कोटा: घरेलू विवाद के बाद पत्नी की कुल्हाड़ी मारकर नृशंस हत्या करने 5 साल पुराने मामले में गुरुवार को न्यायालय ने फैसला सुनाते हुए पति को आजीवन कारावास की सजा से दंडित किया है. साथ ही 20 हजार रूपए का अर्थ दंड भी लगाया है. मामला कोटा जिले के इटावा का है. जिसमें पैसे की मांग पूरी नहीं होने पर पति ने पत्नी की बेरहमी से हत्या कर दी थी. मृतका स्कूल में पढ़ाती थी.
अपर लोक अभियोजक रामेत कुमार सैनी ने बताया कि 21 जनवरी, 2020 को यह घटनाक्रम हुआ था. जिसमें मृतका आशा पारेता के चाचा लटूरलाल ने मुकदमा दर्ज करवाया था. जिसमें बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि आशा का पति चंद्रभान उससे मारपीट कर रहा है. ऐसे में उन्होंने अपने बेटे सुरेंद्र को घर पर भेजा था. जहां पर चंद्रभान पारेता ने घरेलू विवाद में पत्नी आशा की गर्दन काट कर हत्या कर दी थी. साथ ही उसके छाती, सिर और हाथ पैरों में भी गई घाव किए थे.
बीचबचाव करने पर उसने सुरेंद्र पर भी हमले की कोशिश की थी. इसके बाद लाश को मकान के चौक में ही छोड़कर फरार हो गया था. घटना के बाद पुलिस ने 22 जनवरी, 2020 को चंद्रभान को गिरफ्तार कर लिया. उसके पास से हमले में प्रयुक्त की गई कुल्हाड़ी भी जब्त की गई. अनुसंधान पूरा होने के बाद पुलिस ने न्यायालय में चालान पेश कर दिया. इस मामले में 18 गवाहों के बयान दर्ज करवाए थे और 30 दस्तावेजी सबूत भी पेश किए गए. जिनके आधार पर अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश, महिला उत्पीड़न क्रम संख्या 2 धर्मराज मीणा ने आरोपी चन्द्रभान पारेता को दोषी माना.