पटना: राजधानी में पिछले 4 दिनों से हो रही बारिश मंगलवार को पूरी तरह से थमी नजर आई. बारिश बंद होने के लगभग 24 घंटे बीत जाने के बावजूद भी पटना की स्थिति सामान्य नहीं हो पाई है. जलजमाव की समस्या जस की तस बनी हुई है, जिससे लोगों में आक्रोश देखने को मिल रहा है.
एक ओर जहां प्रशासन और सरकार तत्परता से काम करने का दावा कर रही है. वहीं, पटनावासी इस दावे को सिरे से नकार रहे हैं. हालांकि, इस समस्या का जिम्मेदार कौन? इसका जवाब अभी तक नहीं मिल सका है. आखिर किस चूक के कारण राजधानी जलमग्न हो गई? इन तमाम मुसीबतों की जिम्मदारी कोई भी सरकारी नुमाइंदा लेने को तैयार नहीं है.
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कौन है जिम्मेदार?
बिहार के आपदा प्रबंधन मंत्री लक्ष्मेश्वर राय से जब जवाब तलब किया गया तो उन्होंने हमेशा की तरह जनता के साथ खड़े होने का रटा-रटाया जवाब दिया. गौरतलब है कि आपदा प्रबंधन मंत्री ने पिछले दो दिनों से मीडिया से दूरी बना रखी थी. मंगलवार को जब ईटीवी भारत संवाददाता उनके पास पहुंचे तो उन्होंने सरकारी सहायताओं का ब्यौरा दिया.
'विपदा की घड़ी में सरकार खड़ी है साथ'
आपदा प्रबंधन मंत्री लक्ष्मेश्वर राय कहते हैं कि इस विपदा की घड़ी में सरकार राज्य की जनता के साथ है. बहुत जल्द ही पानी बाहर निकाल दिया जाएगा. हैवी डीवाटरिंग मशीन भी पटना पहुंची है. अगले दो से 3 दिनों में हालात सामान्य हो जाएंगे. मुख्यमंत्री लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं. राहत और बचाव कार्य तेजी से चलाए जा रहे हैं.
ये है मौजूदा हालात
गौरतलब है कि आफत की बारिश ने अबतक 42 लोगों की जान ले ली है. सरकार ने आपदा राशि के तहत सभी मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख मुआवजा देने की बात कही है. वहीं, मौसम विभाग की ओर से सरकार को दोषी बताए जाने पर लक्ष्मेश्वर राय ने कहा कि इस बात में कोई सच्चाई नहीं है.
मौसम विभाग बनाम राज्य सरकार
दरअसल, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा था कि मौसम विभाग की ओर से उन्हें इस तरह की बारिश के लेकर कोई अलर्ट जारी नहीं किया गया था. इसके बाद मौसम विभाग ने मुख्यमंत्री के बयान का खंडन करते हुए बताया था कि समस्या पर प्रेस रिलीज जारी कर हालात से अवगत कराया जाता रहा है.