ETV Bharat / state

दुमका में आदिवासी संगठन का बांग्लादेशी घुसपैठ के खिलाफ प्रदर्शन, बांग्लादेशी नागरिक की गिरफ्तारी और रिहाई को बनाया मुद्दा - PROTEST AGAINST INFILTRATION

आदिवासी संगठन के सदस्यों ने बांग्लादेशी घुसपैठ के खिलाफ दुमका में विरोध-प्रदर्शन किया. इस दौरान शहर में बाइक रैली भी निकाली गई.

Bangladeshi Infiltration
दुमका में पारंपरिक शस्त्रों के साथ प्रदर्शन करते आदिवासी संगठन से सदस्य. (फोटो-ईटीवी भारत)
author img

By ETV Bharat Jharkhand Team

Published : Feb 27, 2025, 7:53 PM IST

दुमकाः आदिवासी सांवता सुशार आखड़ा संगठन के सदस्यों ने गुरुवार को बांग्लादेशी घुसपैठ के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन किया. आदिवासी संगठन के सदस्यों ने कहा कि बांग्लादेशी घुसपैठियों को हम हरगिज बर्दाश्त नहीं करेंगे. बांग्लादेशी घुसपैठ के खिलाफ बड़ा आंदोलन किया जाएगा. दरअसल, पिछले दो वर्षों से दुमका के केंद्रीय कारा में बंद बांग्लादेशी नागरिक नजमुल हवलदार की सजा आज गुरुवार को पूरी हो गई. नजमुल की संथाल परगना से गिरफ्तारी हुई थी. इसे मुद्दा बनाते हुए आदिवासी संगठन ने विरोध-प्रदर्शन किया.

बांग्लादेशी घुसपैठ के खिलाफ दुमका में प्रदर्शन करते आदिवासी संगठन के सदस्य. (वीडियो-ईटीवी भारत)

दुमका में आदिवासी संगठन की बाइक रैली

इस दौरान आदिवासी संगठन के सदस्यों ने बाइक रैली भी निकाली. इस रैली में काफी संख्या में आदिवासी समाज के लोग शामिल थे. सभी परंपरागत हथियार तीर-धनुष , कुल्हाड़ी से लैस थे. सभी के हाथों में बांग्लादेशी घुसपैठियों के खिलाफ बैनर और पोस्टर थे. जिस पर लिखा था बांग्लादेशी घुसपैठियों को मार भगाना है. इस संबंध में आखड़ा के प्रमंडलीय संयोजक चंद्रमोहन हांसदा ने कहा कि एक तरफ सरकार यह दावा करती है कि एक भी बांग्लादेशी संथाल परगना में नहीं है. ऐसे में सरकार बताएं कि बांग्लादेशी नागरिक नजमुल हवलदार कहां से गिरफ्तार हुआ था.

उन्होंने कहा कि ऐसे कई बांग्लादेशी घुसपैठिए हैं जो संथाल परगना की माटी और बेटी पर धावा बोल रहे हैं. जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. हमलोग उन्हें यहां से खदेड़ कर भगाएंगे. चंद्रमोहन हांसदा ने कहा कि सरकार इस पर गंभीरता से संज्ञान लें अन्यथा हम लोग बांग्लादेशी घुसपैठियों के खिलाफ एक बड़ा आंदोलन करेंगे.

दो वर्ष पूर्व पकड़ा गया था बांग्लादेशी नागरिक

दरअसल, दो वर्ष पूर्व नजमुल हवलदार को साहिबगंज की पुलिस ने गिरफ्तार किया था. वह बांग्लादेश के बागेरहाट जिले का रहनेवाला था और चोरी-छुपे भारतीय सीमा में प्रवेश कर गया था. राजमहल थाना में उसके खिलाफ सुसंगत धाराओं में केस दर्ज हुआ था. न्यायालय ने उसे दो साल की सजा सुनाई थी. केंद्रीय कारा दुमका में आज गुरुवार को उसकी सजा पूरी हो रही है. यह जानकारी दुमका सेन्ट्रल जेल के सुपरिटेंडेंट कुमार चन्द्रशेखर ने ईटीवी भारत को फोन पर दी.

Bangladeshi Infiltration
दुमका में बाइक रैली में शामिल आदिवासी समाज के लोग. (फोटो-ईटीवी भारत)

उन्होंने बताया कि नियम के अनुसार इस बांग्लादेशी नागरिक को दुमका केन्द्रीय कारा से हजारीबाग के डिटेंशन सेंटर में भेजा जाएगा और वहां से आवश्यक कागजी प्रक्रिया पूरी कर बांग्लादेश भेजा जाएगा. कुमार चंद्रशेखर ने बताया कि सजा पूरी होने और उसे हजारीबाग भेजने की प्रक्रिया के संबंध में जानकारी जेल आईजी रांची को दी गई है. वहां से प्राप्त आवश्यक दिशा निर्देश के बाद जिला पुलिस बल की सुरक्षा में नजमुल को हजारीबाग भेजा जाएगा. संभावना है कि भेजने की प्रक्रिया कल पूरी होगी.

