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मध्य प्रदेश में ऊंटों का डांस स्कूल, शादियों में डांस के लिए अब डांसर ऊंट हो रहे तैयार - INDORE CAMEL DANCE TRAINING

मध्य प्रदेश में शादियों में अब ऊंट भी थिरकते नजर आ रहे हैं. इंदौर के महू और देवास में ऊंटों को डांस सिखाया जा रहा.

INDORE CAMEL DANCE TRAINING
इंदौर में ऊंटों का डांस स्कूल (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Madhya Pradesh Team

Published : Feb 27, 2025, 10:12 AM IST

Updated : Feb 27, 2025, 11:23 AM IST

इंदौर (सिद्धार्थ माछीवाल): शादी ब्याह में अब बारात में घोड़े और बारातियों के अलावा ऊंट भी नाचते हुए नजर आ रहे हैं. दरअसल हर बारात में ऊंट के डांस की डिमांड बढ़ाने के कारण अब मध्य प्रदेश में भी ऊंटों को तरह-तरह की ट्रेनिंग देकर उन्हें डांस सिखाया जा रहा है. जिसके कारण नाचने वाले ऊंट की कीमत भी 50,000 से बढ़कर 5 से 7 लाख रुपए तक पहुंच गई है.

सिमट रहा ऊंटों का उपयोग
दरअसल, रेगिस्तान के जहाज कहे जाने वाले ऊंट जहां सदियों से निर्मम रेगिस्तान में परिवहन का एकमात्र साधन रहे हैं. हालांकि अब रेगिस्तान में भी आने जाने के लिए विभिन्न प्रकार की गाड़ियां और अन्य साधन विकसित होने के कारण ऊंटों का उपयोग अब सिमट रहा है. यही वजह है कि अब ऊंटों को अन्य तरह-तरह के कामों में उपयोग के लिए ट्रेनिंग दी जा रही है.

मध्य प्रदेश में ऊंटों का डांस स्कूल (ETV Bharat)

इसमें सबसे खास है शादी ब्याह में नाचने वाले ऊंटों की ट्रेनिंग. जिसमें साल भर की ट्रेनिंग के बाद ऊंट के अलावा उनके मालिकों की रंगत बदली नजर आ रही है. मध्य प्रदेश ही नहीं बल्कि देश के अन्य राज्यों में भी नाचने वाले ऊंट की डिमांड बढ़ने के कारण अब ऊंट को तरह-तरह के डांस सिखाए जा रहे हैं.

Indore camel dance training
शादियों में ऊंट लगाएंगे डांस का तड़का (ETV Bharat)

1 साल की ट्रेनिंग में 5 तरह के डांस
इंदौर के महू और देवास के रसूलपुर बाईपास स्थित एक स्थान पर फिलहाल एक साथ कई ऊंटों को तरह-तरह का डांस सिखाया जा रहा है. इनमें खास तौर पर शेर पटक डांस (शेर की तरह दो पैर आगे करके बैठना), नाच के पैर डांस (पैरों में घुंघरू बांध कर आगे वाले पैरों से नाचना), चौटाला डांस (चारों पैरों से एक साथ नाचना), जंपिंग डांस (घोड़े की तरह आगे के दोनों पैर उठाकर दो पैरों पर खड़े होना), नीची नार (गर्दन को नीचे करके नाचना) और स्पिट आदि प्रमुख हैं.

घोड़े की तरह काबू कर ऊंटों को सिखाया जा रहा डांस
देवास के डांस ट्रेनर फिरोज अली बताते हैं कि, ''ऊंट को भी बचपन से ही डांस की ट्रेनिंग दी जाती है. जिसमें 2 साल से लेकर 4 साल की उम्र वाले ऊंट डांस जल्दी सीख जाते हैं. डांस सीखने के लिए इनको घोड़े की तरह ही नाक में नकेल डालकर काबू में किए जाने के बाद तरह-तरह के स्टेप रस्सी के इशारे से सिखाए जाते हैं.''

''आमतौर पर 1 साल तक रोजाना ट्रेनिंग देने के बाद ऊंट उनके बताए हुए स्टेप करने लगते हैं. यही डांस और स्टेप शादी विवाह और बारात में खास तौर पर पसंद किए जाते हैं. यही वजह है कि अब राजस्थान से जो ऊंट मध्य प्रदेश या अन्य स्थानों पर खरीद कर ले जाए जा रहे हैं. उनका अधिकांश तौर पर उपयोग पर्यटन में घूमने फिरने के अलावा बरातों में डांस आदि के काम के लिए हो रहा है. इसीलिए उनके पास ऊंट वाले डांस सीखाने के लिए ऊंट भेज रहे हैं.''

