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लड़कियों की टोली करती है रामलीला का मंचन, बालोद से लेकर दिल्ली तक हो रही तारीफ - balod

बालोद जिले के टेकापार गांव में लड़कियों की टोली करती है रामलीला का मंचन जिसकी सराहना प्रशासन से लेकर दिल्ली तक हो रही है.

लड़कियों की टोली करती है रामलीला का मंचन
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Published : Oct 2, 2019, 11:33 PM IST

Updated : Oct 2, 2019, 11:50 PM IST

बालोद: बालोद में एक ऐसा गांव है, जहां रामलीला का मंचन लड़कियों की टोली करती है. इस कदम की जिले से लेकर दिल्ली तक सराहना हो रही है. सभी लड़कियां रामलीला में एक-एक संवाद को संस्कृत और शुद्ध हिंदी भाषा में करती हैं और यही वजह है कि, प्रशासन भी रामलीला से प्रभावित है. रामलीला की बागडोर 5 साल से 32 लड़कियों की टोली संभाल रही है.

लड़कियों की टोली करती है रामलीला का मंचन
टेकापार में आयोजित रामलीला को देखने बड़ी संख्या में ग्रामवासी और आसपास के गांव के लोग मौजूद थे. वहीं पहले दिन आधी रामलीला का मंचन किया जा चुका है और अब लोगों को रावण वध का इंतजार है.

पढ़ेः-बालोद: अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे जिलेभर के सरपंच, भुगतान न मिलने से हैं आक्रोशित

इस रामलीला मंडली में इस बार सगी बहनें राम और रावण की भूमिका में हैं. राम के किरदार में दिव्या यादव और रावण के किरदार में संस्कृति यादव हैं. इसके साथ ही नेहा जोशी हनुमान, की भूमिका में नजर आ रही हैं. वही दो सगी बहन प्रियंका भारती सीता और राजनंदनी भारती सुग्रीव बने हुए हैं. इसके साथ विभिन्न पात्रों में प्रियंका यादव लक्ष्मण, हस्तिना रात्रि कुंभकरण, पूजा साहू मेघनाथ, सावित्री साहू अंगद, सीमा यादव बाली जैसे प्रमुख भूमिकाओं में हैं.

बालोद: बालोद में एक ऐसा गांव है, जहां रामलीला का मंचन लड़कियों की टोली करती है. इस कदम की जिले से लेकर दिल्ली तक सराहना हो रही है. सभी लड़कियां रामलीला में एक-एक संवाद को संस्कृत और शुद्ध हिंदी भाषा में करती हैं और यही वजह है कि, प्रशासन भी रामलीला से प्रभावित है. रामलीला की बागडोर 5 साल से 32 लड़कियों की टोली संभाल रही है.

लड़कियों की टोली करती है रामलीला का मंचन
टेकापार में आयोजित रामलीला को देखने बड़ी संख्या में ग्रामवासी और आसपास के गांव के लोग मौजूद थे. वहीं पहले दिन आधी रामलीला का मंचन किया जा चुका है और अब लोगों को रावण वध का इंतजार है.

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इस रामलीला मंडली में इस बार सगी बहनें राम और रावण की भूमिका में हैं. राम के किरदार में दिव्या यादव और रावण के किरदार में संस्कृति यादव हैं. इसके साथ ही नेहा जोशी हनुमान, की भूमिका में नजर आ रही हैं. वही दो सगी बहन प्रियंका भारती सीता और राजनंदनी भारती सुग्रीव बने हुए हैं. इसके साथ विभिन्न पात्रों में प्रियंका यादव लक्ष्मण, हस्तिना रात्रि कुंभकरण, पूजा साहू मेघनाथ, सावित्री साहू अंगद, सीमा यादव बाली जैसे प्रमुख भूमिकाओं में हैं.

