रायपुर/नागपुर/ हैदराबाद: दरअसल, नागपुर में महाराज धीरेंद्र शास्त्री का श्रीराम चरित्र चर्चा का आयोजन किया गया था. इसके खिलाफ महाराष्ट्र अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति ने नागपुर पुलिस से शिकायत की थी. समिति के अध्यक्ष श्याम मानव ने आरोप लगाया था कि धीरेंद्र शास्त्री दिव्य दरबार और प्रेत दरबार की आड़ में अंधविश्वास को बढ़ावा देते हैं. उन्होंने धीरेंद्र शास्त्री पर आम लोगों को लूटने, धोखाधड़ी करने और उनका शोषण करने का आरोप भी लगाया था. इस शिकायत पर नागपुर पुलिस ने समिति के आरोपों की जांच की.
नागपुर पुलिस ने अपनी रिपोर्ट में दी क्लीन चिट: बुधवार को आरोपों की जांच के बाद पुलिस ने अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति को जवाब भेजा है. नागपुर पुलिस ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि "वीडियो में देखने पर स्पष्ट हुआ है कि इसमें धर्म के प्रचार से जुड़ी सामग्री है, इसमें अंधश्रद्धा जैसी कोई चीज नजर नहीं आई." नागपुर पुलिस ने यह जवाब अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति के अध्यक्ष श्याम मानव को भेज दिया है और बागेश्वर महाराज को क्लीन चिट दे दी है.
कौन है बागेश्वर धाम सरकार? : मध्य प्रदेश के छतरपुर में बागेश्वर धाम स्थित है. यहां के महाराज धीरेंद्र शास्त्री दिव्य चमत्कारी दरबार लगाते हैं. बागेश्वर धाम सरकार दावा करते हैं कि उन्हें आपके बारे में सब पता है. वहां आने वाले लोग पर्ची में अपनी समस्या लिखते हैं और उनके बताए बिना ही महाराज अपनी पर्ची में उनकी समस्या लिख देते हैं.
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क्या था पूरा विवाद: धीरेंद्र शास्त्री ने जनवरी में श्रीराम चरित्र चर्चा नागपुर में आयोजित की थी. ये कथा 13 जनवरी तक चलनी थी. लेकिन 11 जनवरी को ही खत्म हो गई थी. कहा जा रहा था कि महाराष्ट्र अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति की शिकायत के चलते ऐसा हुआ. समिति के अध्यक्ष श्याम मानव ने धीरेंद्र शास्त्री पर दिव्य दरबार और प्रेत दरबार की आड़ में अंधविश्वास को बढ़ावा देने का आरोप लगाया.
रायपुर में महाराज ने समिति को दी थी चुनौती: नागपुर के बाद रायपुर में बागेश्वर धाम महाराज का दिव्य दरबार आयोजित किया गया था. इस दौरान बागेश्वर धाम महाराज ने नागपुर की समिति और अन्य चुनौती देने वालों को अपने दरबार में आने की और अंधविश्वास या जादू टोना फैलाने वाली बात को सिद्ध करने के लिए आमंत्रित किया था. इस दौरान महाराज ने छत्तीसगढ़ में धर्मांतरण को लेकर सरकार पर निशाना साधा था. साथ ही उन्होंने सनातन को मानने वालों को संगठित करने के लिए हिंदू राष्ट्र का नारा दिया था.