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पटना के 'जल कर्फ्यू' का विलेन कौन? आपदा प्रबंधन मंत्री ने दिया रटा-रटाया जवाब - नीतीश कुमार

एक ओर जहां प्रशासन और सरकार तत्परता से काम करने का दावा कर रही है. वहीं, पटनावासी इस दावे को सिरे से नकार रहे हैं. बिहार के आपदा प्रबंधन मंत्री लक्ष्मेश्वर राय से जब जवाब तलब किया गया, तो उन्होंने हमेशा की तरह जनता के साथ खड़े होने का रटा-रटाया जवाब दिया.

लक्ष्मेश्वर राय, आपदा प्रबंधन मंत्री
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Published : Oct 1, 2019, 9:44 PM IST

पटना: राजधानी में पिछले 4 दिनों से हो रही बारिश मंगलवार को पूरी तरह से थमी नजर आई. बारिश बंद होने के लगभग 24 घंटे बीत जाने के बावजूद भी पटना की स्थिति सामान्य नहीं हो पाई है. जलजमाव की समस्या जस की तस बनी हुई है, जिससे लोगों में आक्रोश देखने को मिल रहा है.

एक ओर जहां प्रशासन और सरकार तत्परता से काम करने का दावा कर रही है. वहीं, पटनावासी इस दावे को सिरे से नकार रहे हैं. हालांकि, इस समस्या का जिम्मेदार कौन? इसका जवाब अभी तक नहीं मिल सका है. आखिर किस चूक के कारण राजधानी जलमग्न हो गई? इन तमाम मुसीबतों की जिम्मदारी कोई भी सरकारी नुमाइंदा लेने को तैयार नहीं है.

patna
मंत्री से बात करने पहुंचे ईटीवी भारत संवाददाता

कौन है जिम्मेदार?
बिहार के आपदा प्रबंधन मंत्री लक्ष्मेश्वर राय से जब जवाब तलब किया गया तो उन्होंने हमेशा की तरह जनता के साथ खड़े होने का रटा-रटाया जवाब दिया. गौरतलब है कि आपदा प्रबंधन मंत्री ने पिछले दो दिनों से मीडिया से दूरी बना रखी थी. मंगलवार को जब ईटीवी भारत संवाददाता उनके पास पहुंचे तो उन्होंने सरकारी सहायताओं का ब्यौरा दिया.

'विपदा की घड़ी में सरकार खड़ी है साथ'
आपदा प्रबंधन मंत्री लक्ष्मेश्वर राय कहते हैं कि इस विपदा की घड़ी में सरकार राज्य की जनता के साथ है. बहुत जल्द ही पानी बाहर निकाल दिया जाएगा. हैवी डीवाटरिंग मशीन भी पटना पहुंची है. अगले दो से 3 दिनों में हालात सामान्य हो जाएंगे. मुख्यमंत्री लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं. राहत और बचाव कार्य तेजी से चलाए जा रहे हैं.

आपदा प्रबंधन मंत्री का बयान

ये है मौजूदा हालात
गौरतलब है कि आफत की बारिश ने अबतक 42 लोगों की जान ले ली है. सरकार ने आपदा राशि के तहत सभी मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख मुआवजा देने की बात कही है. वहीं, मौसम विभाग की ओर से सरकार को दोषी बताए जाने पर लक्ष्मेश्वर राय ने कहा कि इस बात में कोई सच्चाई नहीं है.

मौसम विभाग बनाम राज्य सरकार
दरअसल, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा था कि मौसम विभाग की ओर से उन्हें इस तरह की बारिश के लेकर कोई अलर्ट जारी नहीं किया गया था. इसके बाद मौसम विभाग ने मुख्यमंत्री के बयान का खंडन करते हुए बताया था कि समस्या पर प्रेस रिलीज जारी कर हालात से अवगत कराया जाता रहा है.

पटना: राजधानी में पिछले 4 दिनों से हो रही बारिश मंगलवार को पूरी तरह से थमी नजर आई. बारिश बंद होने के लगभग 24 घंटे बीत जाने के बावजूद भी पटना की स्थिति सामान्य नहीं हो पाई है. जलजमाव की समस्या जस की तस बनी हुई है, जिससे लोगों में आक्रोश देखने को मिल रहा है.

एक ओर जहां प्रशासन और सरकार तत्परता से काम करने का दावा कर रही है. वहीं, पटनावासी इस दावे को सिरे से नकार रहे हैं. हालांकि, इस समस्या का जिम्मेदार कौन? इसका जवाब अभी तक नहीं मिल सका है. आखिर किस चूक के कारण राजधानी जलमग्न हो गई? इन तमाम मुसीबतों की जिम्मदारी कोई भी सरकारी नुमाइंदा लेने को तैयार नहीं है.