डांसर ऊंटों की कीमत लाखों में
दरअसल, बरातों में घोड़े की तरह ही नाचने वाले ऊंट सबसे ज्यादा पसंद किए जाते हैं. महू के ऊंट प्रशिक्षक पप्पू खान बताते हैं कि, ''ऊंट पर बोझ होने का काम कम होने के कारण अब ऊंट का उपयोग शादी विवाह में किया जा रहा है.'' उन्होंने बताया, ''शादियों में बैंड बाजे या डीजे घोड़े के अलावा ऊंट की बुकिंग भी शादी के पैकेज में है. जिसमें प्रति ऊंट की बुकिंग 8000 से ₹15000 तक हो जाती है.''

उन्होंने बताया, ''सामान्य ऊंट की कीमत यदि राजस्थान और रेगिस्तान इलाकों में 50,000 है तो नाचने वाले ऊंट की कीमत मध्य प्रदेश उत्तर प्रदेश और अन्य स्थानों पर 5 से 7 लाख रुपए है. यही वजह है कि घोड़े बग्गी वाले और शादी विवाह के व्यवसाय से जुड़े लोग अब घोड़े के अलावा लाखों रुपए के ऊंट भी शादियों में नाचने के लिए तैयार करवा रहे हैं. जिससे उनकी भी मोटी कमाई हो रही है.''

घट रही है ऊंटों की संख्या
बताया जाता है कि राजस्थान, उत्तर प्रदेश के बाद मध्य प्रदेश में फिलहाल ऊंट की संख्या करीब डेढ़ लाख है. जिनमें अरब ऊंट, ड्रॉमेडरी प्रजाति के ऊंट की संख्या ज्यादा है. आमतौर पर ऊंट वाले राजस्थानी चरवाहे हर साल बारिश के मौसम के बाद बड़ी संख्या में मध्य प्रदेश, राजस्थान के सीमावर्ती इलाकों में आते हैं. जो 8 महीने यहां खेतों और जंगल में डेरा डालकर गुजारा करते हैं. इसके बाद राजस्थान और खासकर जैसलमेर आदि इलाकों में लौट जाते हैं.

राजस्थान में सबसे ज्यादा, तो नागालैंड में एक भी ऊंट नहीं
फिलहाल सिमटते जंगल और ऊंट को दाना पानी उपलब्ध होने को लेकर बढ़ती चुनौतियों के कारण भी ऊंट लगातार कम हो रहे हैं. इनमें राजस्थान में करीब सवा दो लाख ऊंट जबकि गुजरात में मात्र 28,000 ऊंट बच्चे हैं. हरियाणा में मात्र 5000 और उत्तर प्रदेश में ऊंटों की संख्या 2000 के करीब है. जबकि नागालैंड मेघालय जैसे कई राज्यों में फिलहाल एक भी ऊंट नहीं है.

इंदौर (सिद्धार्थ माछीवाल): शादी ब्याह में अब बारात में घोड़े और बारातियों के अलावा ऊंट भी नाचते हुए नजर आ रहे हैं. दरअसल हर बारात में ऊंट के डांस की डिमांड बढ़ाने के कारण अब मध्य प्रदेश में भी ऊंटों को तरह-तरह की ट्रेनिंग देकर उन्हें डांस सिखाया जा रहा है. जिसके कारण नाचने वाले ऊंट की कीमत भी 50,000 से बढ़कर 5 से 7 लाख रुपए तक पहुंच गई है.

सिमट रहा ऊंटों का उपयोग
दरअसल, रेगिस्तान के जहाज कहे जाने वाले ऊंट जहां सदियों से निर्मम रेगिस्तान में परिवहन का एकमात्र साधन रहे हैं. हालांकि अब रेगिस्तान में भी आने जाने के लिए विभिन्न प्रकार की गाड़ियां और अन्य साधन विकसित होने के कारण ऊंटों का उपयोग अब सिमट रहा है. यही वजह है कि अब ऊंटों को अन्य तरह-तरह के कामों में उपयोग के लिए ट्रेनिंग दी जा रही है.

मध्य प्रदेश में ऊंटों का डांस स्कूल (ETV Bharat)

इसमें सबसे खास है शादी ब्याह में नाचने वाले ऊंटों की ट्रेनिंग. जिसमें साल भर की ट्रेनिंग के बाद ऊंट के अलावा उनके मालिकों की रंगत बदली नजर आ रही है. मध्य प्रदेश ही नहीं बल्कि देश के अन्य राज्यों में भी नाचने वाले ऊंट की डिमांड बढ़ने के कारण अब ऊंट को तरह-तरह के डांस सिखाए जा रहे हैं.

