रायपुर : बकरीद के दिन रायपुर के कलेक्ट्रेट मल्टीलेवल पार्किंग में सार्वजनिक स्थान पर बकरा काटने का मामला सामने आया (protest against killing of animals in public place in raipur) था. प्रशासन को जैसे ही मामले की जानकारी हुई प्रशासन ने इसको लेकर जांच के आदेश दे दिए. वहीं आज हिंदू समाज के लोगों ने राजभवन से कलेक्ट्रेट परिसर मल्टी लेवल पार्किंग तक पैदल मार्च कर गंगाजल से मल्टी लेवल पार्किंग का शुद्धिकरण (Purification of multilevel parking of Raipur ) किया.
क्यों हो रहा है विरोध : आचार्य जुगल किशोर शर्मा ने बताया " हिंदू समाज किसी भी जीव की हत्या के विरोध में रहता है. यदि किसी की कोई परंपरा है. जिसे उसको निभाना है तो वह गुप्त रूप से निभाए. ऐसे सार्वजनिक स्थानों पर ऐसा करना गलत है. इसका हम पुरजोर विरोध करते हैं. छत्तीसगढ़ की परंपरा काफी पावन परंपरा है. छत्तीसगढ़ मां कौशल्या का धाम है. हम सब अपने आप को श्रीराम जी का मामा कहलाने में तो खूब आनंद लेते हैं. लेकिन हमारे जीवन में यह सिर्फ बोलना ना हो बल्कि यह हमारा आचरण भी हो. बकरीद के दिन मल्टी लेवल पार्किंग में बकरा काटने का जिन्होंने काम किया था. आज हम उस जगह शुद्धिकरण के लिए गंगाजल लेकर आए हैं. आज पूरे मल्टी लेवल पार्किंग को हमने गंगाजल से शुद्ध करने का काम किया है. किसी भी जीव की हत्या सार्वजनिक स्थान पर ना की (animal was murdered in multilevel parking of Raipur) जाए."
''इतिहास में पहली बार ऐसा कृत्य'' : भाजपा नेता गौरीशंकर श्रीवास (BJP leader Gaurishankar Srivas) ने बताया " यह बहुत ही दुख का विषय है. नई राजधानी में खास वर्ग को जमीन पर कब्जा कराया जा रहा है. पाकिस्तान की आतंकवादी संगठन दावते इस्लामी को जमीन दिया जा रहा है. मल्टी लेवल पार्किंग प्रशासन के अंडर आता है. यह छत्तीसगढ़ की राजधानी है. यहां पर इस प्रकार का कुकर्म किया गया है. पाप किया गया है. यह बिल्कुल भी स्वीकार नहीं है.इसके पहले 22 साल के इतिहास में ऐसी घटना नहीं घटी है. यह कौन लोग हैं जो इस प्रकार की चीजों को संरक्षण दे रहे हैं. शरिया कानून छत्तीसगढ़ में लागू नहीं होने दिया जाएगा. इस प्रकार की घटना अगर दोबारा होती है. तो आने वाले समय में पूरे रायपुर का शुद्धिकरण करेंगे. इसको चाहे प्रशासन धमकी समझे या सुझाव. इस प्रकार की चीजें आगे नहीं होनी चाहिए. हमारा अनुरोध है मुस्लिम समाज इस कृत्य के लिए माफी मांगे.