ये भी पढ़ें-

हजारीबाग में केंद्रीय बजट पर परिचर्चा में शामिल हुए केंद्रीय राज्य मंत्री संजय सेठ, बांग्लादेशी घुसपैठ पर दिया बड़ा बयान - DISCUSSION ON UNION BUDGET

बीजेपी के पूर्व विधायक अनंत ओझा को जान का खतरा, बांग्लादेशी घुसपैठ विषय उठाने पर मिल रही धमकी - FORMER BJP MLA ANANT OJHA

यह राजनीति का अंत नहीं, बांग्लादेशी घुसपैठ और आदिवासियों के हक की आवाज उठाता रहूंगाः चंपाई सोरेन - FIGHT FOR DIGNITY OF TRIBALS

दुमकाः आदिवासी सांवता सुशार आखड़ा संगठन के सदस्यों ने गुरुवार को बांग्लादेशी घुसपैठ के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन किया. आदिवासी संगठन के सदस्यों ने कहा कि बांग्लादेशी घुसपैठियों को हम हरगिज बर्दाश्त नहीं करेंगे. बांग्लादेशी घुसपैठ के खिलाफ बड़ा आंदोलन किया जाएगा. दरअसल, पिछले दो वर्षों से दुमका के केंद्रीय कारा में बंद बांग्लादेशी नागरिक नजमुल हवलदार की सजा आज गुरुवार को पूरी हो गई. नजमुल की संथाल परगना से गिरफ्तारी हुई थी. इसे मुद्दा बनाते हुए आदिवासी संगठन ने विरोध-प्रदर्शन किया.

बांग्लादेशी घुसपैठ के खिलाफ दुमका में प्रदर्शन करते आदिवासी संगठन के सदस्य. (वीडियो-ईटीवी भारत)

दुमका में आदिवासी संगठन की बाइक रैली

इस दौरान आदिवासी संगठन के सदस्यों ने बाइक रैली भी निकाली. इस रैली में काफी संख्या में आदिवासी समाज के लोग शामिल थे. सभी परंपरागत हथियार तीर-धनुष , कुल्हाड़ी से लैस थे. सभी के हाथों में बांग्लादेशी घुसपैठियों के खिलाफ बैनर और पोस्टर थे. जिस पर लिखा था बांग्लादेशी घुसपैठियों को मार भगाना है. इस संबंध में आखड़ा के प्रमंडलीय संयोजक चंद्रमोहन हांसदा ने कहा कि एक तरफ सरकार यह दावा करती है कि एक भी बांग्लादेशी संथाल परगना में नहीं है. ऐसे में सरकार बताएं कि बांग्लादेशी नागरिक नजमुल हवलदार कहां से गिरफ्तार हुआ था.

उन्होंने कहा कि ऐसे कई बांग्लादेशी घुसपैठिए हैं जो संथाल परगना की माटी और बेटी पर धावा बोल रहे हैं. जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. हमलोग उन्हें यहां से खदेड़ कर भगाएंगे. चंद्रमोहन हांसदा ने कहा कि सरकार इस पर गंभीरता से संज्ञान लें अन्यथा हम लोग बांग्लादेशी घुसपैठियों के खिलाफ एक बड़ा आंदोलन करेंगे.

दो वर्ष पूर्व पकड़ा गया था बांग्लादेशी नागरिक

दरअसल, दो वर्ष पूर्व नजमुल हवलदार को साहिबगंज की पुलिस ने गिरफ्तार किया था. वह बांग्लादेश के बागेरहाट जिले का रहनेवाला था और चोरी-छुपे भारतीय सीमा में प्रवेश कर गया था. राजमहल थाना में उसके खिलाफ सुसंगत धाराओं में केस दर्ज हुआ था. न्यायालय ने उसे दो साल की सजा सुनाई थी. केंद्रीय कारा दुमका में आज गुरुवार को उसकी सजा पूरी हो रही है. यह जानकारी दुमका सेन्ट्रल जेल के सुपरिटेंडेंट कुमार चन्द्रशेखर ने ईटीवी भारत को फोन पर दी.

Bangladeshi Infiltration
दुमका में बाइक रैली में शामिल आदिवासी समाज के लोग. (फोटो-ईटीवी भारत)

उन्होंने बताया कि नियम के अनुसार इस बांग्लादेशी नागरिक को दुमका केन्द्रीय कारा से हजारीबाग के डिटेंशन सेंटर में भेजा जाएगा और वहां से आवश्यक कागजी प्रक्रिया पूरी कर बांग्लादेश भेजा जाएगा. कुमार चंद्रशेखर ने बताया कि सजा पूरी होने और उसे हजारीबाग भेजने की प्रक्रिया के संबंध में जानकारी जेल आईजी रांची को दी गई है. वहां से प्राप्त आवश्यक दिशा निर्देश के बाद जिला पुलिस बल की सुरक्षा में नजमुल को हजारीबाग भेजा जाएगा. संभावना है कि भेजने की प्रक्रिया कल पूरी होगी.

ये भी पढ़ें-

हजारीबाग में केंद्रीय बजट पर परिचर्चा में शामिल हुए केंद्रीय राज्य मंत्री संजय सेठ, बांग्लादेशी घुसपैठ पर दिया बड़ा बयान - DISCUSSION ON UNION BUDGET

बीजेपी के पूर्व विधायक अनंत ओझा को जान का खतरा, बांग्लादेशी घुसपैठ विषय उठाने पर मिल रही धमकी - FORMER BJP MLA ANANT OJHA

यह राजनीति का अंत नहीं, बांग्लादेशी घुसपैठ और आदिवासियों के हक की आवाज उठाता रहूंगाः चंपाई सोरेन - FIGHT FOR DIGNITY OF TRIBALS

ETV Bharat Logo

Copyright © 2025 Ushodaya Enterprises Pvt. Ltd., All Rights Reserved.