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जानिए किसने दिया 15 अगस्त तक सरकार को अल्टीमेटम - balod news

बालोद में स्कूल कर्मचारी सफाई संघ ने सरकार को मांगों को लेकर अल्टीमेटम दिया (Chhattisgarh School Safai Karamcharis Union on the movement) है.

Chhattisgarh School Safai Karamcharis Union on the movement
जानिए किसने दिया 15 अगस्त तक सरकार को अल्टीमेटम ?
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Published : Aug 8, 2022, 3:01 PM IST

Updated : Aug 13, 2022, 11:29 AM IST

बालोद : प्रदेश में संगठनों के माध्यम से अपनी मांगों को लेकर लगातार शासन को अवगत कराया जा रहा है. कुछ संगठनों ने तो हड़ताल भी शुरू कर दिए (Chhattisgarh School Safai Karamcharis Union on the movement) हैं. लेकिन अब स्कूल सफाई कर्मचारी संघ (Balod Safai Karamcharis Sangh) ने भी आजादी के दिन तक का अल्टीमेटम प्रशासन को दिया है. इसके बाद उन्होंने अनिश्चितकालीन हड़ताल, धरना प्रदर्शन और उग्र आंदोलन का निर्णय लिया है. रविवार को स्कूल सफाई कर्मचारियों की जिला स्तरीय बैठक गंगा मैया मंदिर प्रांगण झलमला बालोद में हुई. जिसके बाद सोमवार को प्रशासन को बैठक के निर्णय को सौंपा जाएगा. जिला के पदाधिकारियों ने बताया कि '' सन दो हजार अट्ठारह में सरकार ने अपने घोषणापत्र में हमारी मांग एक ही मांग एक ही सूत्रीय मांग अंशकालीन से पूर्ण करें को शामिल किया था. लेकिन आज भी मांगों पर गोल गोल घुमा रही (Chhattisgarh news) है.''

सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप : कर्मचारी संघ का कहना है कि मंत्रालय महानदी भवन में कमेटी की तीसरी और अंतिम बैठक 3 अगस्त 2022 को हो चुकी है. उसके बाद भी सरकार तारीख पे तारीख देकर गोल गोल घुमा रही (balod news ) है. इस बार 15 अगस्त 2022 को हमारी मांगों पर सकारात्मक जवाब नहीं आता तो स्कूल सफाई कर्मचारी उग्र आंदोलन करने के लिए तत्पर है. प्रदेश में 43301 सफाई कर्मचारी कार्यरत हैं. स्कूल सफाई कर्मचारियों के हड़ताल का बड़ा असर बालोद जिले में देखने को मिलता है. क्योंकि यहां पर मध्यान्ह भोजन योजना सहित अन्य साफ सफाई व्यवस्था पूरी तरह डगमगा जाते हैं. किचन की सफाई से लेकर कमरों की सफाई तक संपूर्ण जिम्मेदारी स्कूल सफाई कर्मचारियों की होती है.

ये भी पढ़ें- बालोद में ओबीसी वर्ग महासभा ने लगाया उपेक्षा का आरोप

शिक्षकों को उठाना पड़ता है झाड़ू : जब स्कूल सफाई कर्मचारी हड़ताल पर होते हैं तो शिक्षकों को ही झाड़ू उठा कर साफ सफाई करनी होती है. कई विद्यालयों में तो बच्चों से भी साफ सफाई कराई जाती है. इनके द्वारा लगातार अपनी समस्याओं को लेकर शासन प्रशासन को अवगत किया जा रहा है. उसके बाद आंदोलन की चेतावनी भी दी जा रही है. स्कूल सफाई कर्मचारी संघ ने जानकारी देते हुए बताया कि '' हमने आजादी के दिन तक का समय निर्धारित किया है. उसके बाद यदि हमारी मांगों पर विचार नहीं किया जाता तो हम उग्र आंदोलन करेंगे. आंदोलन को लेकर रूपरेखा भी बनाई जा रही है. जिला मुख्यालय से लेकर प्रदेश मुख्यालय तक शासन प्रशासन को घेरने में हम पीछे नहीं हटेंगे.''

बालोद : प्रदेश में संगठनों के माध्यम से अपनी मांगों को लेकर लगातार शासन को अवगत कराया जा रहा है. कुछ संगठनों ने तो हड़ताल भी शुरू कर दिए (Chhattisgarh School Safai Karamcharis Union on the movement) हैं. लेकिन अब स्कूल सफाई कर्मचारी संघ (Balod Safai Karamcharis Sangh) ने भी आजादी के दिन तक का अल्टीमेटम प्रशासन को दिया है. इसके बाद उन्होंने अनिश्चितकालीन हड़ताल, धरना प्रदर्शन और उग्र आंदोलन का निर्णय लिया है. रविवार को स्कूल सफाई कर्मचारियों की जिला स्तरीय बैठक गंगा मैया मंदिर प्रांगण झलमला बालोद में हुई. जिसके बाद सोमवार को प्रशासन को बैठक के निर्णय को सौंपा जाएगा. जिला के पदाधिकारियों ने बताया कि '' सन दो हजार अट्ठारह में सरकार ने अपने घोषणापत्र में हमारी मांग एक ही मांग एक ही सूत्रीय मांग अंशकालीन से पूर्ण करें को शामिल किया था. लेकिन आज भी मांगों पर गोल गोल घुमा रही (Chhattisgarh news) है.''

सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप : कर्मचारी संघ का कहना है कि मंत्रालय महानदी भवन में कमेटी की तीसरी और अंतिम बैठक 3 अगस्त 2022 को हो चुकी है. उसके बाद भी सरकार तारीख पे तारीख देकर गोल गोल घुमा रही (balod news ) है. इस बार 15 अगस्त 2022 को हमारी मांगों पर सकारात्मक जवाब नहीं आता तो स्कूल सफाई कर्मचारी उग्र आंदोलन करने के लिए तत्पर है. प्रदेश में 43301 सफाई कर्मचारी कार्यरत हैं. स्कूल सफाई कर्मचारियों के हड़ताल का बड़ा असर बालोद जिले में देखने को मिलता है. क्योंकि यहां पर मध्यान्ह भोजन योजना सहित अन्य साफ सफाई व्यवस्था पूरी तरह डगमगा जाते हैं. किचन की सफाई से लेकर कमरों की सफाई तक संपूर्ण जिम्मेदारी स्कूल सफाई कर्मचारियों की होती है.

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शिक्षकों को उठाना पड़ता है झाड़ू : जब स्कूल सफाई कर्मचारी हड़ताल पर होते हैं तो शिक्षकों को ही झाड़ू उठा कर साफ सफाई करनी होती है. कई विद्यालयों में तो बच्चों से भी साफ सफाई कराई जाती है. इनके द्वारा लगातार अपनी समस्याओं को लेकर शासन प्रशासन को अवगत किया जा रहा है. उसके बाद आंदोलन की चेतावनी भी दी जा रही है. स्कूल सफाई कर्मचारी संघ ने जानकारी देते हुए बताया कि '' हमने आजादी के दिन तक का समय निर्धारित किया है. उसके बाद यदि हमारी मांगों पर विचार नहीं किया जाता तो हम उग्र आंदोलन करेंगे. आंदोलन को लेकर रूपरेखा भी बनाई जा रही है. जिला मुख्यालय से लेकर प्रदेश मुख्यालय तक शासन प्रशासन को घेरने में हम पीछे नहीं हटेंगे.''

Last Updated : Aug 13, 2022, 11:29 AM IST
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