शिमला: सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में हिमाचल सरकार ने समाज के वंचित वर्गों के उत्थान और उनके सम्मानजनक जीवन के लिए कई कल्याणकारी पहल की हैं. इस कड़ी में राज्य मंत्रिमंडल ने ‘महर्षि वाल्मीकि कामगार आवास योजना’ शुरू करने को मंजूरी दी. इस योजना का उद्देश्य वाल्मीकि समुदाय के सफाई कर्मचारियों को तीन लाख रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान करना है.
इस योजना के 2.5 लाख रुपये से कम वार्षिक आय और आवासीय सुविधा से वंचित लोग पात्र होंगे. योजना की जानकारी और आवेदन के लिए लोग संबंधित तहसील कल्याण अधिकारी से संपर्क कर सकते हैं. प्रदेश सरकार ने ‘मुख्यमंत्री विधवा एवं एकल नारी आवास योजना’ के तहत वित्तीय सहायता में भी वृद्धि की है. इस योजना के तहत अब विधवा और एकल महिलाओं को मकान बनाने के लिए सहायता राशि 1.5 लाख रुपये से बढ़ाकर 3 लाख रुपये कर दी गई है. मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार वंचित वर्गों के कल्याण के लिए प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है और सरकार बेघर परिवारों को आश्रय प्रदान कर उनके जीवन स्तर में सुधार ला रही है.
बिजली और पानी के कनेक्शनों में भी प्राथमिकता
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि इस योजना के अंतर्गत बनाए गए घरों में पानी और बिजली कनेक्शन प्रदान करने को प्राथमिकता दी जाएगी. इसके अलावा हिमाचल प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड में पंजीकृत महिलाओं को भी मकान के निर्माण के लिए चार लाख रुपये की वित्तीय सहायता दी जाएगी जिसमें घर के लिए तीन लाख रुपये, रसोई, शौचालय और बाथरूम जैसी आवश्यक सुविधाओं के लिए दिए जाने वाले एक लाख रुपये शामिल हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल हिमाचल प्रदेश में कल्याणकारी योजनाओं से वंचित वर्गों का समग्र विकास सुनिश्चित करने और जीवन की गुणवत्ता में सुधार लाने के सरकार के प्रयासों को प्रदर्शित करती है.
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