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समस्तीपुर में ई-रिक्शा बना शहर का नया 'मर्ज', धड़ल्ले से तोड़ रहे हैं नियम - major problem in the city in a few months

शहर में ई-रिक्शा कुछ ही महीनों में सुविधा के नाम पर एक बड़ी समस्या बन गया है. चाहे यात्री वाहन से जुड़े बस, मिनी बस, पिकअप, ऑटो, ई रिक्शा हों या फिर स्कूली बस सभी में क्षमता से अधिक यात्रियों को बैठाया जाता है.

ई-रिक्शा
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Published : Aug 31, 2019, 8:04 PM IST

समस्तीपुर: जिले में वाहन चालक यातायात नियमों को ताक पर रखकर यात्रियों को ढोते हैं. जिला मुख्यालय से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक सवारी वाहनों की स्थिति एक जैसी है. वाहनों की संख्या पहले से काफी बढ़ी है, बावजूद चालक क्षमता से अधिक सवारी लोड करने के बाद ही अगले स्टॉप के चलते हैं. चाहे यात्री वाहन से जुड़े बस, मिनी बस, पिकअप, ऑटो, ई रिक्शा हो या फिर स्कूली बस. सभी में क्षमता से अधिक यात्रियों को बिठाया जाता है. वहीं, शहर में ई-रिक्शा कुछ ही महीनों में सुविधा के नाम पर एक बड़ी समस्या बन गया है.

samastipur
सड़क के किनारे ई-रिक्शा चालक

समय समय पर होती है कार्रवाई
शहर के लगभग सभी जगहों पर ई-रिक्शा बड़ी आबादी के यातायात का जरिया बन गया है. यहीं, वजह है कि यह किसी भी चौक चौराहे से लेकर मुख्य सड़कों पर गलत तरीके से खड़े नजर आते हैं. इस मामले पर जिले के वरीय परिवहन अधिकारी ने कहा की ई-रिक्शा सरकार के नियमों के अनुरूप चल रहे हैं. रजिस्ट्रेशन से लेकर चालकों से संबंधित सभी कानून इनपर भी गंभीरता से लागू हैं. अगर यह नियमों की अनदेखी करते हैं तो इनके ऊपर समय-समय पर कार्रवाई भी होती है.

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ई-रिक्शा

डीटीओ ने साधी चुप्पी
जिले में इतनी बड़ी संख्या में चल रहे ई-रिक्शा के पार्किंग की कोई व्यवस्था नहीं है. वहीं, मामले पर डीटीओ ने चुप्पी साध ली. जिला मुख्यालय समेत अन्य सभी जगहों पर इस ई-रिक्शा को लेकर कहीं स्थायी स्टैंड नहीं है. ऑटो स्टैंड में इन्हें जगह नहीं दिया जाता है. ई-रिक्शा चालक इससे नाराज होकर सड़क और चौक-चौराहे को ही स्टैंड बना लिया है. ई-रिक्शा चालकों ने अपनी समस्या बताते हुए कहा कि, स्टैंड के अभाव में वे सड़क पर गाड़ियां लगाते हैं, जिससे पुलिस भी उन्हें परेशान करती है.

ई-रिक्शा चालक नियमों को दिखा रहे हैं ठेंगा

गलत पार्किंग बना जाम का कारण
बता दें कि जिला मुख्यालय के पास बस स्टैंड, ओवरब्रिज, मथुरापुर, रेलवे स्टेशन, और गोला रोड जैसे प्रमुख जगहों रोज जाम से परेशान रहता है. इसके पीछे बड़ी वजह ई-रिक्शा का सड़कों पर गलत पार्किंग के कारण होता है.

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जिला परिवहन कार्यालय, समस्तीपुर

समस्तीपुर: जिले में वाहन चालक यातायात नियमों को ताक पर रखकर यात्रियों को ढोते हैं. जिला मुख्यालय से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक सवारी वाहनों की स्थिति एक जैसी है. वाहनों की संख्या पहले से काफी बढ़ी है, बावजूद चालक क्षमता से अधिक सवारी लोड करने के बाद ही अगले स्टॉप के चलते हैं. चाहे यात्री वाहन से जुड़े बस, मिनी बस, पिकअप, ऑटो, ई रिक्शा हो या फिर स्कूली बस. सभी में क्षमता से अधिक यात्रियों को बिठाया जाता है. वहीं, शहर में ई-रिक्शा कुछ ही महीनों में सुविधा के नाम पर एक बड़ी समस्या बन गया है.