Indore camel dance training
शादियों में ऊंट लगाएंगे डांस का तड़का (ETV Bharat)

1 साल की ट्रेनिंग में 5 तरह के डांस
इंदौर के महू और देवास के रसूलपुर बाईपास स्थित एक स्थान पर फिलहाल एक साथ कई ऊंटों को तरह-तरह का डांस सिखाया जा रहा है. इनमें खास तौर पर शेर पटक डांस (शेर की तरह दो पैर आगे करके बैठना), नाच के पैर डांस (पैरों में घुंघरू बांध कर आगे वाले पैरों से नाचना), चौटाला डांस (चारों पैरों से एक साथ नाचना), जंपिंग डांस (घोड़े की तरह आगे के दोनों पैर उठाकर दो पैरों पर खड़े होना), नीची नार (गर्दन को नीचे करके नाचना) और स्पिट आदि प्रमुख हैं.

घोड़े की तरह काबू कर ऊंटों को सिखाया जा रहा डांस
देवास के डांस ट्रेनर फिरोज अली बताते हैं कि, ''ऊंट को भी बचपन से ही डांस की ट्रेनिंग दी जाती है. जिसमें 2 साल से लेकर 4 साल की उम्र वाले ऊंट डांस जल्दी सीख जाते हैं. डांस सीखने के लिए इनको घोड़े की तरह ही नाक में नकेल डालकर काबू में किए जाने के बाद तरह-तरह के स्टेप रस्सी के इशारे से सिखाए जाते हैं.''

''आमतौर पर 1 साल तक रोजाना ट्रेनिंग देने के बाद ऊंट उनके बताए हुए स्टेप करने लगते हैं. यही डांस और स्टेप शादी विवाह और बारात में खास तौर पर पसंद किए जाते हैं. यही वजह है कि अब राजस्थान से जो ऊंट मध्य प्रदेश या अन्य स्थानों पर खरीद कर ले जाए जा रहे हैं. उनका अधिकांश तौर पर उपयोग पर्यटन में घूमने फिरने के अलावा बरातों में डांस आदि के काम के लिए हो रहा है. इसीलिए उनके पास ऊंट वाले डांस सीखाने के लिए ऊंट भेज रहे हैं.''

डांसर ऊंटों की कीमत लाखों में
दरअसल, बरातों में घोड़े की तरह ही नाचने वाले ऊंट सबसे ज्यादा पसंद किए जाते हैं. महू के ऊंट प्रशिक्षक पप्पू खान बताते हैं कि, ''ऊंट पर बोझ होने का काम कम होने के कारण अब ऊंट का उपयोग शादी विवाह में किया जा रहा है.'' उन्होंने बताया, ''शादियों में बैंड बाजे या डीजे घोड़े के अलावा ऊंट की बुकिंग भी शादी के पैकेज में है. जिसमें प्रति ऊंट की बुकिंग 8000 से ₹15000 तक हो जाती है.''

उन्होंने बताया, ''सामान्य ऊंट की कीमत यदि राजस्थान और रेगिस्तान इलाकों में 50,000 है तो नाचने वाले ऊंट की कीमत मध्य प्रदेश उत्तर प्रदेश और अन्य स्थानों पर 5 से 7 लाख रुपए है. यही वजह है कि घोड़े बग्गी वाले और शादी विवाह के व्यवसाय से जुड़े लोग अब घोड़े के अलावा लाखों रुपए के ऊंट भी शादियों में नाचने के लिए तैयार करवा रहे हैं. जिससे उनकी भी मोटी कमाई हो रही है.''

घट रही है ऊंटों की संख्या
बताया जाता है कि राजस्थान, उत्तर प्रदेश के बाद मध्य प्रदेश में फिलहाल ऊंट की संख्या करीब डेढ़ लाख है. जिनमें अरब ऊंट, ड्रॉमेडरी प्रजाति के ऊंट की संख्या ज्यादा है. आमतौर पर ऊंट वाले राजस्थानी चरवाहे हर साल बारिश के मौसम के बाद बड़ी संख्या में मध्य प्रदेश, राजस्थान के सीमावर्ती इलाकों में आते हैं. जो 8 महीने यहां खेतों और जंगल में डेरा डालकर गुजारा करते हैं. इसके बाद राजस्थान और खासकर जैसलमेर आदि इलाकों में लौट जाते हैं.

राजस्थान में सबसे ज्यादा, तो नागालैंड में एक भी ऊंट नहीं
फिलहाल सिमटते जंगल और ऊंट को दाना पानी उपलब्ध होने को लेकर बढ़ती चुनौतियों के कारण भी ऊंट लगातार कम हो रहे हैं. इनमें राजस्थान में करीब सवा दो लाख ऊंट जबकि गुजरात में मात्र 28,000 ऊंट बच्चे हैं. हरियाणा में मात्र 5000 और उत्तर प्रदेश में ऊंटों की संख्या 2000 के करीब है. जबकि नागालैंड मेघालय जैसे कई राज्यों में फिलहाल एक भी ऊंट नहीं है.

Last Updated : Feb 27, 2025, 11:23 AM IST
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