बेगूसराय: केंद्रीय पशुपालन मंत्री गिरिराज सिंह एक कार्यक्रम के सिलसिले में जिले के तेघरा प्रखंड पहुंचे. यहां उन्होंने किसानों की प्रतिभा को देखा. इस दौरान गिरिराज सिंह ने कहा कि बिहार में बहुत संभावनाएं हैं, राज्य अब नई क्रांति की ओर बढ़ चला है. नए युवाओं के फिशरीज में आने से किसानों की आय में दो गुना नहीं 6 गुना आमदनी हो रही है.
गिरिराज सिंह ने कहा कि यहां के युवा तकनीक के आधार पर नए-नए कीर्तिमान रच रहे हैं. किसान फिशरीज एग्रीकल्चर को तकनीक से जोड़कर दूसरों के लिए मिसाल पेश कर रहे हैं. जिससे नए-नए रोजगार के अवसर बन रहे हैं.
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'किसानों के लिए मिसाल हैं राजीव'
दरअसल, पिढ़ौली गांव के राजीव कुमार ने अपनी सरकारी नौकरी छोड़ एकुआ फिशरीज एग्रीकल्चर जैसी तकनीक को अपनाया है. राजीव ने इस तकनीक के माध्यम से सभी किसानों के लिए एक मिसाल पेश की है. उसकी इस प्रतिभा को लोगों ने खूब सराहा भी है. यहां तक की देश-विदेश से 500 किसानों ने इसकी ट्रेनिंग भी ली. जिसमें 137 किसान इस रोजगार को अपनाकर अपना जीवनयापन कर रहे हैं.
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'फिशरीज डिपार्टमेंट के आइकॉन हैं राजीव'
देश के युवाओं के लिए रोल मॉडल बने राजीव आज फिशरीज डिपार्टमेंट के लिए भी आइकॉन बन गए हैं. जिसका परिणाम है कि खुद केंद्रीय पशुपालन मंत्री गिरिराज सिंह राजीव की उपलब्धियों को देखने उनके गांव आए. राजीव की इन उपलब्धियों को देखकर खुद केंद्रीय मंत्री ने भी इन्हें किसानों का आइकॉन घोषित कर दिया.
कौन हैं राजीव?
बता दें कि राजीव एक बेहद सामान्य परिवार से आते हैं. जिन्होंने सीआरपीएफ में अपनी 22 साल की सेवा देकर सिर्फ इसी काम के लिए वोलंटरी रिटायरमेंट ले लिया. उसके बाद राजीव ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा और फिर एकुआ फिशरीज एग्रीकल्चर जैसी नई तकनीक का इजात कर रहे हैं.