नई दिल्लीः भाजपा के वरिष्ठ नेता अरुण जेटली के नए सरकारी आवास में जाने की खबर सामने आई है.
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक अपने कार्यकाल के दौरान मिले आलीशान बंगले को छोड़कर जेटली सरकार द्वारा दिल्ली में बने नए सरकारी आवास में रहेंगे.
आपको बता दें शपथ ग्रहण समारोह के ठीक एक दिन पहले जेटली ने पीएम मोदी को पत्र लिखा था. जिसमें उन्होंने कहा था कि स्वास्थ्य कारणों के चलते वे नई दिल्ली सरकार में मंत्री नहीं बनना चाहते.
राज्यसभा सदस्य जेटली ने कहा कि पिछले 18 महीनों से वे स्वास्थ्य संबंधी गंभीर चुनौतियों से जूझ रहे हैं और इसलिए भविष्य में किसी भी जिम्मेदारी से खुद को दूर रखना चाहेंगे साथ ही इलाज एवं स्वास्थ्य पर ध्यान केंद्रित करेंगे.
सूत्रों ने कहा कि जेटली ने अपने नए सरकारी आवास को लेकर अभी अंतिम फैसला नहीं किया है. दिल्ली की कैलाश कॉलोनी में उनका अपना मकान है.
साल 2014 में जब मोदी सरकार पहली बार सत्ता में आई तो जेटली को कृष्ण मेनन मार्ग का सरकारी बंगला दिया गया था.
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मोदी सरकार के पहले के कार्यकाल के समय जेटली राज्यसभा सदन के नेता रहे हैं. ऐसे में मौजूदा सरकार में यदि उन्हें फिर से वही जिम्मेदारी दी जाती है, तो निश्चित ही वे सरकारी बंगले के हकदार होंगे.
ऐसी अटकलें हैं कि जैसे ही जेटली की सेहत में सुधार होता है, उन्हें मोदी सरकार में बिना किसी प्रभार का मंत्री बना दिया जाएगा.
पेशे से वकील जेटली मोदी कैबिनेट के सबसे अहम नेता रहे हैं. वे सरकार को मुश्किल स्थिति से बाहर निकालने वाले नेता के तौर पर भी जाने जाते हैं.