हरिद्वार: राजस्थान के अलवर जिले के राजगढ़ में हिंदू मंदिर तोड़े जाने के मामले ने तूल पकड़ लिया है. इस घटना को लेकर साधु संतों में आक्रोश देखने को मिल रहा है. संतों का कहना है कि इसलिए उन्होंने केंद्र में बीजेपी की सरकार नहीं बनाई गई थी. सरकार 50 साल पुराने संविधान बचाने के लिए हजारों वर्ष पुरानी संस्कृति को मिटाने पर तुली है. 300 साल पुराने मंदिर को तोड़ा जा रहा है. ऐसे में धर्म संसद एवं काली सेना के लोग अब संयुक्त रूप से अभियान चलाएंगे और अब फिर कोई मंदिर तोड़ा गया तो सरकार की ईंट से ईंट बजा देंगे.
धर्म संसद के संयोजक और शंकराचार्य परिषद के अध्यक्ष स्वामी आनंद स्वरूप ने कहा कि विकास के नाम पर और सड़कों के चौड़ीकरण के नाम पर मंदिर तोड़े जा रहे हैं, लेकिन कोई बोलने वाला नहीं है. उन्होंने कहा कि दिल्ली के जहांगीरपुरी में मस्जिद में कार्रवाई करने पर 15 मिनट में वे लोग सुप्रीम कोर्ट पहुंच गए.
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शंकराचार्य परिषद के अध्यक्ष स्वामी आनंद स्वरूप (Swami Anand Swaroop) ने कहा कि देश में हिंदूवादी सरकार होने का भले ही हो हल्ला मचा हो, सरकार किसी की भी हो. लेकिन सिस्टम उन्हीं के पास है. राजस्थान में 300 साल पुराना मंदिर गिरा दिया (300 year old temple demolition in Rajasthan) पर हिंदू संगठन सब सोते रहे. अब पता चला है कि मंदिर गिराने वाली वहां की नगर पालिका में सरकार भाजपा की है. जिसने मंदिर गिराया हूं.