बस्तर: बस्तर में कोरोना संक्रमण से मरने वाले करीब 447 लोगों का दाह संस्कार करने वाले रेड क्रॉस के उपाध्यक्ष अलेक्जेंडर चेरियन का राष्ट्रीय सम्मान पुरस्कार के लिए चयन किया गया है. देश के 6 लोगों में और पूरे छत्तीसगढ़ से केवल एक ही कर्मचारी अलेक्जेंडर चेरियन का चयन किया गया है. वे राष्ट्रपति के हाथों दिल्ली में सम्मानित किये जाएंगे. दरअसल राष्ट्रपति के निर्देशन में आयोजित होने वाले रेडक्रॉस एजीएम का सर्वोच्च पुरस्कार इंडियन रेड क्रॉस मेरिट सर्टिफिकेट के लिए उन्हें चुना गया है. इस अवार्ड को सेवा भाव से किए गए कार्यों के लिए दिया जाता है.
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बस्तर के कोरोना वॉरियर को सम्मान: बस्तर कलेक्टर रजत बंसल ने बताया ''कोरोना जैसे संकटकाल में अलेक्जेंडर चेरियन ने जिले में बढ़-चढ़कर काम किया था. इस दौरान उन्होंने कोविड पॉजिटिव आने वाले मरीजों की मदद भी किया. इस संक्रमण से हुए लोगों की मौत के दौरान अपनी जान जोखिम में डालकर सभी धर्म के नियमों से अलेक्जेंडर ने सावधानीपूर्वक सभी का दाह संस्कार नियमपूर्वक कराया. रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी के दौरान भी बस्तर जिले में किसी तरह का करप्शन ना हो और सभी लोगों को यह इंजेक्शन आसानी से मिले सके, इसके लिए अलेक्जेंडर द्वारा किए गए बेहतर काम के लिए उनकी जमकर तारीफ की गयी. इससे पहले भी अपने उत्कृष्ट कार्य के लिए अलेक्जेंडर राजधानी रायपुर में राज्यपाल के हाथों सम्मानित हो चुके हैं.
जाहिर की खुशी: रेड क्रॉस उपाध्यक्ष अलेक्जेंडर चेरियन ने राष्ट्रीय सम्मान को लेकर खुशी जाहिर की. उन्होंने जनप्रतिनिधि के साथ कलेक्टर को भी इस अवार्ड को समर्पित करने की बात कही. कोविड काल में किए गए कामों को बताया. अलेक्जेंडर ने कहा कि कोरोनाकाल के दौरान किए गए कामों की वजह से ही छत्तीसगढ़ के बस्तर में रेड क्रॉस से मुझे चुना गया. मैं काफी उत्साहित हूं.