इंदौर: सुप्रीम कोर्ट से हरी झंडी मिलने के बाद भोपाल के यूनियन कार्बाइड के जहरीले कचरे को पीथमपुर स्थित रामकी फैक्ट्री में नष्ट करने की तैयारी शुरू हो गई है. प्रशासन ने हाई कोर्ट के निर्देशों के अनुसार गुरुवार को कचरे को नष्ट करने की प्रारंभिक तैयारियां शुरू कर दी. कचरे को कल से नष्ट करने की प्लानिंग है. इसी के तहत मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है. बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने पीथमपुर में कचरा नष्ट करने पर रोक लगाने से इंकार कर दिया है. इधर, प्रशासन ने पीथमपुर के रहवासियों से अपील की है कि किसी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें.
पीथमपुर में कल विरोध प्रदर्शन की भी तैयारी
एक तरफ प्रशासन ने कचरे को नष्ट करने की तैयारी शुरू कर दी है तो वहीं, दूसरी ओर पीथमपुर के लोग भी फिर क्रोधित दिख रहे हैं. उनका कहना है कि ये जीवन और मरण का सवाल है. पीथमपुर बचाओ संघर्ष समिति ने कल से विरोध करने का ऐलान कर दिया है. पीथमपुर बचाव समिति के संदीप रघुवंशी ने सोशल मीडिया पर संदेश जारी किया है. उन्होंने शहरवासियों से शांति बनाए रखने की अपील की है. वहीं, समिति के अध्यक्ष हेमंत का कहना है "हम लोग विरोध करेंगे. क्योंकि सुप्रीम कोर्ट ने खुद कहा है कि वे लोग अपनी बात हाई कोर्ट में रखें. जब तक हाई कोर्ट में वे लोग अपनी बात नहीं रख पाते, तब तक कचरे को नष्ट करने पर रोक लगनी चाहिए." समिति का ये भी कहना है कि वे लोग गांधीवादी तरीके से विरोध करेंगे.
- पीथमपुर में ही जलेगा यूनियन कार्बाइड का 'जहर', सुप्रीम कोर्ट का सिग्नल मिलते ही कार्रवाई शुरू
- भारी संख्या में पुलिस बलों की तैनाती में यूनियन कार्बाइड के जहरीले कचरे की शिफ्टिंग शुरू
पूरे पीथमपुर में भारी पुलिस बल तैनात
वहीं, पीथमपुर में इंदौर और धार जिले के 24 पुलिस थानों से 500 से अधिक पुलिसकर्मियों को सेक्टरवाइज सुरक्षा की दृष्टि से लगाया गया है. हाई कोर्ट के आदेश के अनुसार पहले ट्रायल के तहत 10 टन कचरे का निष्पादन होगा. इसके बाद दूसरा ट्रायल 4 मार्च और तीसरा ट्रायल 5 मार्च से शुरू होगा. पीथमपुर के एसडीएम प्रमोद गुर्जर का कहना है "कोर्ट के निर्देश के अनुसार सारी तैयारी की जा रही है. पीथमपुर के लोगों से अपील की गई है कि अफवाहों पर ध्यान न दें. शांति बनाए रखें." बता दें कि पीथमपुर को पुलिस ने छावनी में भी तब्दील कर दिया है. सूत्रों के अनुसार कल कचरा नष्ट करने के विरोध में पीथमपुर बंद रहेगा. लोगों में रोष देखा जा रहा है.