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क्या इस बार पलामू को मिलेगी मंत्रिमंडल में जगह? 2014 के बाद से नहीं बना है यहां का कोई विधायक मंत्री - HEMANT SOREN CABINET

2014 के बाद से पलामू के किसी विधायक को झारखंड सरकार में मंत्री नहीं बनाया गया. इस बार दो विधायक रेस में हैं.

Hemant Soren cabinet
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By ETV Bharat Jharkhand Team

Published : Nov 27, 2024, 3:12 PM IST

पलामू: झारखंड की नई सरकार गुरुवार को शपथ लेगी. पलामू की निगाहें हेमंत सोरेन की नई कैबिनेट पर टिकी हैं. 2014 के बाद से पलामू से कोई भी विधायक झारखंड सरकार की कैबिनेट में शामिल नहीं हुआ है. वहीं इस बार भी सबकी निगाहें इसी बात पर टिकी हैं कि पलामू से किसी विधायक को नई सरकार के मंत्रिमंडल में जगह मिलती है या नहीं, एक दो नाम रेस में भी हैं.

दरअसल, 2019 के विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने चार और एनसीपी के विधायक ने एक सीट जीती थी. 2024 में स्थिति बदल गई है, दो सीटों पर राष्ट्रीय जनता दल और एक सीट पर कांग्रेस के विधायक चुने गए हैं. पलामू की छतरपुर विधानसभा सीट से राधाकृष्ण किशोर छठी बार विधायक चुने गए हैं. लंबे समय के बाद पलामू के इलाके में राष्ट्रीय जनता दल फिर से मजबूती से उभरी है. हुसैनाबाद से संजय कुमार सिंह यादव और विश्रामपुर से नरेश प्रसाद सिंह चुनाव जीते हैं.

ये दो नाम रेस में

राष्ट्रीय जनता दल के संजय कुमार सिंह यादव प्रदेश अध्यक्ष हैं और हुसैनाबाद से विधायक चुने गए हैं. पलामू इलाका राष्ट्रीय जनता दल का गढ़ रहा है. पलामू के लोगों को उम्मीद है कि पलामू इलाके से संजय कुमार सिंह यादव को मंत्रिमंडल में शामिल किया जा सकता है.

वहीं इस बार कांग्रेस के टिकट पर चुनाव जीतकर राधाकृष्ण किशोर छठी बार विधायक बने हैं. पलामू दलित और ओबीसी राजनीति का बड़ा केंद्र है. राधाकृष्ण किशोर दलित वोट बैंक को मजबूत कर सकते हैं जबकि संजय कुमार सिंह यादव ओबीसी के वोट बैंक को मजबूत कर सकते हैं. भारतीय जनता पार्टी 2014 से लगातार पलामू इलाके में ओबीसी कार्ड खेल रही है.

पिछली सरकार में गढ़वा और लातेहार से बने थे दो विधायक मंत्री

2019 में पलामू जिले से कोई विधायक मंत्री नहीं बना था. लेकिन पलामू प्रमंडल के अन्य दो जिलों से हेमंत सोरेन की सरकार में दो मंत्री चुने गए थे. गढ़वा से झारखंड मुक्ति मोर्चा के विधायक मिथिलेश ठाकुर मंत्री बने थे, जबकि लातेहार विधायक बैद्यनाथ राम सरकार के आखिरी दिनों में मंत्री बने थे. बैद्यनाथ राम और मिथिलेश ठाकुर 2024 में चुनाव हार गए हैं. जिससे कयास लगाए जा रहे हैं कि मिथिलेश ठाकुर की जगह भवनाथपुर विधायक अनंत प्रताप देव ले सकते हैं, जबकि बैद्यनाथ राम की जगह राधाकृष्ण किशोर या संजय कुमार सिंह यादव को मंत्री बनाया जा सकता है.

2014 में बिश्रामपुर विधायक रामचंद्र चंद्रवंशी पलामू से आखिरी मंत्री थे. उसके बाद से पलामू के किसी विधायक को मंत्री नहीं बनाया गया. इस बारे में राष्ट्रीय जनता दल के पलामू जिला अध्यक्ष धनंजय पासवान ने कहा कि पलामू को मंत्रिमंडल में जगह मिलनी चाहिए. पलामू ओबीसी और दलित राजनीति का बड़ा केंद्र है. 2019 में यहां से कोई विधायक नहीं था, लेकिन 2024 में महागठबंधन के तीन विधायक हैं. 2009 की सरकार में केएन त्रिपाठी और ददई दुबे पलामू से मंत्री रह चुके हैं.

