जयपुर : 20 दिसंबर 2024 को जयपुर कन्वेंशन सेंटर में जयपुर ज्वेलरी शो (JJS) की शुरुआत हुई, जिसमें देश-विदेश के ज्वेलर्स भाग ले रहे हैं. यह तीन दिवसीय कार्यक्रम "रूबीज, रियर, रॉयल और रिवॉर्ड" थीम के साथ आयोजित किया जा रहा है, जो रत्नों की शाश्वत सुंदरता को उजागर करता है. इस शो में देशभर के शीर्ष ज्वैलर्स अपनी नवीनतम डिजाइनों और बेहतरीन कारीगरी को प्रदर्शित कर रहे हैं. इस वर्ष शो में लाइटवेट ज्वेलरी, 100 साल पुराना कल्पवृक्ष और इनले वर्क ज्वेलरी की काफी चर्चा है.
आकर्षण और बढ़ती भागीदारी : आयोजकों के अनुसार इस बार के ज्वेलरी शो में पिछले वर्ष की तुलना में 10% अधिक बूथ्स लगाए गए हैं. इस बार कुल 1,200 से अधिक बूथ्स लगाए गए हैं, जिनमें से 329 बूथ्स रत्नों के लिए, 723 बूथ्स ज्वेलरी के लिए और 13 बूथ्स पर कॉस्ट्यूम और सिल्वर आर्टिकल्स प्रदर्शित किए जा रहे हैं. इसके अलावा 58 बूथ्स पर अलाईड मशीनरी भी प्रदर्शित की जा रही है. इस बार लगभग 8,000 ट्रेड विजिटर्स और 50,000 घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय विजिटर्स ने शो में भाग लिया है, जो इस शो की वैश्विक स्तर पर बढ़ती लोकप्रियता को दर्शाता है.
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लाइटवेट ज्वेलरी का बढ़ता आकर्षण : इस बार के शो में लाइटवेट ज्वेलरी की काफी मांग देखने को मिल रही है. दिल्ली के ज्वेलर अंकुश कुमार ने बताया कि सोने की कीमतों में भारी वृद्धि के कारण अब लोग हल्की ज्वेलरी को प्राथमिकता दे रहे हैं. लाइटवेट ज्वेलरी 22 कैरेट सोने से बनाई जाती है और इसे लाख से तैयार किया जाता है, जिससे इसका वजन कम होता है, लेकिन दिखने में यह भारी लगती है. अंकुश कुमार ने बताया कि इस वर्ष जेजेएस में बायर्स इस प्रकार की ज्वेलरी की खरीदारी में काफी रुचि दिखा रहे हैं.
100 साल पुराना कल्पवृक्ष : इस बार के शो में एक और आकर्षक प्रदर्शनी 100 साल पुराना कल्पवृक्ष है, जिसे हैदराबाद से लाया गया है. इस वृक्ष को माणक और सोने की जड़ाई से सजाया गया है और यह शो का मुख्य आकर्षण बन चुका है. इसके निर्माता ने बताया कि यह कल्पवृक्ष उनके पिता द्वारा खरीदा गया था, जो राजस्थान से ताल्लुक रखते थे. इस कल्पवृक्ष की कीमत का अंदाजा लगाना मुश्किल है, हालांकि इसे केवल डिस्प्ले के रूप में रखा गया है.
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इनले वर्क ज्वेलरी का आकर्षण : जयपुर के ज्वेलरी कारोबारी अभिषेक घाटीवाल ने बताया कि इनले वर्क ज्वेलरी का क्रेज इन दिनों काफी बढ़ गया है. इस बार शो की थीम रूबी पर आधारित है, जिससे इनले वर्क ज्वेलरी की मांग और भी बढ़ गई है. इनले वर्क ज्वेलरी बेहद जटिल होती है और इसे बनाने के लिए विशेष कौशल की आवश्यकता होती है. यह ज्वेलरी कारीगरों द्वारा बड़ी मेहनत और कौशल से तैयार की जाती है और शो में इस प्रकार की ज्वेलरी की मांग बढ़ती जा रही है.
रचनात्मकता और कारीगरी का मंच : जेजेएस हमेशा से ज्वेलरी उद्योग में रचनात्मकता, परंपरा और नवाचार का उत्सव रहा है. इस साल भी प्रदर्शकों ने अपने नवीनतम डिजाइनों को प्रस्तुत किया है, जो पारंपरिक तकनीकों और आधुनिक ट्रेंड्स का एक अद्भुत मिश्रण हैं. लाइटवेट ज्वेलरी और इनले वर्क जैसी विशिष्ट कारीगरी के प्रदर्शनों ने इस शो को और भी खास बना दिया है. जयपुर ज्वेलरी शो भारतीय ज्वेलरी उद्योग की उत्कृष्टता का प्रतीक है, जहां रत्नों, लाइटवेट डिजाइनों और इनले वर्क जैसी कारीगरी की शानदार प्रदर्शनी देखने को मिलती है.