हरिद्वार: गंगा की निर्मलता और स्वच्छता के लिए कई सालों से लड़ाई लड़ रहे मातृसदन के परमाध्यक्ष स्वामी शिवानंद सरस्वती ने हरिद्वार जिलाधिकारी सी रविशकर और एसएसपी सेंथिल अबुदई कृष्ण राज एस पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने अपनी सुरक्षा हटाए जाने पर भी नाराजगी जताई है. उन्होंने मुख्य सचिव ओम प्रकाश से एलआईयू रिपोर्ट की जांच की मांग की है, जिसके आधार पर उनकी सुरक्षा हटाई गई है.
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गंगा की अविरलता और निर्मलता के लिए खनन माफिया, सरकार और अधिकारियों से भिड़ने वाले स्वामी शिवानंद सरस्वती की सुरक्षा एलआईयू रिपोर्ट के बाद फरवरी 2020 में हटा दी गई थी. इससे स्वामी शिवानंद सरस्वती काफी नाराज हैं. उन्होंने कहा कि हरिद्वार डीएम और एसएसपी ने एलआईयू से गलत रिपोर्ट बनवाने का आरोप लगाया है. साथ ही उनका आरोप है कि डीएम समेत अन्य अधिकारियों की मिलीभगत से गंगा में बड़े स्तर पर दिन-रात अवैध खनन हो रहा है. वे कई बार इसकी शिकायत कर चुके हैं, लेकिन पुलिस-प्रशासन कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है.
इसीलिए उन्होंने मुख्य सचिव को पत्र लिखकर हरिद्वार डीएम और एसएसपी को हटाने के साथ ही मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है. अगर ऐसा नहीं होता है तो वे हाईकोर्ट जाएंगे. स्वामी शिवानंद सरस्वती के मुताबिक वे हरिद्वार में 1999 से गंगा के लिए कार्य कर रहे हैं. इस कारण उन्हें अक्सर खनन माफिया और बदमाशों से धमकियां मिलती रहती हैं. 1999 से ही उन्हें पुलिस सुरक्षा दी जाती रही है. लेकिन पिछले साल गलत एलआईयू रिपोर्ट के आधार 19 फरवरी 2020 को उनकी सुरक्षा हटा दी गई थी, जिसके खिलाफ वो कोर्ट जाएंगे.