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मंत्री से बात करने पहुंचे ईटीवी भारत संवाददाता

कौन है जिम्मेदार?
बिहार के आपदा प्रबंधन मंत्री लक्ष्मेश्वर राय से जब जवाब तलब किया गया तो उन्होंने हमेशा की तरह जनता के साथ खड़े होने का रटा-रटाया जवाब दिया. गौरतलब है कि आपदा प्रबंधन मंत्री ने पिछले दो दिनों से मीडिया से दूरी बना रखी थी. मंगलवार को जब ईटीवी भारत संवाददाता उनके पास पहुंचे तो उन्होंने सरकारी सहायताओं का ब्यौरा दिया.

'विपदा की घड़ी में सरकार खड़ी है साथ'
आपदा प्रबंधन मंत्री लक्ष्मेश्वर राय कहते हैं कि इस विपदा की घड़ी में सरकार राज्य की जनता के साथ है. बहुत जल्द ही पानी बाहर निकाल दिया जाएगा. हैवी डीवाटरिंग मशीन भी पटना पहुंची है. अगले दो से 3 दिनों में हालात सामान्य हो जाएंगे. मुख्यमंत्री लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं. राहत और बचाव कार्य तेजी से चलाए जा रहे हैं.

आपदा प्रबंधन मंत्री का बयान

ये है मौजूदा हालात
गौरतलब है कि आफत की बारिश ने अबतक 42 लोगों की जान ले ली है. सरकार ने आपदा राशि के तहत सभी मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख मुआवजा देने की बात कही है. वहीं, मौसम विभाग की ओर से सरकार को दोषी बताए जाने पर लक्ष्मेश्वर राय ने कहा कि इस बात में कोई सच्चाई नहीं है.

मौसम विभाग बनाम राज्य सरकार
दरअसल, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा था कि मौसम विभाग की ओर से उन्हें इस तरह की बारिश के लेकर कोई अलर्ट जारी नहीं किया गया था. इसके बाद मौसम विभाग ने मुख्यमंत्री के बयान का खंडन करते हुए बताया था कि समस्या पर प्रेस रिलीज जारी कर हालात से अवगत कराया जाता रहा है.

Intro: 24 घंटे से बारिश थमने के बावजूद पटना की स्थिति में कोई खास सुधार होता नहीं दिख रहा। आखिर इस हालात का जिम्मेदार कौन है ? इस सवाल का अभी तक नहीं मिला है जबाब। कैसे 2 दिनों की बारिश से पटना जलमग्न हो गया ? किस के चूक के कारण यह स्थिति बनी ? इन तमाम सवालों पर सरकार चुप्पी साधे हुए है।
इस बाबत जब आपदा प्रबंधन मंत्री से सवाल पूछा गया तो वे चुप्पी साध लिए। मुख्यमंत्री भी 2 दिनों से मीडिया से दूरी बनाए हुए हैं।


Body:आपदा प्रबंधन मंत्री लक्ष्मेश्वर राय कहते हैं कि इस विपदा की घड़ी में राज्य के जनता के साथ सरकार हमेशा खड़ी है। बहुत जल्द पानी बाहर निकालने के लिए हैवी डीवाटरिंग मशीन भी पटना पहुंच जाएगा। अगले दो से 3 दिनों में हालात सामान्य हो जाएंगे।
मंत्री या भी कहते हैं कि बिहार सरकार लगातार तमाम हालातों पर नजर बनाए हुए हैं। जो लोग पानी में फंसे हुए हैं, उन्हें बाहर निकाला जा रहा है और राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है।


Conclusion:इस आफत की बारिश से अब तक 42 लोगों की मौत हो चुकी है। मृतकों के परिजनों को 4 -4 लाख मुआवजा की राशि दे दी गई है। आगे भी हालात से निपटने के लिए पूरी तैयारी है। लेकिन जब उनसे सवाल पूछा गया कि लगातार बैठकों कौन दोषी है इसका निर्णय हुआ। इस सवाल पर आपदा मंत्री चुप रह जाते हैं और गोलमोल बाते करते रहते है।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा था कि मौसम विभाग द्वारा इस तरह की बारिश का कोई अलर्ट जारी नहीं किया गया। इसके बाद मौसम विभाग ने मुख्यमंत्री के बयान का खंडन करते हुए बताया था, कि समस्या पर प्रेस रिलीज जारी कर हालात से अवगत कराया जाता रहा है।
शायद इसके बाद ही तमाम सरकार कुछ भी बोलने से या तो बच रही है या तो सजग हो गई है।
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