नैनीताल: उत्तराखंड हाईकोर्ट (Uttarakhand High Court) ने नैनीताल के पंगुट के नैना देवी पक्षी संरक्षण रिजर्व फारेस्ट में बिल्डर द्वारा किए जा रहे सड़क निर्माण को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई (road construction in Naina Devi Bird Conservation) की. मामले को सुनने के बाद उत्तराखंड हाईकोर्ट (Uttarakhand High Court) ने सरकार व वन विभाग से 6 सप्ताह में जवाब पेश करने को कहा है. साथ में कोर्ट ने बिल्डर व अन्य को नोटिस जारी किया है. कोर्ट ने उक्त क्षेत्र में रोड निर्माण पर रोक लगा दी (bans road construction in Naina Devi) है. मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश विपिन सांघी व न्यायमूर्ति आरसी खुल्बे की खण्डपीठ में हुई.
नैना देवी पक्षी संरक्षण रिजर्व फारेस्ट में सड़क निर्माण पर HC ने लगाई रोक, सरकार से मांगा जवाब
नैनीताल के पंगुट के नैना देवी पक्षी संरक्षण रिजर्व फारेस्ट (Naina Devi Bird Conservation Reserve) में सड़क निर्माण पर उत्तराखंड हाईकोर्ट (Uttarakhand High Court) ने रोक लगा दी है. साथ ही इस मामले में सरकार व वन विभाग से 6 सप्ताह में जवाब पेश करने को कहा है.
मामले की सुनवाई के लिए 15 फरवरी 2023 की तिथि नियत की है. मामले के अनुसार बुधलाकोट के ग्राम प्रधान रमेश चन्द्र आर्या ने उत्तराखंड हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा है कि बिल्डर उपेंद्र जिंदल द्वारा पंगुट, नैनीताल के आरक्षित वन क्षेत्र में मोटर रोड का निर्माण किया जा रहा है, जिसमें उन्हें सभी सरकारी मशीनरी की सुविधाएं दी जा रही हैं. हाल ही में वन विभाग द्वारा अनुमोदित हस्तनिर्मित मानचित्र और निर्देशांक को अलग-अलग निर्देशांक के साथ एक डिजिटल मानचित्र में बदल दिया गया है जो बिल्डर उपेंद्र जिंदल के अनुरूप है.
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इसके अलावा बिल्डर द्वारा एक विशाल चार मंजिला होटल का निर्माण किया गया है और अब वह वन भूमि पर भी अतिक्रमण करना चाहता है. जबकि मोटर रोड किसी भी प्राधिकरण द्वारा बिल्डर के पक्ष में स्वीकृत नहीं की गई थी. बिल्डर द्वारा मूल्यवान आरक्षित वन क्षेत्र को नष्ट कर दिया गया है और पक्षियों को अपूरणीय क्षति पहुंचाई है. जबकि यह वन आरक्षित क्षेत्र है. इस पर रोक लगाई जाए.