Intro:बालोद।

रामलीला का जब जिक्र होता है तो हमारे सामने में एक मंच में पुरुषों द्वारा रामायण के चित्रण का दृश्य आंखों में आता है पहले रामलीला आयोजनों की जान हुआ करती थी पर समय के साथ रामलीला की परंपरा खत्म होने की कगार पर है अब ऐसे लीलाओं का स्वरूप बदल चुका है पर बालोद ज़िले में एक ऐसा गांव भी है जहां विलुप्त होती इस परंपरा को संवारने का बीड़ा बेटियों ने उठाया है और ये देश की एक ऐसी रामलीला है जहां के सभी पात्र युवतियों के द्वारा किये जाते है पहले यहां पुरुष इसे करते थे पर यहाँ जब ये सब विलुप्त हो गयी तो युवतियों ने इसका ज़िम्मा उठा लिया पहले खुद मेहनत करते थे पर अब ग्रामीणों ने सराहा और अब प्रशासन से लेकर दिल्ली तक इनकी सराहना हो रही है रामलीला भी इनकी इतनी बेहतरीन है एक एक संवाद संस्कृत और शुद्ध हिंदी भाषा मे की जाती है इनके मंचन में भी बेहद संजीदगी होती है।


Body:वीओ - टेकापार में युवतियों द्वारा की जा रही यह रामलीला लोगों के दिलों में अमिट छाप छोड़ रहे हैं बेहतरीन संवाद अदायगी और बेहतरीन कलाकारी के साथ यह युवतियां रामलीला का मंचन कर रहे हैं अब तक शायद ही ऐसा कोई टीम है जिसमें सभी पात्र युवतियों द्वारा किए जाते हैं इसलिए अब प्रशासन भी इस रामलीला से प्रभावित है और प्रशासन का कहना है कि महिला सशक्तिकरण का परफेक्ट उदाहरण यह जो दिया है इस रामलीला मंडली में इस बार सगी बहनें राम रावण की भूमिका में हैं 5 साल से 32 लड़कियां इस मंडली की बागडोर संभाल रही है और इस मंडली को आने वाले समय में राज्यों में भी स्थान मिलने की भी उम्मीद जताई जा रही है।

वीओ - रामलीला की हम बात करते हैं तो इसमें सभी किरदार काफी दमदार होते हैं सभी किरदारों की अपनी एक विशिष्ट पहचान होती है हिंदू परंपरा में रामलीला का अपना एक महत्व है इस बार राम रावण के किरदार में सगी बड़ी बहन दिव्या यादव राम व संस्कृति यादव और रावण की भूमिका में है इसके साथ ही नेहा जोशी हनुमान नीता अहिरावण जय श्री सरस्वती की भूमिका में नजर आ रहे हैं तो वही दो सगी बहन प्रियंका भारती सीता और राजनंदनी भारती सुग्रीव बने हुए हैं इसके साथ विभिन्न पात्रों में प्रियंका यादव लक्ष्मण हस्तिना रात्रि कुंभकरण पूजा साहू मेघनाथ सावित्री साहू अंगद सीमा यादव बाली इस तरह प्रमुख भूमिकाओं में है।

वीओ - उक्त रामलीला को देखने ग्रामीण तो भारी संख्या में मौजूद थे साथ ही आसपास के लोग भी यहां पहुंचने लगे 5 साल पहले इसकी शुरुआत की गई थी परंतु अब यह बेटियां इस रामलीला मंडली के सफल आयोजन के साथ ही टेकापार का नाम राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर रोशन करने जा रही हैं पहले दिन आधे लीला का मंचन किया जा चुका है अब लोगों को रावण वध का इंतजार है।


Conclusion:यह रामलीला अपने आप में एक अनोखी रामलीला अब तक जहां भी हमने इस तरह की रामलीला सुनी है उसमें पुरुषों का विशेष योगदान रहता था वह कुछ किरदार निभाते थे परंतु यहां पूरी युवतियों ने ही इसका जिम्मा उठा लिया है और बेहद संजीदगी के साथ अपने इस कार्य को अंजाम दे रहे हैं प्रशासन के साथ राज्य भी इनके इस पहल से गदगद हैं और बल्कि इसे महिला सशक्तिकरण की एक परफेक्ट मिसाल कह रहे हैं

बाइट - ऋचा अनिरुद्ध, वरिष्ठ पत्रकार , संचालक "ज़िन्दगी विथ ऋचा" यू ट्यूब चैनल (दिल्ली)

बाइट - रानू साहू, कलेक्टर बालोद
Last Updated : Oct 2, 2019, 11:50 PM IST
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