6 Big Benefits of Janeu : सनातन परंपरा में जनेऊ पहनना सबसे पवित्र और जरूरी माना जाता है. जो भी इसको पहनता है उसको कई नियमों को पालन भी करना होता है. यज्ञोपवीत संस्कार को जनेऊ के नाम से भी जाना जाता है. प्राचीनकाल में पहले शिष्य, संत और ब्राह्मण बनाने के लिए दीक्षा दी जाती थी. प्राचीनकाल में गुरुकुल में दीक्षा लेने के पहले यह संकार होता था. जनेऊ के नियमों का पालन करके आप निरोगी जीवन भी जी सकते हैं. कान पर जनेऊ चढ़ाने के कई फायदे हैं. इसका सबसे ज्यादा फायदा तो मर्दों को यूरिनल जाते समय होता है जब वे जनेऊ को कान पर लपेटते हैं. इसके कई फायदे हैं.
दाएं कान पर जनेऊ लपेटने का कारण
जनेऊ पहनने के धार्मिक के साथ वैज्ञानिक कारण भी हैं. जनेऊ पुरुष के स्वास्थ्य और पौरुष के लिए बहुत लाभकारी होता है. यह हृदय रोग की संभावना को कम करता है. चिकित्सा विज्ञान के अनुसार दाएं कान की नस अंडकोष और गुप्तेन्द्रियों से जुड़ा होती हैं. मूत्र विसर्जन के समय दाएं कान पर जनेऊ लपेटने से शुक्र की रक्षा होती है. जिन पुरुषों को स्वप्न दोष होता है उन्हें सोते समय कान पर जनेऊ लपेटकर सोने से फायदा होता है और स्वप्न दोष की समस्या से मुक्ति मिल जाती है.
शुक्राणुओं की रक्षा
दाएं कान पर जनेऊ लपेट कर यूरिन जाने के कई फायदे हैं. बताया जाता है कि दाएं कान के पास से वे नसें भी गुजरती हैं, जिसका संबंध अंडकोष और गुप्तेंद्रियों से होता है. ऐसे में यूरिनल के समय दाएं कान पर जनेऊ लपेटने से कुछ ऐसी नसें दब जाती हैं, जिनसे वीर्य निकलता है. ऐसे में कई बार शुक्राणुओं की रक्षा होती है इससे इंसान के बल और तेज में वृद्धि होती है. साथ ही यूरिन भी ठीक से पास हो जाता है.
किडनी पर नहीं पड़ता प्रेशर
जैसे कहा जाता है कि पानी बैठकर ही पीना चाहिए, खड़े होकर पानी कभी नहीं पीना चाहिए. ऐसे ही बैठकर ही यरिनल करना चाहिए. इन दोनों नियमों को अपनाने से किडनी पर प्रेशर नहीं पड़ता. जनेऊ धारण करने से यह दोनों ही नियम जरूरी हो जाते हैं.
हार्ट अटैक और ब्लडप्रेशर से छुटकारा
कई रिसर्च के बाद मेडिकल साइंस ने भी यह देखा है कि जनेऊ पहनने वालों को हार्ट अटैक और ब्लडप्रेशर की समस्या अन्य लोगों की अपेक्षा कम होती है. जनेऊ खून का प्रवाह कंट्रोल करता है. डॉक्टरों के अनुसार जनेऊ के हृदय के पास से गुजरने से यह हार्ट अटैक की संभावना को कम करता है.
लकवा की संभावना होती है कम
जनेऊ पहनने से लकवे मारने की संभावना कम हो जाती है. ऐसा कहा जाता है कि जब मर्द आदमी को बताया गया है कि जनेऊ धारण करने वाले को यूरिनल जाते समय दांत पर दांत रखना चाहिए. दांत पर दांत बैठाकर रहने से आदमी को कभी लकवा नहीं मारता.
कब्ज से मिलती है मुक्ति
जनेऊ को दांए कान के ऊपर कसकर बांधने का नियम है. ऐसा करने से कान के पास से गुजरने वाली उन नसों पर भी दबाव पड़ता है, जिनका संबंध सीधे आंतों से होता है. इन नसों पर दबाव पड़ने से कब्ज की समस्या लगभग खत्म हो जाती है. पेट साफ होने पर शरीर और मन दोनों ही स्वस्थ रहता है.
बढ़ती है स्मरण शक्ति
कान पर हर रोज जनेऊ रखने और कसने से स्मरण शक्ति बढ़ती है. कान पर दबाव पड़ने से दिमाग की ऐसी नसें सक्रिय हो जाती हैं जिनका संबंध स्मरण शक्ति से होता है. आपने देखा होगा कि बचपन में गलतियां करने पर बच्चों के कान मरोड़ने के पीछे भी यही कारण माना जाता है.
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दाएं कान पर जनेऊ लपेटने का धार्मिक कारण
जनेऊ को दाएं कान पर लपेटने का धार्मिक कारण भी है. यह माना जाता है कि दायां कान अधिक पवित्र होता है क्योंकि इन पर प्रमुख देवताओं का वास होता है. दाएं कान पर जनेऊ रखने से यह देवताओं के संपर्क में रहता है जिससे शौच के समय भी जनेऊ की शुद्धता और पवित्रता बनी रहती है.