देश की संप्रभुता एवं एकता के खिलाफ हैं.

पुलिस ने इस वर्ष की शुरुआत में दिल्ली दंगों से जुड़े एक मामले में अदालत में पेश आरोप पत्र में यह आरोप लगाए हैं.

पुलिस ने अंतिम रिपोर्ट दायर की है जिसमें आईपीसी की विभिन्न धाराएं 124-ए (देशद्रोह), 153 (ए) (शत्रुता को बढ़ावा देना), 153-ए (शत्रुता को बढ़ावा देना, समुदायों के बीच घृणा फैलाना), 153-बी (राष्ट्रीय एकता के खिलाफ वक्तव्य) और 505 (अफवाह फैलाना) शामिल हैं. शरजील पर अवैध गतिविधियां (निवारण) कानून के तहत भी मामला दर्ज किया गया है.

आरोप पत्र में कहा गया है, 'उस पर देश के खिलाफ भाषण देने और एक विशेष समुदाय को अवैध गतिविधियों में शामिल होने के लिए भड़काने का आरोप है जो राष्ट्र की संप्रभुता और एकता के खिलाफ है.'

इसमें कहा गया है, 'संशोधित नागरिकता कानून के खिलाफ विरोध की आड़ में उसने एक विशेष समुदाय के लोगों को राजमार्ग बाधित करने के लिए उकसाया और 'चक्का जाम' कराया जिससे सामान्य जनजीवन बाधित हुआ.'

इसमें आरोप लगाया गया है कि इमाम ने खुलेआम संविधान का उल्लंघन किया और इसे 'फासीवादी' दस्तावेज बताया.

इसमें बताया गया है, 'सीएए के विरोध के नाम पर उसने खुलेआम दुष्प्रचार किया कि 'चिकेन नेक' को जाम किया जाए जो पूर्वोत्तर को शेष भारत से जोड़ता है. उसने प्रदर्शन के लोकतांत्रित तरीकों का भी अपमान किया.'

अदालत मामले में 27 जुलाई को सुनवाई कर सकती है.

यह भी पढ़ें- शरजील इमाम केस: दिल्ली पुलिस को अतिरिक्त हलफनामा दाखिल करने का मिला समय

इमाम पर जामिया मिल्लिया इस्लामिया में 13 दिसंबर और इसके बाद अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में 16 जनवरी को कथित तौर पर भड़काऊ भाषण देने की जांच चल रही है, जहां उसने कथित तौर पर धमकी दी कि असम और शेष पूर्वोत्तर राज्यों को भारत से 'अलग कर दिया जाए.'

पुलिस ने इससे पहले अदालत को बताया था कि 13 दिसंबर के उसके भाषण के बाद दिल्ली के विभिन्न हिस्सों में बड़े पैमाने पर आगजनी और हिंसा हुई और 16 जनवरी के उसके भाषण के बाद कई जगह प्रदर्शन शुरू हो गए.

वर्तमान में शरजील इमाम गुवाहाटी जेल में बंद है और कोरोना वायरस से संक्रमित है.

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