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बाप-बेटे ने मिलकर बच्चे की चाकू घोंप कर की थी हत्या, 16 साल बाद एक दोषी को आजीवन कारावास - KAUSHAMBI NEWS

कौशांबी अपर सत्र न्यायाधीश ने गवाही और पत्रावली के अवलोकन के बाद सुनाई सजा, नाबालिग आरोपी की पत्रावली बाल न्यायालय को भेजा

कौशांबी जिला कोर्ट.
कौशांबी जिला कोर्ट. (Photo Credit; ETV Bharat)
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By ETV Bharat Uttar Pradesh Team

Published : Feb 27, 2025, 6:38 PM IST

कौशांबी: जिले में करीब 16 साल पहले हुई मासूम बच्चे की हत्या मामले में जिला कोर्ट ने फैसला सुनाया है. अपर सत्र न्यायाधीश ने मासूम की हत्या के आरोपी को दोषी कर देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. दोषी पर 19 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है.

अभियोजन पक्ष के अनुसार, मंझनपुर थाना क्षेत्र के कादीपुर गांव में बच्चे की हत्या की गई थी. कादीपुर गांव के रहने वाले लक्ष्मी नारायण 19 मई 2008 को मंझनपुर थाने में शिकायती पत्र देते हुए बताया कि गांव के ही रहने वाले अश्वनी कुमार अपने बेटे के साथ मिलकर बेटे राधवेन्द्र नारायण को 19 मई की सुबह आम तोड़ने के बहाने से बुलाकर ले गए. देर शाम हो जाने के बावजूद भी बेटा वापस नहीं आया. जब उन्होंने अश्वनी कुमार से पूछताछ की तो वह कोई संतोषजनक उत्तर नहीं दिया था.

मंझनपुर पुलिस ने पीड़ित पिता की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर मामले की छानबीन शुरू की. पुलिस जांच में पता चला कि अश्वनी कुमार ने मासूम राघवेंद्र नारायण की चाकू से घोप कर हत्या कर दी है. दो आरोपियों को गिरफ्तार करते हुए उनकी निशानदेही पर शव बरामद किया गया था. इस मामले में मंझनपुर पुलिस ने अश्वनी कुमार और उसके नाबालिग बेटे के खिलाफचार्जशीट न्यायालय में दाखिल किया. मामला अपर सत्र न्यायाधीश आभा पाल की अदालत में पेश हुआ.

शासकीय अधिवक्ता अनिल कुमार चौधरी ने इस मामले में 15 गवाहों की गवाही न्यायालय में करवाया. अपर सत्र न्यायाधीश आभा पाल ने गुरुवार को गवाहों को सुनने और पत्रावली के अवलोकन के बाद अश्वनी कुमार को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. इसके साथ ही दोषी पर 19 हजार की अर्थदंड से भी दंडित किया है. वही, अश्वनी कुमार के बेटा नाबालिग होने की वजह से उसकी पत्रावली बाल न्यायालय में भेज दिया गया है.

इसे भी पढ़ें-बागपत में 3 हजार के लिए युवक की निर्मम हत्या; शव के 3 टुकड़े कर नदी में फेंका, चाकू से फाड़ डाला पेट

कौशांबी: जिले में करीब 16 साल पहले हुई मासूम बच्चे की हत्या मामले में जिला कोर्ट ने फैसला सुनाया है. अपर सत्र न्यायाधीश ने मासूम की हत्या के आरोपी को दोषी कर देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. दोषी पर 19 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है.

अभियोजन पक्ष के अनुसार, मंझनपुर थाना क्षेत्र के कादीपुर गांव में बच्चे की हत्या की गई थी. कादीपुर गांव के रहने वाले लक्ष्मी नारायण 19 मई 2008 को मंझनपुर थाने में शिकायती पत्र देते हुए बताया कि गांव के ही रहने वाले अश्वनी कुमार अपने बेटे के साथ मिलकर बेटे राधवेन्द्र नारायण को 19 मई की सुबह आम तोड़ने के बहाने से बुलाकर ले गए. देर शाम हो जाने के बावजूद भी बेटा वापस नहीं आया. जब उन्होंने अश्वनी कुमार से पूछताछ की तो वह कोई संतोषजनक उत्तर नहीं दिया था.

मंझनपुर पुलिस ने पीड़ित पिता की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर मामले की छानबीन शुरू की. पुलिस जांच में पता चला कि अश्वनी कुमार ने मासूम राघवेंद्र नारायण की चाकू से घोप कर हत्या कर दी है. दो आरोपियों को गिरफ्तार करते हुए उनकी निशानदेही पर शव बरामद किया गया था. इस मामले में मंझनपुर पुलिस ने अश्वनी कुमार और उसके नाबालिग बेटे के खिलाफचार्जशीट न्यायालय में दाखिल किया. मामला अपर सत्र न्यायाधीश आभा पाल की अदालत में पेश हुआ.

शासकीय अधिवक्ता अनिल कुमार चौधरी ने इस मामले में 15 गवाहों की गवाही न्यायालय में करवाया. अपर सत्र न्यायाधीश आभा पाल ने गुरुवार को गवाहों को सुनने और पत्रावली के अवलोकन के बाद अश्वनी कुमार को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. इसके साथ ही दोषी पर 19 हजार की अर्थदंड से भी दंडित किया है. वही, अश्वनी कुमार के बेटा नाबालिग होने की वजह से उसकी पत्रावली बाल न्यायालय में भेज दिया गया है.

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