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पलामू: झारखंड की नई सरकार गुरुवार को शपथ लेगी. पलामू की निगाहें हेमंत सोरेन की नई कैबिनेट पर टिकी हैं. 2014 के बाद से पलामू से कोई भी विधायक झारखंड सरकार की कैबिनेट में शामिल नहीं हुआ है. वहीं इस बार भी सबकी निगाहें इसी बात पर टिकी हैं कि पलामू से किसी विधायक को नई सरकार के मंत्रिमंडल में जगह मिलती है या नहीं, एक दो नाम रेस में भी हैं.

दरअसल, 2019 के विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने चार और एनसीपी के विधायक ने एक सीट जीती थी. 2024 में स्थिति बदल गई है, दो सीटों पर राष्ट्रीय जनता दल और एक सीट पर कांग्रेस के विधायक चुने गए हैं. पलामू की छतरपुर विधानसभा सीट से राधाकृष्ण किशोर छठी बार विधायक चुने गए हैं. लंबे समय के बाद पलामू के इलाके में राष्ट्रीय जनता दल फिर से मजबूती से उभरी है. हुसैनाबाद से संजय कुमार सिंह यादव और विश्रामपुर से नरेश प्रसाद सिंह चुनाव जीते हैं.

ये दो नाम रेस में

राष्ट्रीय जनता दल के संजय कुमार सिंह यादव प्रदेश अध्यक्ष हैं और हुसैनाबाद से विधायक चुने गए हैं. पलामू इलाका राष्ट्रीय जनता दल का गढ़ रहा है. पलामू के लोगों को उम्मीद है कि पलामू इलाके से संजय कुमार सिंह यादव को मंत्रिमंडल में शामिल किया जा सकता है.

वहीं इस बार कांग्रेस के टिकट पर चुनाव जीतकर राधाकृष्ण किशोर छठी बार विधायक बने हैं. पलामू दलित और ओबीसी राजनीति का बड़ा केंद्र है. राधाकृष्ण किशोर दलित वोट बैंक को मजबूत कर सकते हैं जबकि संजय कुमार सिंह यादव ओबीसी के वोट बैंक को मजबूत कर सकते हैं. भारतीय जनता पार्टी 2014 से लगातार पलामू इलाके में ओबीसी कार्ड खेल रही है.

पिछली सरकार में गढ़वा और लातेहार से बने थे दो विधायक मंत्री

2019 में पलामू जिले से कोई विधायक मंत्री नहीं बना था. लेकिन पलामू प्रमंडल के अन्य दो जिलों से हेमंत सोरेन की सरकार में दो मंत्री चुने गए थे. गढ़वा से झारखंड मुक्ति मोर्चा के विधायक मिथिलेश ठाकुर मंत्री बने थे, जबकि लातेहार विधायक बैद्यनाथ राम सरकार के आखिरी दिनों में मंत्री बने थे. बैद्यनाथ राम और मिथिलेश ठाकुर 2024 में चुनाव हार गए हैं. जिससे कयास लगाए जा रहे हैं कि मिथिलेश ठाकुर की जगह भवनाथपुर विधायक अनंत प्रताप देव ले सकते हैं, जबकि बैद्यनाथ राम की जगह राधाकृष्ण किशोर या संजय कुमार सिंह यादव को मंत्री बनाया जा सकता है.

2014 में बिश्रामपुर विधायक रामचंद्र चंद्रवंशी पलामू से आखिरी मंत्री थे. उसके बाद से पलामू के किसी विधायक को मंत्री नहीं बनाया गया. इस बारे में राष्ट्रीय जनता दल के पलामू जिला अध्यक्ष धनंजय पासवान ने कहा कि पलामू को मंत्रिमंडल में जगह मिलनी चाहिए. पलामू ओबीसी और दलित राजनीति का बड़ा केंद्र है. 2019 में यहां से कोई विधायक नहीं था, लेकिन 2024 में महागठबंधन के तीन विधायक हैं. 2009 की सरकार में केएन त्रिपाठी और ददई दुबे पलामू से मंत्री रह चुके हैं.

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