जयपुर : राजस्थान विधानसभा में चल रहे गतिरोध को खत्म करने की एक बार फिर पहल हुई है. संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल और कांग्रेस मुख्य सचेतक रफीक खान के बीच विधानसभा में बंद कमरे में वार्ता चल रही है. सदन की कार्यवाही से बहिष्कार के बावजूद कांग्रेस मुख्य सचेतक रफीक खान विधानसभा पहुंचे हैं और संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल से बात कर रहे हैं.
दोनों ही पक्षों की कोशिश है कि यह गतिरोध खत्म हो और बजट पर विपक्ष की तरफ से भी जवाब आए. माना जा रहा है कि अगर बीच का रास्ता निकलता है तो इसके बाद मुख्य सचेतक और संसदीय कार्य मंत्री विधानसभा अध्यक्ष के पास जाएंगे और उनसे इस गतिरोध को तोड़ने के लिए कुछ व्यवस्था देने का आग्रह करेंगे. बता दें कि 20 फरवरी को सदन में 'दादी' शब्द को लेकर बवाल मचा था, जो लगातार जारी है. बिना विपक्ष के सदन की कार्यवाही जारी है. दूसरी तरफ कांग्रेस विधानसभा के मुख्य द्वार पर धरना देकर अपना विरोध दर्ज कर रही है. कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा से सदन में माफी मांगने को लेकर चल रही गतिरोध को पक्ष और विपक्ष दोनों ही मंथन कर रहे हैं.
हम गतिरोध खत्म करना चाहते हैं : उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा ने भी कहा था कि हम चाहते हैं कि सदन सुचारू रूप से चले. जो गतिरोध सदन में बना हुआ है वह खत्म हो, लेकिन विपक्ष अभी भी अड़ियल रवैया अपना रहा है, जो गलत है. बैरवा ने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष की आंखों से आंसू आए, वो ठीक परंपरा नहीं है. आसन की अपनी गरिमा होती है. अगर उनसे आसन का अपमान हुआ है तो उसपर पर भी विपक्ष के साथियों को सोचना चाहिए.
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उन्होंने कहा कि जहां तक 'दादी' शब्द की बात है तो हम पूर्व में कह चुके हैं कि अगर इससे आपत्ति है तो इन शब्दों को सदन की कार्रवाई से हटाने का आग्रह विधानसभा अध्यक्ष से करेंगे. इसमें छोटे-बड़े की कोई बात नहीं है, लेकिन विपक्ष को भी अपनी जिम्मेदारी समझते हुए एक कदम आगे बढ़ना चाहिए. प्रदेश की 8 करोड़ जनता विधानसभा की ओर देख रही है, जहां पर जनता के मुद्दों पर चर्चा होनी चाहिए. वह नहीं हो रही है, इसलिए विपक्ष से लगातार यही आग्रह कर रहे हैं कि वह गतिरोध तोड़ने के लिए डायलॉग करें.
विपक्ष वार्ता को तैयार नहीं : गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम ने कहा कि सदन की परंपरा रही है कि जब कोई गतिरोध होता है तो बातचीत से उसे खत्म किया जाता है. हम इस गतिरोध को खत्म करने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं. संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल सहित तमाम सत्ता पक्ष के जिम्मेदार लोग बातचीत कर पहल करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन विपक्ष वार्ता को तैयार नहीं है. प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा कह रहे हैं कि 'मैंने सदन में ऐसा नहीं बोला, जबकि सबने उनके बयान को सुना है.'
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डोटासरा एक राष्ट्रीय पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष भी हैं, जिम्मेदार पद पर हैं. उन्हें माफी मांग कर गतिरोध खत्म करना चाहिए. तय हुआ था कि आसन पर चढ़कर जो भावनाओं को आहत करने का प्रयास किया है, उसके लिए खुद गोविंद डोटासरा सदन में खड़े होकर खेद प्रकट करेंगे, लेकिन उन्हें गुमराह करने की आदत है. जहां तक 'दादी' शब्द को विलुप्त करने की बात है, उससे हमें कोई एतराज नहीं, बस कांग्रेस के साथी कह दें कि वो इंदिरा गांधी को दादी नहीं मानते. हम सदन से दादी शब्द विलोपित करने का आग्रह अध्यक्ष से करेंगे. बता दें कि गुरुवार को भी विपक्ष के निलंबित 6 विधायकों को रोकने के लिए विधानसभा के पूर्वी और पश्चिमी गेट पर मार्शल तैनात किए गए. मार्शल के साथ बड़ी संख्या में पुलिस का अतिरिक्त जाप्ता भी तैनात किया गया.