रायपुर: करोड़ों के शराब घाटाले केस में शनिवार को अरविंद सिंह और त्रिलोक सिंह उर्फ पप्पू ढिल्लन को प्रवर्तन निदेशालय ने 5 दिनों की रिमांड के बाद कोर्ट में पेश किया. इसके बाद प्रवर्तन निदेशालय ने फिर से रिमांड मांगी और कोर्ट ने प्रवर्तन निदेशालय को 5 दिनों की यानि 11 जुलाई तक रिमांड दे दी है. शराब घोटाले मामले में दोनों आरोपियों से प्रवर्तन निदेशालय की टीम के द्वारा शराब घोटाला मामले से जुड़ी जानकारी हासिल करेगी. प्रवर्तन निदेशालय की टीम 11 जुलाई को दोनों आरोपियों को फिर से कोर्ट में पेश करेगी.
11 जुलाई तक ईडी की रिमांड पर रहेंगे शराब कारोबारी: प्रवर्तन निदेशालय के वकील सौरभ पांडेय ने बताया कि "शराब घोटाला मामले में जो इन्वेस्टिगेशन चल रहा था, उसमें अरविंद सिंह और त्रिलोक सिंह उर्फ पप्पू ढिल्लन की गिरफ्तारी हुई थी. इसके पहले प्रवर्तन निदेशालय ने कोर्ट से रिमंड की मांग की थी, जिसके बाद कोर्ट ने 5 दिनों की डिमांड मंजूर कर ली थी. 5 दिनों की रिमांड शनिवार को खत्म हुई. जिसके बाद फिर से कोर्ट में दोनों आरोपियों को पेश किया गया. प्रवर्तन निदेशालय ने कोर्ट में यह भी बताया कि दोनों आरोपियों से जेल में भी पूछताछ की गई. उस समय भी दोनों आरोपियों ने सहयोग नहीं किया. ऐसी स्थिति में दोबारा रिमांड की मांग की गई.''
''शराब घोटाला मामले में नोटिस भेजकर कुछ और लोगों से पूछताछ की गई है. शनिवार को फिर से कोर्ट में प्रवर्तन निदेशालय ने रिमांड की मांग की और स्पेशल कोर्ट ने 5 दिनों की रिमांड मंजूर की है. अब दोनों आरोपियों को 11 जुलाई को फिर से कोर्ट में पेश किया जाएगा." - सौरभ कुमार पांडेय,वकील, प्रवर्तन निदेशालय
''ED ने बताया आर्किटेक्ट आफ लिकर स्कैम'': प्रवर्तन निदेशालय ने 2024 में नई FIR दर्ज करने के बाद सबसे पहले गिरफ्तारी रिटायर्ड आईएएस अनिल टुटेजा की हुई थी. ED ने कहा है कि शराब घोटाले मामले में अनवर ढेबर ने सिंडिकेट बनाया और उस सिंडिकेट को सबसे ज्यादा पावर अनिल टुटेजा से मिलती थी, जो कंट्रोलर की भूमिका में थे. जिसको ED ने आर्किटेक्ट आफ लिकर स्कैम बताया.