नैनीताल:आजादी के अमृत महोत्सव के तहत राष्ट्रीय विधिक प्राधिकरण के निर्देश पर देश भर के न्यायालयों में 2 अक्टूबर यानी आज से 14 नवंबर तक विधिक सेवा सप्ताह का आयोजन किया जाएगा. कार्यक्रम के तहत ग्रामीण क्षेत्रों व जो लोग अपनी समस्या लेकर कोर्ट नहीं आ पाते हैं उन तक कोर्ट के सदस्य जाकर उनकी समस्याओं का समाधान करेंगे. जिसके लिए आज हाई कोर्ट परिसर से दो मोबाइल वेन भी रवाना की जाएंगी.
जानकारी देते हुए सिविल जज सीनियर डिवीजन एवं विशेष कार्यकारी अधिकारी सैयद गुफरान ने बताया कि केन्द्र सरकार एवं राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली के निर्देशानुसार 2 अक्टूबर यानी आज से 14 नवंबर तक 'आजादी का अमृत महोत्सव' व 'विधिक सेवा सप्ताह' का उत्सव मनाया जाना है. जिसका शुभारम्भ राष्ट्रीय स्तर पर माननीय राष्ट्रपति, सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश, न्याय एवं विधि मंत्री, न्यायाधीश यूयू ललित, वरिष्ठ न्यायाधीश, सर्वोच्च न्यायालय/कार्यपालक अध्यक्ष, राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा दिल्ली से किया जाएगा.
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सैयद गुफरान ने बताया गया कि उत्तराखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के द्वारा गढ़वाल व कुमाऊं मंडल के जनपदों हेतु दो विधिक सेवा रथों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया जायेगा. जो उत्तराखंड के ग्रामीण व दूरस्थ इलाकों में विधिक जागरूकता एवं साक्षरता कार्यक्रमों का आयोजन कर जनता को उनके अधिकारों की जानकारी व कानूनी परामर्श देंगे.
प्रत्येक दिवस प्रत्येक जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के द्वारा अपने-अपने जनपद के ग्रामीण, तहसील एवं जिला स्तर पर विभिन्न विधिक जागरूकता एवं साक्षरता सम्बन्धी सेमीनार तथा वेबीनार का आयोजन, विधिक जागरूकता शिविरों का आयोजन, जरूरतमंद व्यक्तियों को निःशुल्क कानूनी सलाह एवं सहायता उपलब्ध कराना, स्कूलों एवं कॉलेजों में विधिक कार्यक्रम का आयोजन, चित्रकला एवं निबन्ध प्रतियोगिता का आयोजन, टीवी एवं रेडियों में विधिक साक्षरता कार्यक्रमों का आयोजन, कारागारों में बन्दियों हेतु जागरूकता कार्यक्रम किये जायेंगे. जिसके लिए प्रत्येक जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा अपने जनपद हेतु न्यायिक अधिकारी, पैनल अधिवक्ता एवं पराविधिक कार्यकर्ता की टीम गठित की गयी है.