नैनीतालः नैनीताल से हाई कोर्ट को किसी दूसरी जगह शिफ्ट करने का मामला इन दिनों एक बार फिर से गरमाने लगा है. पूर्व सांसद भगत सिंह कोश्यारी, पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज के बाद अब खुद नैनीताल हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश रमेश रंगनाथन ने नैनीताल से हाई कोर्ट को शिफ्ट करने की बात कही है. उन्होंने हाई कोर्ट की वेबसाइट पर आम लोगों से किसी दूसरी जगह शिफ्ट करने की प्रतिक्रिया मांगी है.
नैनीताल हाई कोर्ट शिफ्ट करने का बार एसोसियशन ने विरोध किया है. वहीं दूसरी ओर मुख्य न्यायाधीश की प्रतिक्रिया से नाराज हाई कोर्ट के अधिवक्ताओं ने आम सभा का आयोजन कर मुख्य न्यायाधीश के इस फैसले की निंदा की. साथ ही हाई कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता त्रिभुवन फर्तयाल ने कहा कि मुख्य न्यायाधीश जज की तरह नहीं बल्कि राजनेता की तरह हाई कोर्ट को चला रहे हैं, जो सरासर गलत है.
वहीं हाई कोर्ट को नैनीताल से कहीं दूसरी जगह शिफ्ट करने की सुगबुगाहट और मुख्य न्यायाधीश द्वारा मांगी प्रतिक्रिया के मामले पर नाराज हुए अधिवक्ताओं ने कहा कि अगर सरकार को किसी विशेष स्थिति में हाई कोर्ट को शिफ्ट करना भी पड़ता है तो सरकार हाई कोर्ट को गैरसैंण या किसी पहाड़ी जिले में बनाये, क्योंकि उत्तराखंड की स्थापना पहाड़ों में विकास को लेकर हुई थी.
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काफी लड़ाइयों के बाद नैनीताल में हाई कोर्ट बनाने का फैसला हुआ, लेकिन अब नैनीताल से हाई कोर्ट को किसी दूसरी जगह शिफ्ट करने का काम किया जा रहा है, जो सही नहीं है.
आपको बता दें कि हाई कोर्ट के वर्तमान न्यायाधीश से पहले पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज, पूर्व सांसद भगत सिंह कोशियरी समेत नैनीताल के स्थानीय लोग हाई कोर्ट को हटाने के लिए आवाज उठा चुके हैं,लेकिन इस बार खुद हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ने हाई कोर्ट को शिफ्ट करने की सोची है जो अपने आप में बड़े सवाल खड़े कर रहा है.