रायबरेलीः अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) में गजब कारनामा सामने आया है. जिससे संस्थान की किरकिरी तो हो ही रही है, साथ में सुविधाओं के दम भरने की हवा भी निकल रही है. पेट दर्द से परेशान युवक जब एम्स में इलाज कराने पहुंचा तो डॉक्टर देखकर उसे अल्ट्रासाउंड के लिए कहा. लेकिन पीड़ित को अल्ट्रासाउंड की डेट ऐसी दे दी कि होश उड़ गए. पीड़ित ने जिलाधिकारी को शिकायत पत्र देकर कार्रवाई की मांग की है.
जिलाधिकारी कार्यालय पर गुरुवार को पहुंचे महराजगंज कोतवाली क्षेत्र के पिंडारी खुर्द गांव निवासी भीष्म नारायण सिंह पुत्र जंग बहादुर सिंह ने बताया कि वह पेट दर्द से परेशान थे. इसलिए बेहतर उपचार के लिये सुबह एम्स गए थे. एम्स के डॉक्टर ने जांच की और अल्ट्रा साउंड करवाने के लिये कहा. जब काउंटर पर पहुंचे तो अल्ट्रासाउंड विभाग द्वारा उसे 6 मई 2026 की अल्ट्रासाउंड करने की तारीख दे दी गई.
भीष्म नारायण सिंह ने बताया कि उसके पेट मे दिक्कत थी, तब डॉक्टर ने कहा कि अल्ट्रासाउंड करवाना पड़ेगा. जब अल्ट्रासाउंड करवाने गया तो कहा गया कि डेट लेकर आओ. जब मैं डेट लेने गया तो बताया गया कि 2026 की मिलेगी. इस पर उसने कहा कि अभी तो 2025 चल रहा है. लेकिन उन लोगों ने मेरी बात नहीं सुनी और 6 मई 2026 की डेट अल्ट्रासाउंड के लिए दे दी. यह बात जब डॉक्टर साहब को बताई तो उन्होंने कहा कि बाहर से अल्ट्रासाउंड करवा लो. वहीं, गार्ड ने दो-तीन अल्ट्रासाउंड का नाम भी बताया. भीष्म ने बताया कि जिलाधिकारी के पास आकर समस्या बताई है. उसने कहा कि सक्षम व्यक्ति तो बाहर से अल्ट्रासाउंड करवा लेगा लेकिन गरीब आदमी बाहर से कैसे करवा पाएगा.
एम्स के प्रवक्ता डॉक्टर नीरज श्रीवास्तव ने कहा कि मामला संज्ञान में है. अस्पताल में स्टाफ की कमी है. एक ही डॉक्टर है, जोकि पेशेंट भी देखते हैं और अल्ट्रासाउंड भी करते हैं, इसलिये समस्या है. कोई पेशेंट अगर बाहर से अल्ट्रासाउंड करा लेता है तो उस रिपोर्ट को भी एम्स प्रशासन मान्य करता है.
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