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सड़क के किनारे ई-रिक्शा चालक

समय समय पर होती है कार्रवाई
शहर के लगभग सभी जगहों पर ई-रिक्शा बड़ी आबादी के यातायात का जरिया बन गया है. यहीं, वजह है कि यह किसी भी चौक चौराहे से लेकर मुख्य सड़कों पर गलत तरीके से खड़े नजर आते हैं. इस मामले पर जिले के वरीय परिवहन अधिकारी ने कहा की ई-रिक्शा सरकार के नियमों के अनुरूप चल रहे हैं. रजिस्ट्रेशन से लेकर चालकों से संबंधित सभी कानून इनपर भी गंभीरता से लागू हैं. अगर यह नियमों की अनदेखी करते हैं तो इनके ऊपर समय-समय पर कार्रवाई भी होती है.

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ई-रिक्शा

डीटीओ ने साधी चुप्पी
जिले में इतनी बड़ी संख्या में चल रहे ई-रिक्शा के पार्किंग की कोई व्यवस्था नहीं है. वहीं, मामले पर डीटीओ ने चुप्पी साध ली. जिला मुख्यालय समेत अन्य सभी जगहों पर इस ई-रिक्शा को लेकर कहीं स्थायी स्टैंड नहीं है. ऑटो स्टैंड में इन्हें जगह नहीं दिया जाता है. ई-रिक्शा चालक इससे नाराज होकर सड़क और चौक-चौराहे को ही स्टैंड बना लिया है. ई-रिक्शा चालकों ने अपनी समस्या बताते हुए कहा कि, स्टैंड के अभाव में वे सड़क पर गाड़ियां लगाते हैं, जिससे पुलिस भी उन्हें परेशान करती है.

ई-रिक्शा चालक नियमों को दिखा रहे हैं ठेंगा

गलत पार्किंग बना जाम का कारण
बता दें कि जिला मुख्यालय के पास बस स्टैंड, ओवरब्रिज, मथुरापुर, रेलवे स्टेशन, और गोला रोड जैसे प्रमुख जगहों रोज जाम से परेशान रहता है. इसके पीछे बड़ी वजह ई-रिक्शा का सड़कों पर गलत पार्किंग के कारण होता है.

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जिला परिवहन कार्यालय, समस्तीपुर
Intro:ई रिक्सा , कुछ ही महीनों में जिले में सुविधा का एक बड़ा जरिया समस्या का वजह बन गया है । दरअसल इसको लेकर नियमों की अनदेखी व प्रशासनिक उदासीनता का नतीजा है की , यह ई रिक्सा यातायात के लिए बड़ी समस्या का वजह बनता जा रहा ।


Body:जिले के लगभग सभी जगहों पर एक बड़ी आबादी के यातायात का जरिया बने ई-रिक्सा को लेकर शायद कोई नियम व कानून नही। यही वजह है की , आपको यह किसी भी चौक चौराहे से लेकर मुख्य सड़कों पर बेतरतीब तरीके के खड़े नजर आयेगा। तो क्या प्रशासन का इस पर कोई नियंत्रण नही रहा या फिर , प्रशासन जानबूझ कर इसको लेकर आंखे मूंदे हुए है । वैसे इस मामले पर जिले के वरीय परिवहन अधिकारी ने कहा की , ई-रिक्सा सरकार के नियमों के अनुरूप चल रहे , रजिस्ट्रेशन से लेकर चालकों से सम्बंधित सभी कानून इनपर गंभीरता से लागू है । यही नही अगर यह नियमों की अनदेखी करते है तो , इनके ऊपर समय समय पर कार्यवाही भी होती है । लेकिन सवाल जिले में इतनी संख्या में चल रहे इस ई-रिक्सा के पार्किंग की क्या व्यवस्था है , इस मामले पर डीटीओ ने चुप्पी साध ली । दरअसल जिला मुख्यालय समेत अन्य सभी जगहों पर इस ई-रिक्सा को लेकर कंही स्थायी स्टैंड नही । ऑटो स्टैंड में इन्हें जगह नही दिया जाता , बहरहाल इन्होंने सड़क व चौक चौराहे को ही स्टैंड बना लिया है । ई-रिक्सा चालकों ने अपनी समस्या बताते हुए कहा की , स्टैंड के आभाव में वे सड़क पर गाड़ियां लगाते है , जिससे पुलिस भी उन्हें परेशान करती है ।

बाईट - राजेश कुमार , जिला परिवहन पदाधिकारी ।
बाईट - ई-रिक्सा चालक ।


Conclusion:गौरतलब है की , अगर जिला मुख्यालय की बात की जाए तो , बस स्टैंड , ओवरब्रिज , मथुरापुर , रेलवे स्टेशन , गोला रोड जैसे प्रमुख जगहें रोज जाम से हलकान रहता है । दरअसल इसके पीछे बड़ी वजह , इन ई-रिक्सा का सड़को पर बेतरतीब पार्किंग होता हैं।

अमित कुमार की रिपोर्ट ।
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