पटना: बीपीएससी पीटी परीक्षा में परसेंटाइल सिस्टम लागू करने और 2 दिन परीक्षा आयोजित किए जाने का अभ्यर्थी लगातार विरोध कर रहे हैं. इसको लेकर बुधवार को गांधी मैदान से बीपीएससी ऑफिस तक हजारों की तादाद में अभ्यर्थी पैदल मार्च में शामिल हुए. मार्च को रोकने के लिए पुलिस ने अभ्यर्थियों पर हल्का बल प्रयोग करते हुए लाठी चार्ज (Police Lathi Charge On BPSC Candidates In Patna) किया. जिसके बाद घायल अभ्यर्थी अपनी फरियाद लेकर 10 सर्कुलर रोड स्थित लालू-राबड़ी आवास पहुंच गए हैं.
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तेजस्वी यादव से मिलना चाहते हैं अभ्यर्थी: सैकड़ों की संख्या में राबड़ी आवास पहुंचे बीपीएसपी के अभ्यर्थी उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव (Deputy Cm Tejashwi Yadav) से मिलना चाहते हैं. अभ्यर्थियों ने कह कि तेजस्वी यादव युवा है. हमेशा कहते रहते हैं कि वह युवाओं की सुनेंगे. ऐसे में वह सभी बड़ी उम्मीदों के साथ उनसे मिलने पहुंचे हैं. अब वही हमलोगों की आखिरी उम्मीद बचे हुए हैं. अभ्यर्थियों ने कहा कि बीपीएससी परीक्षा में परसेंटाइल सिस्टम का विरोध कर रहे हैं. आयोग इस पर कोई संज्ञान नहीं ले रहा ना ही कुछ भी सुनने को तैयार है.
परीक्षा पैर्टन में बदलाव को लेकर विरोध: अभ्यर्थियों का कहना है कि किसी भी पब्लिक सर्विस कमीशन में परसेंटाइल सिस्टम नहीं है. प्रीलिम्स परीक्षा 1 दिन ही आयोजित की जाती है, जबकि यहां बिहार में 2 दिन आयोजित की जा रही है. ऐसे में परीक्षा में धांधली के भी पूरे आसार बन रहे हैं. परीक्षा का नोटिफिकेशन निकालने से पूर्व नियम तय हो जाना चाहिए. बीच परीक्षा में परीक्षा का पैटर्न बदला जा रहा है. यह सरासर गलत है. अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया कि बीपीएससी परीक्षा में बदलाव लाकर चोर दरवाजे से अपने लोगों को घुसना चाहती है.
उन्होंने कहा कि 1 दिन में यदि परीक्षा होती है तो मेरिट के आधार पर फाइनल रिजल्ट आएगा. लेकिन 2 दिन के परीक्षा में परसेंटाइल का कोई क्राइटेरिया भी तय नहीं है. इसमें यह होगा कि अधिक नंबर लाने के बाद भी छात्र चयनित होने से वंचित हो जाएंगे और कम नंबर वाला छात्र चयनित हो जाएगा. यह सिस्टम देश में किसी भी पब्लिक सर्विस कमीशन में नहीं है.
पुलिस लाठीचार्ज में घायल कई अभ्यर्थी: बता दें कि बीपीएससी 67वीं की पीटी परीक्षा को लेकर के बिहार में विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है. अभ्यर्थी परसेंटाइल सिस्टम लागू करने और दो दिन परीक्षा आयोजित कराने का विरोध कर रहे है. इसी मामले को लेकर सैकड़ों अभ्यर्थियों ने गांधी मैदान से बिहार आयोग तक पैदल मार्च निकाला था. लेकिन मार्च जैसे ही बिहार म्यूजियम पहुंचा कि अभ्यर्थियों को तितर बितर करने के लिए पुलिस ने हल्का बल प्रयोग किया और लाठी चार्ज कर अभ्यर्थियों को हटाया.
इस लाठी चार्ज में कई महिला और पुरुष अभ्यर्थी घायल हो गए. जिसको लेकर उनमें काफी नाराजगी है. ऐसे में अभ्यर्थी मामले की गुहार लगाने राबड़ी आवास पहुंच गए. अभ्यर्थियों का कहना है कि दर्जनों अभ्यर्थी लाठीचार्ज में जख्मी हुए हैं और पुरुष पुलिस बल ने महिला अभ्यर्थियों पर लाठीचार्ज किया है, जो कि बहुत गलत हुआ है. ऐसे में अभ्यर्थी इस मामले में अभ्यर्थी चाहते है कि तेजस्वी यादव हस्तक्षेप करें.
"हमलोग शांतिपूर्वक मार्च कर रहे थे लेकिन हमलोगों पर लाठीचार्ज किया गया. जेंट्स पुलिसकर्मियों ने महिला अभ्यर्थियों पर लाठीचार्ज किया. उनका मकसद हमलोगों को घायल करना था. हमलोगों की मांग है कि दो शिफ्ट में परीक्षा करवाएं. लेकिन बीपीएससी चेयरमैन ने चोर दरवाजा बनाने के लिए परसेंटाइल सिस्टम और दो दिन परीक्षा आयोजित कराने के लिए नियम में बदलाव किया है" - संजीव कुमार, BPSC अभ्यर्थी
"पुलिस कांस्टेबल से जब हमलोगों ने पूछा कि ऐसा क्या कर रहे तो उन्होंने बताया कि हमलोगों को आर्डर मिला है. पुरूष कांस्टेबल ने महिला अभ्यर्थी पर लाठीचार्ज किया. हमलोगों को सुनने को तैयार नहीं है. हमलोग तेजस्वी यादव से मिलना चाहते है. उन्होंने कहा था कि वे युवाओं की सनेंगे. हमलोगों का विरोध परसेंटाइल सिस्टम को लेकर है. इससे परीक्षा में भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिलेगा" - अनामिका कुमारी, BPSC अभ्यर्थी