हल्द्वानी: ऑनलाइन रजिस्ट्री के विरोध में दस्तावेज लेखकों ने रजिस्ट्री दफ्तर पर जोरदार धरना दिया. हल्द्वानी के रजिस्ट्रार कार्यालय के बाहर धरने के तीसरे दिन दस्तावेज लेखकों ने सरकार पर उनको बेरोजगार करने का आरोप लगाया. प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि रजिस्ट्री से अरायज नवीसों, दस्तावेज लेखकों, स्टांप विक्रेता, अधिवक्ता सहित कई लोगों का रोजगार जुड़ा हुआ है लेकिन सरकार रजिस्ट्री को ऑनलाइन कर रही है. जिससे मैन्युअल दस्तावेज को खत्म करने का काम किया जा रहा है.
दस्तावेज लेखकों का कहना है कि वर्चुअल रजिस्ट्री शुरू होने से हजारों स्टांप विक्रेता, दस्तावेज लेखक व अधिवक्ता बेरोजगार हो जाएंगे. रजिस्ट्री का पैसा ई-चालान से जमा होगा. जिससे उनका काम बंद हो जाएगा.
दस्तावेज लेखकों की मांग: दस्तावेज लेखकों ने मांग रखी कि वर्तमान व्यवस्था की तरह जमीनों की रजिस्ट्री की व्यवस्था जारी रहे. जैसा चल रहा है ऐसे ही चलने देने दिया जाए. स्टांप विक्रेताओं के माध्यम से ही स्टांप बेचे जाएं. दस्तावेज लेखकों व अधिवक्ताओं ने कहा कि पहले विवाह का पंजीकरण दस्तावेज मैनुअल तरीके से होता था लेकिन अब यूसीसी के तहत सीएससी सेंटर के माध्यम से विवाह रजिस्ट्रेशन हो रहे हैं.
15 हजार दस्तावेज लेखकों को बेरोजगार होने का डर: दस्तावेज लेखकों के ने कहा कि रजिस्ट्री कार्य के अलावा उनका अन्य कोई आय का साधन नहीं है. उन्होंने कहा कि स्टांप चालान के बजाय दस्तावेज लेखकों, अरायज नवीसों व अधिवक्ताओं के माध्यम से ही बेचे जाएं. उन्होंने कहा कि रजिस्ट्री के कार्य ऑनलाइन हो गए तो कुमाऊं में करीब 15 हजार दस्तावेज लेखक बेरोजगार हो जाएंगे. आंदोलन कर रहे कर्मचारियों ने कहा कि पूर्व की भांति व्यवस्था को सुचारु रखा जाए. साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि अगर उनकी मांगे नहीं मानी गई तो अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन कर रजिस्ट्री कार्य को भी रोका जाएगा.
ये भी पढ़ें- शिक्षकों की पिटाई से 6 साल के मासूम को आई चोटें, परिजनों ने पुलिस से की शिकायत
ये भी पढ़ें- पति को ढूंढने निकली महिला से छेड़छाड़ की कोशिश, आरोपी के तलाश में जुटी पुलिस