शेखपुरा: लखीसराय से शेखपुरा को जोड़ने वाली पचना पथ एक साल में ही ध्वस्त हो गया है. आलम यह है कि इस मार्ग से गाड़ियों का गुजरना बंद हो गया है. वहीं लोगों को शेखपुरा जिले से लखीसराय जाने के लिए 25 किलोमीटर की बजाय 35 किमी दूरी तय करना पड़ रहा है. इस मार्ग के बनने से घाटकुसुंभा प्रखंड के ग्रामीणों को शेखपुरा से लखीसराय जाने में आसानी होती थी, लेकिन अब यह सड़क पर सैकड़ों ढाई फीट के बड़े-बड़े गड्ढे हो गए. ग्रामीणों ने सड़क मरम्मत करवाने के लिए लखीसराय ग्रामीण कार्य विभाग को सूचित कर दी गई है. इस मामले में कार्यपालक अभियंता ने बताया कि इस सड़क की बदहाली की जानकारी मिली है. अब इसकी जांच कराई जाएगी.
मात्र पौने तीन किलोमीटर सड़क की दुर्दशा जस की तस
बताया जा रहा है कि उक्त सड़क के निर्माण के लिए लखीसराय जिले के 20 गांव के ग्रामीणों ने आंदोलन किया गया था. जिसका परिणाम रहा कि मुंगेर के सांसद ललन सिंह के प्रयास से एक महीने के अंदर सड़क का मरम्मत कराया गया. लेकिन शेखपुरा जिले की सीमा में पड़ने वाली मात्र पौने तीन किलोमीटर सड़क की दुर्दशा जस की तस है. स्थानीय लोगों का कहना है कि शेखपुरा जिले के स्थानीय नेता को जनता के दर्द से कोई मतलब नहीं है. जिसका परिणाम है कि पौने तीन किलोमीटर सड़क तालाब बना हुआ है और स्थानीय विधायक, सांसद तमाशबीन बने हुए है.
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नीतीश सरकार दावा कर रही है कि उनके राज्य में बिजली पानी और सड़क को दुरुस्त कर दिया गया है, लेकिन बदहाली की बयां करती यह तस्वीर यह बताने के लिए काफी है कि जिस इलाके के नेता जागरूक नहीं है या फिर विकास कार्यों में रुचि नहीं है. वह इलाका आज भी सड़क जैसी मुलभुत सुविधाओं से वंचित है. शेखपुरा-पचना पथ के बदहाली एक ज्वलंत उदहारण है. दो जिलों को जोड़ने वाली सड़क की कायदे से मरम्मति हर साल होनी चाहिए थी, लेकिन सरकारी उदासीनता और विभागीय लापरवाही की वजह इस सड़क में आवागमन ठप्प है और लोग इसी मसीहा का इंतजार कर रहे है. जिसके प्रयास से सड़क का जीर्णोद्धार करवाया जाय.