रायपुर: बीजेपी ने नगरीय निकाय चुनाव में कई जगहों पर महिला उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है. रायपुर नगर निगम का मेयर पद महिला सामान्य वर्ग के लिए आरक्षित है. बीजेपी ने मीनल चौबे को रायपुर मेयर पद का उम्मीदवार बनाया है. दूसरी ओर कांग्रेस ने दीप्ति प्रमोद दुबे को रायपुर मेयर पद के लिए उम्मीदवार घोषित किया है. रायपुर में बीजेपी की मेयर प्रत्याशी मीनल चौबे से ईटीवी भारत ने खास बातचीत की है. इस बातचीत में मीनल चौबे ने जीत का दावा किया है. उन्होंने दावा किया कि रायपुर मेयर पद पर बीजेपी का कब्जा होगा. इसके साथ ही मीनल चौबे ने कांग्रेस पर तंज कसा और कहा कि उनके पास कोई महिला कार्यकर्ता नहीं है. इसलिए एक सीधी सादी महिला दीप्ति दुबे को उम्मीदवार बनाया है.
सवाल: मीनल जी, क्या कुछ चुनौती या समस्या है जिसका समाधान किया जाएगा ?
जवाब: पिछले 15 सालों से नगर निगम में कांग्रेस की सरकार है. शहर की जनता को जो मूलभूत सुविधा मिलनी चाहिए वह नहीं मिल पाई है. शहर का जो विकास होना चाहिए वह विकास थम सा गया है. मेरी प्राथमिकता रहेगी की नगर निगम का जो मूल दायित्व है. जिस चीज के लिए जनता टैक्स अदा करती है. वह सुविधा जनता को मिलनी चाहिए. नगर निगम का मूल कार्य है जनता को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना. सफाई व्यवस्था, बिजली की व्यवस्था करना. यह सभी काम मेरी प्राथमिकता में रहेंगे. मेरा यह भी दायित्व रहेगा कि मैं समाज के अंतिम व्यक्ति तक सेवा दे सकूं.
सवाल: क्या कुछ मुद्दों को लेकर चुनाव लड़ा जा रहा है?
जवाब: कांग्रेस ने पिछले 15 सालों में जो भ्रष्टाचार किया है. इसके साथ ही पिछले 5 साल के जो भ्रष्टाचार हैं. इन सारे विषयों पर चुनाव लड़ रहे हैं.केंद्र की सरकार ने शहर को विकसित करने के लिए करोड़ों रुपए दिए हैं. बावजूद इसके इन पैसों का दुरुपयोग करने के साथ ही बंदरबाट किया गया है. इन पैसों का कांग्रेस ने कोई सदुपयोग नहीं किया. स्मार्ट सिटी के भ्रष्टाचार की कहानी किसी से छिपी नहीं है. हमारे पास इस चुनाव में लड़ने के लिए मुद्दे ही मुद्दे हैं. कांग्रेस किसी भी क्षेत्र में सफल नहीं है. जनता अब सब चीजों को जान चुकी है. ऐसे में हमें जनता को ज्यादा कुछ बताने की जरूरत भी नहीं है. पिछले जितने भी चुनाव हुए हैं उसमें कांग्रेस मुंह के बल गिरी है और आने वाले समय में भी यही होगा.
सवाल: आपने 15 सालों तक पार्षद की भूमिका निभाई है. बीते 5 साल तक आपने नेता प्रतिपक्ष के रूप में भूमिका निभाई है. ऐसे में महापौर बनने के बाद किस तरह की चुनौतियां रहेंगी?
जवाब:मैं पिछले 15 साल से नगर निगम में काम कर रही हूं, इसलिए मुझे नगर निगम के कामों की अच्छी खासी जानकारी हो गई है. मैं चीजों को समझती हूं कि क्या कुछ सुविधा है, जिसको पूरा करने से जनता वोट करेगी. तो मेरा यह प्रयास रहेगा की ऐसे में राज्य और केंद्र सरकार से जो भी पैसा नगर निगम को मिलेगा उसका सही और समुचित उपयोग करेंगे. उदाहरण के तौर पर डोर टू डोर कचरा संग्रहण और नालियों की साफ सफाई एक प्लानिंग के तहत होनी चाहिए. एक प्लानिंग के तहत काम किया जाएगा. इसके साथ ही हमारी यह कोशिश रहेगी कि सभी नालियों को कवर्ड नाली बनाया जाए. हमारा ड्रेनेज सिस्टम प्रॉपर बन जाए जो बारिश में जल भराव की समस्या होती है, ऐसी समस्या भविष्य में लोग न फेस कर सकें. ट्रैफिक स्मूथ हो जाए और लोगों को यातायात संबंधी दिक्कत ना हो.
सवाल:कांग्रेस प्रत्याशी दीप्ति दुबे और आपके बीच में किस तरह का टक्कर या मुकाबला होगा.
जवाब: कोई टक्कर नहीं होगा. मेरा दावा है कि भारतीय जनता पार्टी चुनाव जीतेगी और मैं चुनाव जीतूंगी. कांग्रेस के प्रत्याशी दीप्ति दुबे को लेकर हमारे सामने कोई चुनौती नहीं रहेगी. मुझे तो ऐसा लगता है कि सीधी सादी कांग्रेस प्रत्याशी को चुनाव मैदान में उतारा गया है, क्योंकि उनके पास कार्यकर्ताओं की कमी है. महिला कार्यकर्ता उनके पास नहीं है. महिला सशक्तिकरण की कांग्रेस सिर्फ बात करती है, हम जो कहते हैं वह करते हैं. कोई भी टक्कर नहीं रहेगा. हम जीतेंगे और हमें 200% उम्मीद है.
सवाल: अभी तक आपने केवल एक वार्ड को संभाला था अब 70 वार्डों की जिम्मेदारी होगी तो किस तरह के काम करने होंगे?
जवाब: मैं नगर निगम की नेता प्रतिपक्ष हूं. 70 वार्डों की जिम्मेदारी पहले भी मेरे ऊपर थी और अब रायपुर शहर की जिम्मेदारी है. हम काम करेंगे लगातार काम कर रहे हैं. इसके साथ ही हमें काम करने का अनुभव है. हमें काम करने में कहीं भी कोई दिक्कत नहीं आएगी. सारे वार्डों में सभी वार्डवासियों के साथ ही सभी बहनों तक हमारी पहुंच है.
इस तरह मीनल चौबे ने ईटीवी भारत से बातचीत में अपनी प्राथमिकता रखी है और उन्होंने दावा कि रायपुर के मेयर चुनाव में इस बार कमल जरूर खिलेगा.